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प्यासी चूत के साथ एक जंग

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प्रेषक : जैन …

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम जयंत है। मुझे चोदन डॉट कॉम की स्टोरियाँ पढ़ते हुए काफ़ी टाईम हो गया है। आज में आपको अपनी एक रियल स्टोरी बताता हूँ। यह बात उन दिनों की है जब में नया-नया चैटिंग करने लगा था। तब मेरी एक नेट फ्रेंड बनी, उसका नाम निदा था, जो हैदराबाद में रहती है। में हर रोज उसके साथ चैट करता था और चैट करते-करते पता नहीं हम कब एक दूसरे की सारी बातें जान गये? फिर उसने मुझे बताया कि उसको सेक्स बहुत पसंद है। तो एक दिन में उससे मिलने हैदराबाद चला गया। तो तब उसने प्रोग्राम बनाया और फिर हम दोनों उसकी एक फ्रेंड के घर चले गये, वहाँ पर उसकी एक फ्रेंड पहले से ही थी, उसने अपना नाम रानी बताया था। फिर हम कुछ देर तक बातें करने के बाद एक अलग कमरे में चले गये, वो कमरा बहुत महक रहा था।

अब रानी हम दोनों को बाहर से लॉक करके चली गयी थी। अब घर में सिर्फ़ निदा और में ही था। फिर निदा मेरे पास आई और कहने लगी कि कुछ ऐसा करो कि में तुमको ज़िंदगीभर याद रखूं। फिर मैंने पहले उसको अपनी बाँहों में लेकर उसके लिप्स पर किस करना शुरू किया, यार निदा बहुत ही सॉफ्ट लड़की थी, लेकिन बहुत ही सेक्सी, पंजाबी लड़कियां तो सेक्सी और खूबसूरत होती ही है, वैसी ही निदा थी एकदम गोरी। फिर मैंने उसके बूब्स पर हाथ लगाया, तो उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी।  फिर में उसके पीछे आकर उसके दोनों बूब्स दबाने लगा और उसको पीछे से चूमने लगा और उसके बाल खोल दिए और उसका टॉप उतार दिया था। फिर मैंने उसके दोनों हाथ पीछे करके बाँध दिए। तो तब वो बोली कि यह क्या कर रहे हो? तो तब मैंने कहा कि बस देखती जाओ, तो वो मुस्कुराने लगी।

फिर में उसके कंधो से उसकी पिंक ब्रा का एक स्टेप उतारकर उसके एक बूब्स पर कट करने लगा। तो वो थोड़ी-थोड़ी पागल होने लगी। फिर मैंने उसकी ब्रा को उतारकर उसके गोरे-गोरे बूब्स को देखा तो देखता ही रह गया, क्या कमाल के बूब्स थे उसके? फिर मैंने उसको जमीन पर ही लेटाकर उसके बूब्स को 30 मिनट तक खूब चूमा और उसके बूब्स पर खूब सारे कट किए। अब वो तड़पने लगी थी, अब उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी थी। अब उसके बूब्स पिंक कलर के हो गये थे। फिर मेरा हाथ बार-बार उसकी चूत पर जाता तो में उसकी चूत को ऊपर से ही मसलता और छोड़ देता था। अब वो जोर-जोर से सिसकियाँ ले रही थी और बोली कि फुक मी जयंत फास्ट। फिर मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत मसली, तो वो बहुत गीली हो चुकी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी तो वो बिल्कुल गीली थी। फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत के पास किस किया, तो उसकी चूत से बहुत सारा रस निकल गया। अब वो फ्री हो गयी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने उसकी चूत को छोड़कर अपने पूरे कपड़े उतार दिए और अपना लंड उसके गुलाबी लिप्स से लगा दिया। अब वो मस्त होकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा होकर निदा की चूत मारने के लिए तैयार था। फिर मैंने निदा की चूत पर अपना एक हाथ लगाया।  अब वो गर्म हो चुकी थी। फिर उसने कहा कि अब रहा नहीं जाता, प्लीज फुक मी हार्ड, में इस लंड को अपनी चूत में लेने के लिए मर रही हूँ, डाल दो प्लीज, जयंत तुम जो बोलोगे वो में करूँगी। तो तब मैंने कहा कि अभी थोड़ा रूको। फिर तब उसने अपनी दोनों टांगे खोलकर मुझसे कहा कि नहीं, अब नहीं रहा जाता, प्लीज इसको अंदर डाल दो। फिर मैंने अपनी पैर की उंगलियां उसकी चूत पर घुमाई। तो वो तड़पने लगी और बोली कि तुम बड़े शरारती हो, एक खूबसूरत चूत तुम्हारे सामने नंगी पड़ी तुम्हारे लंड का इंतज़ार कर रही है और तुम मजे ले रहे हो, मुझ पर कुछ तो रहम करो, में मर जाऊंगी।

