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साक्षी के साथ सेक्स का खेल खेला

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प्रेषक : निखिल …

हैल्लो दोस्तों, फिर से सभी दोस्तों को सलाम नमस्ते। मुझे लड़कियों में दिलचस्पी ज़्यादा है। मेरा घर मुंबई में बांद्रा में है और में हमेशा शाम को वॉक पर आने वाली दीदीयों के बूब्स और चूतड़ देखता हूँ। मुझे उनके हिलते हुए चूतड़ देखने में बड़ा मज़ा आता है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है। अब कभी कभी तो कुछ दीदीयाँ इतने टाईट कपड़े पहनती है कि जिसमें से उनके बड़े-बड़े बूब्स और चूतड़ देखकर ऐसा लगता है कि अभी जाकर उनके कपड़े फाड़ दूँ और उनको उधर ही चोद डालूं और इन ख्यालों में में अपना तना हुआ लंड अपने हाथ से हिलाता हूँ। मैंने अभी तक कॉलेज की पाँच लड़कियों को चोदा है, जो कि सब मेरी सीनियर्स थी, लेकिन में हमेशा किसी बड़ी उम्र वाली औरत को चोदना चाहता था, बड़ी औरत यानी 26-30 साल वाली हरी भरी गांड वाली और अगर कुँवारी चूत हो तो मजा आ जाए। में हमेशा मेरी पड़ोस वाली आंटियों और रिश्तेदारी में मामी, दीदी के चूतड़ और बूब्स देखा करता हूँ, लेकिन किसी औरत को चोदने की तमन्ना बाकी थी।

मेरी पड़ोस वाली दीदी जिसका नाम साक्षी है, उसकी उम्र 28 साल है। में उसे दीदी ना कहकर साक्षी ही कहूँगा। में बचपन में छुट्टियों में हमेशा साक्षी के घर जाया करता था, वो मुझे बहुत चाहती थी, लेकिन तब में छोटा था। में भी उसे चाहता था मगर एक दीदी की तरह, लेकिन जब में बड़ा हुआ तो तब मुझे सेक्स के बारे में पता चलने लगा। अब जब में साक्षी के घर जाता तो वो मुझे गालों पर चूमती, मुझे हग करती तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। अब में भी उससे लिपट जाता और उसकी पीठ पर से अपना हाथ घुमा देता था। कभी-कभी तो उसके बूब्स मेरी छाती पर लगते तो मुझसे रहा नहीं जाता था, लेकिन में खुद पर कंट्रोल कर लेता और बाथरूम में जाकर साक्षी के नाम की मुठ मार देता था।

अब रात को सोते समय में हमेशा सोचता था कि साक्षी दीदी के बूब्स कितने बड़े होंगे? उसकी झाटों से भरी चूत को चूमने और चाटने में कितना मज़ा आएगा? और एक बार साली गांड के दर्शन करा दे तो गंगा नहा लूँ। में हमेशा उनका सीरियल देखा करता हूँ तो साड़ी में लिपटी साक्षी का रेप करने को दिल चाहता है, ऐसा लगता है मानो अभी टी.वी के अंदर घुसकर उसकी साड़ी में लिपटी गांड पर अपना लंड रगड़ दूँ, उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी गांड को चूम लूँ, चाटू और उसकी गांड में उंगली डाल दूँ। में उसे एक बार नंगी करके चोदना चाहता था।

