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सूरत की सुंदर आंटी

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प्रेषक : विनीत …

हैल्लो दोस्तों, में चोदन डॉट का नियमित पाठक हूँ। मेरी इस साईट पर यह पहली और सच्ची कहानी है। मेरा नाम विनीत है, में 26 साल का हूँ और सूरत में रहता हूँ। मेरे घर के सामने एक आंटी रहती है, जो सूरत में ही रहती है और वो जॉब भी करती है। आंटी की उम्र करीब 40 साल है और वो तलाकशुदा है, उनके दो बेटियां है जिसमें से बड़ी की उम्र 21 साल और छोटी की उम्र 18 साल है, उनकी दोनों लड़कियां पढ़ाई करती है। आंटी का फिगर साईज 40-32-36 है और उनकी गांड भारी-भारी है। में जब भी उनके घर जाता तो बस उनके बूब्स और गांड को ही देखा करता था और उनकी बड़ी बेटी का भी साईज 36-28-34 है और उसकी गांड भी बहुत ही प्यारी थी। में आंटी को हमेशा सेक्सी निगाहों से देखता था, लेकिन उन्होंने कभी भी मेरी तरफ गौर नहीं किया था।

फिर एक दिन जब में उनके घर उनसे मिलने गया तो वो अकेली थी और उन्होंने लाल कलर की सिल्की साड़ी पहन रखी थी, जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी, उनका ब्लाउज बहुत ही छोटा था, जिसमें से उनके बूब्स के बीच की काफ़ी गहराई तक नजर आ रही थी। फिर उन्होंने मुझे चाय के लिए कहा, तो मैंने हाँ कर दी, तो वो चाय लेने चली गई। अब में उनके बेडरूम में बेड पर बैठा था और टी.वी देख रहा था। फिर मैंने एक गाना लगाया, तो तभी वो चाय छाए लाई। अब वो गाने में खो गई थी और में उनमें। अब मुझे भी ध्यान नहीं रहा था की वो मुझे चाय का कप दे रही है और में पकड़ना ही भूल गया था, शायद जानबूझकर और गर्म-गर्म चाय मेरी जांघो पर गिर गई थी। तो तब उन्होंने देखा तो वो घबरा गई की गर्म-गर्म चाय और वो दौड़कर गई और एक पानी का गिलास लाकर उस पर डाल दिया और जल्दबाजी में टिश्यू नहीं मिलने पर अपनी साड़ी के पल्लू से उसको साफ करने लगी थी।

फिर जब उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया तो मुझे उनके बूब्स साफ़-साफ़ नजर आ रहे थे, जो कि मेरे घुटनों से दब भी रहे थे, जिससे मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया था। फिर पानी साफ करते- करते उनका हाथ मेरे लंड पर जा लगा। अब वो उसे भी साफ करने लग गई थी और अपने बूब्स को मेरे घुटनों के और करीब करके जोर-जोर से दबाने लगी थी। तब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने उन्हें पकड़कर जोर से उनके होंठो पर एक फ्रेंच किस कर लिया। अब मेरा लंड अभी भी आंटी के हाथ में था और मेरे घुटने उनके बूब्स को कंटिन्यू प्रेस कर रहे थे और मेरे होंठ उनके होंठो को चूस रहे थे। फिर करीब 8-10 मिनट तक में उनके होंठो को चूसता रहा।

अब इस बीच में 2-4 बार उन्होंने और मैंने दोनों ने एक दूसरे को बाईट किया, यानि एक दूसरे का थूक चाटा, जिससे मेरे और आंटी दोनों के होंठ पूरे गीले हो गये थे। फिर जब मैंने किस करना बंद किया तो तब तक वो मेरा लंड मेरी पैंट में से बाहर निकाल चुकी थी और फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। फिर 15-20 मिनट तक वो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूसती रही और में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से जोर-जोर से प्रेस कर रहा था। अब उसने मेरे लंड को अपने दातों से हल्का-हल्का काटना भी शुरू कर दिया था, जिससे मेरे बदन में अजीब सी हरक़त होने लगी थी और फिर मैंने उसके होंठो को जोर से दबा दिया, जिससे उनकी चीख निकल गई थी और अब उन्होंने उत्तेजित होकर मेरे लंड को छोड़कर मेरे होंठो को फिर से किस करना और काटना शुरू कर दिया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी और फिर कुछ ही देर के बाद मेरे पानी का फव्वारा उसके मुँह के अंदर ही निकल गया और वो मज़े से मेरे लंड तो चाट रही थी।

