रोजाना नई सेक्स कहानियाँ

सेक्स का सौदा किया

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प्रेषक : दीपक …

हैल्लो दोस्तों, क्या कभी किसी ने चुदाई करने से पहले ये सोचा होगा कि ये चीज़ सज़ा भी हो सकती है? लेकिन ऐसा होता है। में आज आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो एक सज़ा ही है और में जिसे दिलो जान से प्यार करता था, वो किसी और की हो गयी और सब कुछ फिर वैसा हो गया, जैसा पहले था और फिर टाईम बीतता गया और वक़्त कटता गया। फिर एक दिन अचानक से उसका फोन आया तो में अपने होश खो बैठा। फिर उसने मुझसे मिलने के लिए कहा तो में मान गया। फिर हम 2 दिन के बाद उसके ही घर में मिले और जो कि मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था। फिर उसने अपनी कहानी सुनाई कुछ रोई, कुछ शरमाई और धीरे से मेरी बाहों में आ गयी। अब में ना चाहते हुए भी कुछ सोच नहीं पा रहा था और उसके बदन का सारा उभार बदल चुका था। अब उसके बूब्स ज्यादा बड़े हो गये थे और गालों पर लाली आ गयी थी।

अब में इससे पहले कुछ समझ पाता उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरी पेंट की चैन खोलने की कोशिश करने लगी, तो में कुछ नहीं बोला और चुपचाप बैठा रहा। फिर थोड़ी देर के बाद मेरा लंड अपने पूरे शबाब पर आ गया और वो अपनी ललचाई आँखों से उसे देखने लगी और अचानक से अपने होंठो को खोलकर झट से अपने मुँह के अंदर डाल लिया और फिर चूसते हुए पूछने लगी कि जान कैसा लगा मेरा ये शॉट? तो मैंने हैरानी से पूछा कि तुम तो बहुत होशियार हो गयी हो। तो वो झट से बोली कि अरे बाबा ये तो रोज़ का काम है और मेरे पति को चुसवाना ही पसंद है, वो साला रोज़ अपना लंड निकालकर खड़ा हो जाता है और चूसने के लिए बोलता है, अब तो आदत सी हो गयी है, अरे तुम ऐसे क्यों बैठे हो? प्लीज मेरे बूब्स को दबाओ। यह देखो तुम्हारे लिए कितने बैचेन है?

अब में यह सब सुनकर पागल सा हुए जा रहा था। ये वही थी जिसको चोदने के चक्कर में एक बार मुझे बहुत मार पड़ी थी और आज वो ही मेरे लंड के साथ बड़ी बेसब्री से खेल रही थी, तो तब उसने एक बात और कही, देखो तुम मुझे शादी से पहले चोदना चाहते थे और में तुमसे चाहकर भी नहीं चुद पाई, लेकिन अब में तुमसे ऐसे चुद रही हूँ कि मानो में तुमसे रोज चुदती हूँ। में तुमसे एक सौदा करना चाहती हूँ अगर तुम मेरा साथ दो तो। फिर मैंने पूछा कि कैसा सौदा? तो उसने कहा कि देखो मेरे पति ने मुझे बहुत चोदा और अपने बॉस से भी चुदवाया और अपना प्रमोशन करवा लिया और में ना चाहकर भी इस चस्के में पड़ गयी और मेरी भूख भी बढ़ गयी। फिर मैंने उसके बाद घर के नौकर को पटा लिया और उससे रोज़ चुदने लगी, तो एक दिन मेरे पति ने मुझे देख लिया और हमारी बहुत लड़ाई हुई। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने उसके साथ ना रहने का मन बनाया है और मुझे पता था कि तुम मुझे पसंद करते हो इसलिए में तुम्हारे पास आई हूँ, देखो तुम मुझे अपना नाम दो और में तुम्हें वो सब दूँगी, जो तुम कभी सपने में भी नहीं सोच सकते। फिर में हैरान होकर उसकी बातें सुनता रहा और उधर मेरा लंड टेंशन में बैठ गया। फिर उसने आगे कहना शुरू किया देखो तुम मुझे यूज़ कर सकते हो और में साथ में तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूँगी और तुम्हें रोज़ नई-नई लड़कियों से मिलाऊँगी अगर तुम्हें मेरा सौदा पसंद हो तो बोलो और आ जाओ, मुझे जी भरकर चोद डालो। अब में कुछ समझ नहीं पा रहा था कि क्या कहूँ? क्या ना कहूँ? लेकिन मेरे दिमाग में सब कुछ उल्टा चल रहा था। अब मेरे सामने इतनी प्यारी चूत थी और साथ में बोनस के तौर पर बहुत सारी लड़कियाँ भी मिल रही थी। अब ये सोचते ही मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था और फिर मैंने उसका मुँह पकड़कर अपने लंड पर रख दिया और उससे चूसने के लिए कहा, तो वो मुस्कुरा दी और लपालप मेरे लंड को चूसने लगी और फिर उसके बाद मैंने उसे खूब चोदा ।।

धन्यवाद …

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