फिर जब भी अपने चूतड़ हिलाकर चलती थी तो ऐसा लगता था कि उसे पीछे से पकड़कर अपना लंड उसकी चूत में डालकर उस रंडी को चोद डालूं, लेकिन आख़िर में वो मेरी दीदी थी इसलिए में कुछ नहीं कर पा रहा था। फिर लास्ट टाईम जब में साक्षी के घर गया तो तब मैंने बाथरूम में उसकी ब्रा और पेंटी देखी। फिर जब मैंने उसकी पेंटी को सूँघा तो मुझे नशा सा होने लगा, क्या मस्त खूशबू थी उसकी चूत की? तो तब मैंने सोचा कि काश में उसकी पेंटी होता तो उसकी चूत से पूरा दिन लिपटा रहता। अब में अकेले में बोल रहा था आ साली रंडी साक्षी दीदी चुदवा मुझसे, तुझे तो में रंडी बनाकर चोदूंगा, साली क्या गुलाबी चूत होगी तेरी? कुत्तिया और फिर उसकी चूत के ख्यालों में मैंने अपना लंड बाहर निकाला और अपना सारा माल उसकी पेंटी में डाल दिया। अब में अपने कमरे में बैठा हुआ था। तभी साक्षी दीदी अंदर आ गई। तब मैंने उसे स्माइल दी, तो तब उसने मुझे गालों पर चूमा और हग किया। तब वो किसी सीरियल की शूटिंग पर से आई थी और साक्षी ने पारदर्शी साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज पहना था, उसका ब्लाउज थोड़ा लो-कट था और उसे देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर वो मेरी तरफ हल्की सी मुस्कुराई और बोली।

साक्षी : निखिल कैसे हो? और क्या चल रहा है?

में : कुछ खास नहीं दीदी?

साक्षी : तुमने कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या नहीं?

में : (में उनकी बात सुनकर शॉक हो गया था) नहीं दीदी।

साक्षी : तेरी उम्र में तो सब लड़के लड़कियों के पीछे भागते है।

तो तब मैंने सिर्फ़ शर्म से अपनी गर्दन झुका दी और कुछ नहीं बोला। तभी उसका मोबाईल हाथ से गिरा और वो उठाने के लिए झुकी तो उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा और अब मेरी नजर साक्षी के बूब्स पर थी, हाए क्या नज़ारा था? तब उसने देखा कि मेरी नजर उसके बूब्स पर है, तो वो अपना पल्लू ठीक करके चली गई। फिर दूसरे दिन सुबह जब वो मेरे लिए नाश्ता टेबल पर रख रही थी तो तब उसने जानबूझकर अपना पल्लू नीचे गिरा दिया। अब मेरी नजर फिर से उसके बूब्स पर थी। फिर मुझे उसके बूब्स देखता हुआ देखकर साक्षी बोली कि क्या देख रहे हो? पसंद आ गये हो तो बता दो? तो तब मैंने सोचा कि यही सही मौका है, साली की अभी तक शादी नहीं हुई है इसलिए लंड के लिए तड़प रही होगी कुत्तिया और फिर में हिम्मत करके उससे बोला कि अगर चूसने को मिल जाए मजा आ जाए। तब साक्षी ने अपनी साड़ी खोल दी। अब वो सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। अब उसके मुलायम बूब्स को देखकर में पागल हो गया था और उसके पास जाकर उससे चिपक गया।