फिर जैसे ही मैंने अपनी पैर की उंगली उसकी चूत पर लगाई, तो वो जोर-जोर से सिसकियाँ लेने लगी।  अब वो एक बार फ्री हो गयी थी, अब उसकी हालत और खराब हो गयी थी। फिर जब मैंने उसकी चूत की सकिंग शुरू की और उसकी चूत में अपनी एक उंगली डालकर उसकी चूत मारने लगा। तो वो तड़पने लगी और बोली कि प्लीज मेरे हाथ खोल दो। फिर तब मैंने कहा कि अभी नहीं डार्लिंग और फिर मैंने उसको खड़ा कर दिया और उसको अपने लंड के पास बैठाकर उसके मुँह में अपना लंड डालकर उसको अपना लंड खूब चुसाया। फिर मेरे लंड ने उसके बूब्स की मसाज ली और अब मेरा लंड उसको चोदने के लिए तैयार हो गया था। फिर मैंने उसकी दोनों टांगे खोली और थोड़ी देर तक उसकी चूत पर अपना लंड घुमाया। अब वो उछल-उछलकर मेरा लंड अंदर लेने को झटपटा रही थी। फिर मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया, तो वो दर्द से चिल्लाने लगी।

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अब में अपना लंड वापस निकालने ही वाला था। तब वो बोली कि प्लीज बाहर मत निकालो, में इसको लिए बिना नहीं रह सकती, प्लीज मेरी चीखो को मत सुनो और घुसा दो मेरी चूत में, फटती है तो फटने दो, बस अपना लंड अंदर डाल दो, तुमने मुझे पागल कर दिया, अब में नहीं रह सकती हूँ। फिर मैंने उसके कंधो से उसको पकड़ा और एक जोर के झटके के साथ अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया।  अब उसकी आँखो में से आँसू निकलने लगे थे, शायद अब उसको बहुत दर्द हो रहा था  और कहने लगी कि काश यह पल यही रुक जाए और तुम्हारा यह लंड मेरी चूत में ही पड़ा रहे। फिर मैंने धीरे-धीरे उसको चोदना शुरू किया और फिर अपनी स्पीड तेज करता चला गया। अब पूरे रूम में उसकी सिसकियाँ गूंजने लगी थी आहह, आहह, ऊऊहह और जोर से जयंत और जोर से, तुम जो बोलोगे वो में करूँगी, तुमने तो मुझे अपनी दासी बना दिया, वाउ इतनी प्यास तो मुझे आज तक नहीं लगी। फिर में उसकी बातें सुनता रहा और जोर-जोर से झटके मारता रहा। फिर थोड़ी देर के बाद वो फ्री हो गयी। अब मेरा लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा था और फिर थोड़ी देर के बाद में भी फ्री हो गया।

फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक दूसरे से लिपट गये। फिर थोड़ी देर के बाद हमको होश आया, तो वो मुस्कुराती हुई बोली कि यू आर ए कंप्लीट पार्टनर, अब में कभी तुमको नहीं भूल सकती, अब उसका पूरा बदन पिंक कलर का हो चुका था। फिर उसने कहा कि इतनी मस्त चुदाई तो मैंने आज तक किसी से नहीं करवाई, काश हमारी शादी हो जाए, तुम जैसे पति से तो में रोज चुदना पसंद करूँगी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से उसको चोदा। फिर 3-4 बार चोदने के बाद हम अलग हुए, क्योंकि अब उसकी फ्रेंड का आने का वक़्त हो चुका था। फिर थोड़ी देर के बाद उसकी फ्रेंड आ गयी और रूम की हालत देखकर मुस्कुराने लगी और बोली कि क्यों जयंत जी सब बर्बाद किया हुआ है? लगता है बड़ी तगड़ी जंग हुई है? मेरी दोस्त को निहाल तो कर दिया ना? तो तब मैंने कहा कि अपनी दोस्त से ही पूछ लो। तो तब निदा बोली कि मेरे पास बताने के लिए शब्द नहीं है और फिर शाम को में वापस अपने शहर चला आया ।।

धन्यवाद …

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