रोजाना नई सेक्स कहानियाँ

पूनम को खूब तस्सली से चोदा

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प्रेषक : मयंक …

हैल्लो दोस्तों, मेरी चोदन डॉट कॉम पर यह दूसरी कहानी है और अब मुझे चुदाई किए काफ़ी दिन हो गये थे। अब में चुदाई के लिए बहुत बैचेन था तो मैंने दिल्ली में एक वॉटर पार्क है, वहाँ पर कपल्स के लिए 2000 रुपए में पैकेज है, जिसमें वॉटर पार्क लंच और एक ए.सी रूम 24 घंटों के लिए मिलता है। तो मैंने वहाँ का पैकेज लिया और में वॉटर पार्क में नहीं गया और सीधा पूनम को लेकर रूम में चला गया। फिर मैंने पहले रूम को चैक किया और फिर पूनम को लेकर बेड पर चला गया। फिर मैंने उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए। अब एक तो में बहुत दिनों का प्यासा था और दूसरा उसके होंठ बहुत मुलायम थे। अब में उन्हें पागलों की तरह चूस रहा था और अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।

फिर मैंने धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारने शुरू किए और पहले उसका सूट उतारा। अब उसके 36 इंच के बूब्स उसकी ब्रा को फाड़कर बाहर आने को बेताब थे, तो में उन्हें पहले तो कुछ देर तक बाहर से ही मसलता रहा और उसके होंठो को चूसता रहा। फिर मैंने उसकी ब्रा खोली और उसके बूब्स को मसलने लगा। अब उसके बूब्स मेरे एक हाथ में नहीं आ रहे थे तो अब में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसल रहा था। फिर मैंने उसके बूब्स को पीना शुरू किया और उसके बूब्स इतने रसीले थे कि क्या बताऊँ? अब मेरा उन्हें छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था और अब में उन्हें पागलों की तरह चूसे जा रहा था। फिर मैंने उसकी सलवार खोली और अब उसकी पेंटी एकदम गीली हो चुकी थी।

फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी और पहले उसकी जांघो को चाटना शुरू किया। अब में उसकी एक जांघ को चाट रहा था और दूसरी जांघ को मसल रहा था। अब वो एकदम तड़प रही थी और अपने मुँह से सिसकियाँ और आवाज़ निकाल रही थी। फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया, तो वो एकदम पागल सी हो गई और अब उसके सारे बाल खुल गये थे। फिर मैंने एक बार अपना मुँह ऊपर उठाने की कोशिश की, तो उसने मेरे मुँह को अपनी चूत पर दबा दिया। अब वो उम्म्म्मममम, आहह, उईईईईई, माआआआआ की आवाज़े निकाल रही थी। अब उसकी चूत दो बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और अब वो थक चुकी थी और मेरे आगे गिड़गिड़ाने कि लगी प्लीज कुछ देर के लिए रुक जाओ। फिर में उठा और अपने कपड़े उतारने लगा, तो उसने भी मेरे कपड़े उतारने में मेरी मदद की और उसकी चूत बड़ी थी।

फिर उसने मेरी गर्दन, मेरे होंठ, मेरी छाती सब चाटी। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और अपनी कमर हिलाने लगा। अब में काफी गर्म हो गया था, इसलिए मेरा माल सिर्फ़ 5 मिनट में ही निकल गया। फिर हम दोनों अटैच बाथरूम में गये और अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। फिर मैंने नीचे से उसके ऊपर साबुन लगाना शुरू किया और उसके पैरों, उसके घुटनों, जांघो और उसकी चूत पर साबुन लगाया और अपनी 2 उंगलियों से काफ़ी देर तक उसकी चूत मसलता रहा। अब मेरा लंड खड़ा हो गया था तो मैंने शॉवर बंद किया और उसे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया। फिर उसने अपने हाथ दीवार पर रखे और एक अपनी टांग उठा दी। अब मुझे उसकी चूत का मुँह साफ-साफ़ नज़र आ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और कसकर एक धक्का मारा, क्योंकि उसकी चूत और मेरे लंड दोनों पर ही साबुन लगा हुआ था, इसलिए मेरा लंड सीधा अंदर घुसता चला गया और उसके मुँह से चीख निकल गई आअहह में मर गई, बाहर निकालो इसे, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था? तो में पीछे से उसके बूब्स मसलने लगा। अब साबुन लगे होने से उसके बूब्स को मसलने में अलग ही मज़ा आ रहा था और में धक्के मारता रहा और वो भी थोड़ी देर के बाद मेरा साथ देने लगी। फिर मैंने उसकी चूत खूब तस्सली से मारी और फिर हम दोनों रूम में बेड पर आ गये। फिर पहले तो मैंने थोड़ी देर तक उसके गुलाबी निप्पल को चूसा और उसके बाद उसे नीचे लेटाया और उसकी दोनों टाँगे खोली और उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसके ऊपर कूदता रहा। फिर में उसे लगातार आधे घंटे तक ऐसे ही चोदता रहा और फिर में झड़ गया और फिर मैंने सारा माल उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया ।।

धन्यवाद …

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