फिर मैंने अपना एक हाथ साक्षी के बूब्स पर रखा और अपने एक हाथ से उसके पेटीकोट के ऊपर से उसके चूतड़ सहलाने लगा था। फिर वो मुझे देखकर मुस्कुराई तो तब में उसके होंठो को पागलों की तरह चूमने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसका ब्लाउज उतारा और उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। फिर मैंने अपनी पेंट उतार दी। फिर मैंने उसके कान में कहा कि में कब से तुम्हें चाहता हूँ? और तेरी चूत मारना चाहता था। तब साक्षी बोली कि में जानती हूँ मेरे राजा, जब तुम मेरी पेंटी की खुशबू सूंघ रहे थे और अपना लंड हिला रहे थे तो तब तुम बाथरूम का दरवाजा लॉक करना भूल गये थे और मैंने वो सब देख लिया था। मैंने उस दिन तेरा लंड देखा तो मेरी चूत में खुजली सी होने लगी थी तो तब मुझे लगा कि तू अब बड़ा हो गया है और तुम्हें भी चूत की जरूरत है और मैंने वो भी सुन लिया था, जो तुम मेरे बारे में बोल रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर तब मैंने कहा कि तुम्हें बुरा तो नहीं लगा ना? तो तब साक्षी बोली कि उसमें बुरा लगने वाली क्या बात है? में तो खुश हूँ कि तू तेरी दीदी को चोदना चाहता है और चुदाई करते समय अगर गंदी-गंदी बातें करे तो चुदाई का मज़ा और आता है, अब तू बता तू मेरे बारे में क्या सोचता है? तो तब में बोला कि साक्षी आई लव यू, में तेरा नाम लेकर बहुत बार अपना लंड हिला चुका हूँ, तेरे होंठ देखता हूँ तो ऐसा लगता है कि चूस डालूं, तेरे बूब्स का सारा दूध पी लूँ, तेरी गांड की तो सारी दुनियाँ दीवानी है, तेरी गांड तो मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है। तब साक्षी बोली कि क्यों ऐसी क्या बात है मेरी गांड में? तो तब मैंने कहा कि साड़ी में तेरी टाईट गांड देखकर तो बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए, जी करता है कि तेरी गांड में उंगली डाल दूँ। तब साक्षी हंसने लगी और मैंने कहा कि में तो तेरा मूत भी पी लूँगा साली रंडी। अब मैंने उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी थी और अब वो मेरा लंड सहला रही थी। तब साक्षी बोली कि और क्या तुझे मेरी चूत अच्छी नहीं लगती?

फिर तब में बोला कि तेरी रसीली चूत के तो सब दीवाने है भोसड़ेवाली, तेरी चूत के चक्कर में कितने अपना लंड रोज़ हिलाते होंगे? मेरे दोस्त भी तो तेरी इसी चूत के पीछे पागल है, में तो इस चूत का भूत बनकर रहना चाहता हूँ। अब मैंने उसकी ब्रा और पेंटी निकाल दी थी और अब में उसकी गुलाबी चूत देखकर पागल हो गया था। फिर मैंने उसे हर जगह किस करना शुरू किया। अब साक्षी भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर साक्षी ने कहा कि में पेशाब करके आती हूँ। तो तब मैंने कहा कि में तुझे पेशाब करते देखना चाहता हूँ, तेरा पेशाब का स्वाद चखना चाहता हूँ। तब साक्षी बोली कि चल आज में तुझे अपना मूत पिलाती हूँ। फिर हम दोनों बाथरूम में गये और वो मूतने बैठ गई। फिर में मेरा मुँह उसकी चूत के पास ले गया और उसका मूत पीने लगा। तब वो हंस पड़ी वाह क्या टेस्ट था उसके पेशाब का? फिर हम बेडरूम में आए। फिर मैंने उसे लेटा दिया और उस पर चढ़ गया। अब मेरा तना हुआ लंड देखकर उसकी चूत में पानी आ गया था और अब मुझे भी उसकी चूत का मज़ा लेना था।

फिर साक्षी बोली कि अब देर मत कर और जल्दी से चोद दे मुझे, आज जी भरकर मरवाऊंगी अपनी चूत, डाल अपना लंड मेरी चूत में निखिल। तब में साक्षी के मुँह से चुदाई की बातें सुनकर और बेताब हो गया और फिर मैंने उसकी चूत में मेरा लंड डाल दिया। तो उस साली की चूत में अपना लंड डालने के बाद मुझे लगा कि साक्षी कुँवारी नहीं है, वो साली पहले और भी केले खा चुकी है। फिर मैंने उसे चोदना शुरू किया। अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी थी। अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था। तब साक्षी बोली कि और चोदो, चोदो मुझे, आ आ प्लीज, चोदो, आहह। फिर में 20 मिनट तक उसे चोदता रहा। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों झड़ गये और एक दूसरे की बाँहों में सो गये। फिर जब दोपहर में मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि साक्षी किचन में खाना बना रही थी। अब उसने सिर्फ़ गाउन पहना था और वो भी पारदर्शी था। अब मुझे उसके अंदर का सब कुछ दिखाई दे रहा था। अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर मैंने पीछे से जाकर उसे पकड़ा और अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा और उसे किस करने लगा था। तब साक्षी बोली कि यह क्या कर रहे हो? मुझे खाना तो बनाने दो।

