✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

loading...

प्यासी आंटी की सेक्सी गांड

0
loading...

प्रेषक : सैम …

हैल्लो दोस्तों, आज में यह जो स्टोरी लिखने जा रहा हूँ, वो कल की ही बात है। मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती है, यह उसकी स्टोरी है। मुझे वो आंटी बहुत अच्छी लगती थी, क्या माल था? उसकी फिगर साईज 38-30-38 थी, बड़े-बड़े चूतड़ और इतनी सेक्सी गांड थी कि मेरा लंड उसको देखकर ही टाईट हो जाता था, उसकी गांड का पूछो मत, मोटी-मोटी गांड, जब वो चलती थी तो उसकी गांड हिलती रहती थी। अब जब-जब में आंटी की गांड देखा करता था तो मेरा लंड जोश में आ जाता था। आंटी बहुत ही सेक्सी थी, बेचारी आंटी अंकल के काम की वजह से इन्जॉय भी नहीं करती थी। उसके पति आर्मी ऑफिसर थे, वो अक्सर बाहर ही रहते थे। फिर एक दिन में उनके घर गया, तो तब सोनिया आंटी अकेली थी। फिर मैंने आंटी से पूछा कि सब लोग कहाँ है? तो तब आंटी ने जवाब दिया कि अंकल का तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा के घर गये है, आज रात को नहीं आएँगे।

फिर मैंने आंटी से कहा कि ओके आंटी में चलता हूँ। तब आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा कि अभी रुक जाओ, मुझे नहाना है, जब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखना, में अभी नहाकर आती हूँ। अब आंटी नाइटी में थी, पिंक नाइटी में उनके बूब्स बड़े सेक्सी लग रहे थे। फिर वो बोली कि तू मेरा कम्यूटर भी ठीक करके जाना खराब है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि आंटी भी कम्यूटर चलाती है, तो तब में रुक गया। फिर आंटी नहाने चली गयी। अब में उनके बेडरूम में आंटी का इन्तजार कर रहा था कि तभी अचानक से मेरी नजर बेड पर पड़ी टावल, पेंटी और ब्रा पर पड़ी, उनकी ब्रा और पेंटी बहुत बड़ी थी। फिर करीब 15 मिनट के बाद आंटी ने आवाज़ दी और कहा कि मुझे टावल दे दो। तो तब मैंने आंटी को टावल दे दिया। फिर आंटी ने कहा कि सैम प्लीज मेरी पेंटी और ब्रा भी दे दो। तो तब मैंने आंटी को पेंटी और ब्रा भी दे दी।

फिर थोड़ी देर के बाद आंटी नहाकर बाहर निकली। अब आंटी ने सफ़ेद कॉटन का सूट पहना था। अब मुझे आंटी की काली ब्रा नजर आ रही थी। फिर मैंने आंटी से कहा कि आंटी अब में चलता हूँ। तो तब आंटी ने कहा कि तुम्हें कुछ काम से जाना है क्या? तो तब मैंने जवाब दिया कि नहीं। फिर आंटी ने मुझसे कहा कि रुक जाओ, में अकेली हूँ, बोर हो जाऊंगी, कुछ बातें वगैराह करते है। तब में बैठ गया और अब आंटी अपनी लाईफ के बारे में बता रही थी। अब आंटी कुछ खुलकर बातें करने लगी थी। फिर आंटी मुझसे पूछने लगी कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड है या नहीं, कभी सेक्स किया है या नहीं? अब में ऐसी बात सुनकर हैरान हो गया था। अब में भी खुल गया था तो तब मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपको सेक्स पसंद है?

फिर आंटी ने जवाब दिया कि सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल और मुझसे पूछा कि क्या तुम्हें पसंद नहीं है? तो तब मैंने जवाब दिया कि कभी किया ही नहीं है। तब आंटी ने कहा कि झूठ मत बोलो मुझे मालूम है तुम बहुत बुरे हो, तुमने अपनी कामवाली को चोदा है और नेहा को भी। मेरा जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास बुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पर थे और मैंने सोचा कि जब घर आओगे तब ही तुमसे बात करूँगी, तेरी माँ को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे। तब में अचानक से डर गया। तब आंटी ने कहा कि डरो मत, में कुछ नहीं कहूँगी, मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है। तब मैंने आंटी से पूछा कि कब देखा आपने मुझे नंगा? तो तब आंटी ने जवाब दिया कि जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे, लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा, मेरी भी चूत प्यासी है, क्या अपनी आंटी की प्यास नहीं बुझाओगे?

loading...

अब में सोनिया आंटी की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि कभी आंटी खुद तैयार हो जाएगी, में उनसे डरता भी था, वो बहुत गुस्से वाली थी। फिर आंटी ने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखा तो तब मुझे बहुत अच्छा लगा, मेरी आंटी बहुत प्यासी थी, वो बिल्कुल गोरी थी, उनकी उम्र 38 साल थी, लेकिन वो अभी भी बिल्कुल जवान लगती थी। में ज़िंदगी में आज पहली बार 38 साल की औरत के साथ सेक्स करने जा रहा था। फिर आंटी ने मुझसे कहा कि अपनी पेंट उतारो, में भी देखूं तुम्हारा प्यारा सा लंड। तो तब मैंने अपनी पेंट उतार दी, मैंने उस दिन अंडरवियर नहीं पहनी थी। अब में नीचे से नंगा था। फिर आंटी मेरे पास आई और मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे पूरा नंगा कर दिया, लेकिन आंटी को मेरा लंड बहुत अच्छा लगा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर आंटी ने मेरा एक हाथ अपने बूब्स पर रखा और कहा कि दबाते रहो, प्लीज। तब मैंने उनके बूब्स को खूब दबाया। अब आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था। फिर आंटी ने अपनी कमीज उतारी और फिर अपनी सलवार भी उतार दी। अब वो मेरे लंड को चूसने लगी थी। अब में आंटी की ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था। तब आंटी मुस्कुराकर बोली कि बेटा में खोल देती हूँ और फिर आंटी ने अपनी ब्रा खोल दी और अपनी पेंटी भी उतार दी थी। अब आंटी का गोरा-गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था। फिर आंटी ने अपने बड़े-बड़े बूब्स को मेरे लंड पर रख दिया और अपने बूब्स से मुझे चुदाई का मज़ा दे रही थी। फिर कुछ देर के बाद में आंटी की चूत को चाटने लगा। अब आंटी सेक्सी-सेक्सी आवाज़े निकाल रही थी आहह, सैम बेटा, ज़ोर से बेटा, आह, तेरी आंटी प्यासी है, मेरी प्यास बुझा दे बेटा और फिर आंटी ने कहा कि अब अपना लंड मेरी चूत में डालो, मेरी चूत प्यासी है, जल्दी से मेरी प्यास बुझाओ।