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फिर में बेड पर ही लेट गया और वो मेरे कपड़े उतारने लगी और मेरे पूरे जिस्म पर किस करना शुरू कर दिया। अब उसने अभी तक साड़ी पहन रखी थी। फिर में उठा और उसका ब्लाउज उतारकर एक तरफ डाल दिया और फिर उसकी पिंक कलर की सिल्की ब्रा जिसमें छोटे-छोटे छेद भी थे उतार दी और आहिस्ता-आहिस्ता उसको पूरा नंगा कर दिया और उसके बदन को चाटने लगा था। फिर में एक बर्फ का टुकड़ा लाकर उसके बदन पर फैरने लगा और उसकी चूत पर बर्फ अपने दाँतों में लेकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब वो चिल्ला रही थी और अपनी गांड ऊपर नीचे कर रही थी कि तभी अचानक से बर्फ का टुकड़ा उनकी चूत में चला गया और वो चीख उठी। अब में अपनी उंगली से उस बर्फ को निकाल रहा था, तो तभी वो बोली कि नहीं रहने दो, अच्छा लग रहा है। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने बर्फ को अंदर ही छोड़ दिया और उसकी चूत को चाटने लगा था। अब बर्फ इस गर्मी में पिघल रही थी और बर्फ और चूत का पानी मिक्स होकर बाहर आ रहा था, जिसे में बड़े ही मज़े से चाट रहा था, वो खट्टा और ठंडा पानी बड़े ही मज़े का था और अब आंटी ज़ोर-ज़ोर से चीख-चिल्ला रही थी, मादरचोद खा जाओ इस चूत को, अपनी आंटी की चूत को पूरा का पूरा खा जाओ। फिर मैंने और जोर- जोर से चाटना शुरू कर दिया। अब में उसकी चूत को अपने दातों से काटने लगा था और अब आंटी की आवाज भी तेज हो रही थी। अब दूसरी तरफ मेरे दोनों हाथ उनके 40 साईज के बूब्स को जोर-जोर से दबा रहे थे और अब उनके बूब्स पूरी तरह से लाल हो गये थे और उनका दूध भी निकलने लग गया था। फिर उनकी चूत को चाटने के बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेटाया और कहा कि आजा मादरचोद आ तू मेरा दूध भी पी ले और में जोर-जोर से उनके बूब्स को चूसने लगा था, उनका दूध भी बहुत ही टेस्टी था। फिर करीब 15 मिनट तक उनके बूब्स चूसने और दूध पीने के बाद मैंने उनको डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया और उनकी गांड पर बटर लगाकर अपने 7 इंच के लंड को उनकी गांड में डाल दिया। फिर तभी वो चीख उठी और बोली कि निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और जोर-जोर से झटके देने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद आंटी को भी मज़ा आने लगा और अब वो भी मस्ती से अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी थी।

अब मेरे दोनों हाथ उसकी गांड पर और मेरा लंड उनकी गांड में था। फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने अपना पानी उनकी गांड में ही निकाल दिया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो आंटी उसको चाटने लगी थी। फिर में आंटी के ऊपर ही लेट गया और उनके होंठो को चूसता रहा और उनकी चूत में अपनी एक उंगली करता हुआ लेटा रहा। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों नंगे ही उठे और किचन में गये और वहाँ कुछ जूस और दूध पिया। फिर मेरे हाथ में बेलन आ गया, जो मैंने उनकी चूत में डाला। तो तब उन्होंने बोला कि बेलन छोटा है, अपना लंड मेरी चूत में डालो और फिर मैंने आंटी को किचन में ही लेटाया और उनकी दोनों टाँगे अपने कंधो पर रख दी और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया, पहले आहिस्ता- आहिस्ता और फिर थोड़ी देर के बाद में जोर-जोर से झटके देने लगा। फिर वो चीख उठी और बोली कि मादरचोद और जोर से चोद, फाड़ दो मेरी चूत को अपने लंड से, आह में मर गई जैसी आवाज़ें निकाल रही थी और में जोर-जोर से झटके दे रहा था। फिर करीब 8-10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने कहा कि में झड़ने वाला हूँ। तब उन्होंने बोला कि मेरे अंदर ही झाड़ दो और फिर मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया और आंटी के ऊपर ही लेट गया था। अब में और आंटी दोनों थोड़ा थका हुआ महसूस कर रहे थे। फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे और फिर में उनके ऊपर लेटकर आहिस्ता-आहिस्ता उनके बूब्स चूसने लग गया। फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला तो हमने चुदाई का भरपूर आनंद लिया ।।

धन्यवाद …

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