फिर तब मैंने कहा कि साक्षी नाटक मतकर, चल जल्दी से नंगी हो जा, एक तो मुझे रिझाने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है और फिर रुकने को कहती है, अभी तो तेरी जाँघ और चूत भी तो चाटनी है। तब साक्षी बोली कि में जानती हूँ कि तुझे जरा सा भी सब्र नहीं है, निखिल जरा सब्र रखो, सब्र का फल बहुत मीठा होता है। तब मैंने कहा कि तुमने मुझे इतना दीवाना बना दिया है कि अब रहा नहीं जाता है और फिर मैंने उसकी गाउन को ऊपर किया और उसकी गांड में अपना लंड डालकर उसे चोदने लगा था। अब वो चिल्लाने लगी थी आआहह, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, में मर जाऊँगी, आह बहुत दर्द होता है, निकाल तेरा लंड निखिल, लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसकी गांड मारता रहा। फिर उसकी गांड मारने के बाद मैंने उसे वहीं किचन में ही लेटा दिया और उसकी चूत और जांघो को चूमने और चाटने लगा था।

फिर में अपनी जीभ को उसकी चूत में अंदर तक ले गया और चूसता रहा, वाह क्या रसीली चूत थी उसकी दोस्तों? अब वो झड़ गई थी। फिर मैंने भी उसका सारा पानी पी लिया, क्या मस्त टेस्ट था उसकी चूत के पानी का? क्या बताऊँ? अब मेरी उसकी चूत चाटने की बरसों की तम्माना पूरी हो गई थी। तब साक्षी बोली कि मेरी चूत तो चाट ली, अब में तेरा लंड चूसूंगी और फिर उसने झुककर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी। अब लंड चूसते-चूसते में उसके बूब्स और चूतड़ को दबा रहा था। अब वो मेरे लंड का सारा पानी पी गई थी। अब वो एकदम रांड लग रही थी। फिर हमने खाना होटल से मँगवाया और खाने लगे। फिर वो बोली कि कपड़े तो पहनने दो। तब में बोला कि क्या जरुरत है? कपड़े तो वैसे भी में 10 मिनट में तेरे उतार ही दूँगा और फिर मैंने उसे खींचकर मेरी जांघो पर बैठा लिया और फिर हम खाना खाने लगे।

अब उसकी गांड की गर्मी से मेरा लंड खड़ा हो गया था और उसकी गांड से टकराने लगा था। तब साक्षी बोली कि तू तो आज मेरी चूत का भोसड़ा बनाने वाला है, कितनी बार चोदेगा अपनी इस रंडी को? तो तब में बोला कि तुझे तो में ज़िंदगीभर अपनी रंडी बनाकर रखूंगा और दिन में पाँच बार चोदूंगा। और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और धक्के देने लगा था।

फिर मैंने उसे थोड़ा झुकाया और पीछे से डॉगी स्टाइल से उसकी चूत का मज़ा लेने लगा। अब वो भी चिल्ला रही थी। फिर उस दिन मैंने उसको 5 बार चोदा और उसकी चूत लाल-लाल कर दी थी। फिर उस दिन मैंने उसे पूरे दिन सारी रात नंगा ही रखा और जब जी चाहता उसकी चूत मार लेता या जो जी में आता वो करता। फिर रातभर हम दोनों एक ही बिस्तर में नंगे रहे और मैंने उसकी रातभर चटनी बनाई। अब चुदाई का यह सिलसिला आज भी बाकी है, अब में हर महीने में कम से कम दो दिन के लिए साक्षी के घर जाकर उसे चोदता हूँ। अब में जब भी उसके घर जाता हूँ तो जाते ही उसे नंगा कर देता हूँ और जब तक में उसके पास रहता हूँ, तो वो नंगी ही रहती है और हम दोनों खूब मजे करते है ।।

धन्यवाद …

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