तब मैंने आंटी की दोनों टांगो को अपने हाथों से अपने कंधो पर रखा और उनकी चूत पर अपना 8 इंच का लंड रख दिया। आंटी की चूत बहुत टाईट थी। फिर में हल्का सा झुका, तो तब आंटी की चीख निकल गयी और फिर आंटी ने कहा कि आराम से डालो, इतनी जल्दी क्या है तुमको? तो तब मैंने कहा कि आंटी नहीं, अब आराम से डालूँगा ओके और फिर मैंने हल्के-हल्के झटके मारे। अब आंटी को भी मज़ा आ रहा था। अब आंटी आवाज़े निकाल रही थी और डालो और डालो, आज मेरी चूत को मज़ा दे दो, प्लीज तेज करो, तो तब मैंने तेज कर दिया। फिर आंटी मुझे बेड पर ले गयी और मुझे बेड पर धक्का दे दिया और बोली कि में आज तुझसे चुदवाती हूँ और फिर सोनिया आंटी ने मेरे लंड की टोपी पर किस किया और मुझे सीधा लेटा दिया और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत रख दी और ज़ोर-जोर से हिलने लगी और चिल्लाने लगी बेटा सैम, बेटा आअहह, मज़ा आ गया, तुम्हारा लंड अब मेरी प्यास बुझा देगा और ज़ोर-जोर से ऊपर नीचे होने लगी थी। अब ऐसे में मेरे लंड में भी दर्द हो रहा था। अब आंटी और में दोनों पागल हो गये थे। फिर मैंने आंटी को उठा लिया और नीचे लेटाकर उनकी दोनों टांगे खोल दी और फिर से उनकी चुदाई शुरू कर दी।

अब आंटी झड़ने वाली थी, लेकिन अब हमको 15-20 मिनट हो गये थे और अब मेरा भी पानी निकलने वाला था। तब आंटी ने कहा कि अंदर मत निकाल देना। तब मैंने कहा कि ओके। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के बूब्स पर अपना पानी निकाल दिया। फिर आंटी ने मेरा लंड चूसा और मेरा सारा पानी पी गयी। फिर 15 मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे। फिर मैंने आंटी से कहा कि आंटी मुझे आपकी गांड मारनी है। तब आंटी ने जवाब दिया कि आज से सब कुछ तुम्हारा है बेटा, ये गांड भी तुम्हारी है, जब बोलोगे दे दूँगी। फिर मैंने कहा कि अभी मिल सकती है? तो तब आंटी ने कहा कि अभी क्यों नहीं? और फिर आंटी ने फिर से मेरे लंड को चूसना शुरू किया। फिर 5 मिनट के बाद में आंटी की मोटी-मोटी गांड पर अपनी जीभ फैरने लगा। तो तब आंटी ने कहा कि ये क्या कर रहे हो? आज तक किसी ने मेरी गांड पर जीभ नहीं फैरी है।

फिर मैंने जवाब दिया कि आंटी मैंने एक सेक्सी मूवी में देखा था। तब आंटी ने कहा कि सैम तुमको तो सेक्स के बारे में बहुत कुछ पता है। अब आंटी डॉगी स्टाइल में थी और मेरा लंड उनकी गोरी-गोरी, मोटी-मोटी गांड में जाने के लिए बैचेन था। तो तब आंटी ने कहा कि आराम-आराम से डालना, ये चूत नहीं गांड है, बहुत दर्द होता है। तब मैंने कहा कि आंटी आप चिंता नहीं करे, में आराम से करूँगा ओके और फिर मैंने आंटी की गांड में हल्का सा एक झटका दिया। तब आंटी को दर्द हुआ और उनकी चीख निकल गयी आहह हरामी, बाहर निकाल, मेरी गांड फट जाएगी, रहम कर, आआहह, नहीं बेटा, प्लीज, आह माँ, आ आहह, बाहर निकाल। फिर मैंने अपनी स्पीड धीमी कर दी। अब धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड आंटी की गांड में जा चुका था और अब आंटी को भी मज़ा आ रहा था।

अब आंटी को भी अपनी गांड में मेरा लंड लेकर बहुत मज़ा आया था। फिर मैंने आंटी से कहा कि आंटी मेरा पानी निकलने वाला है। तब आंटी ने कहा कि निकाल लो। फिर आंटी ने मेरा सारा पानी फिर से पिया और मेरे लंड को चूसने लगी थी। अब मुझे जब भी कोई मौका मिलता है तो तब में आंटी की प्यास बुझाता हूँ और हम दोनों खूब मजा करते है ।।

धन्यवाद …

loading...
इस कहानी को Whatsapp और Facebook पर शेयर करें ...

Comments are closed.