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पड़ोसी की बीवी के साथ प्यार का खेल

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प्रेषक : संजय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजय है, मेरी उम्र 43 साल है, में थाने मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच, वजन 82 किलोग्राम है। में शादीशुदा हूँ और एक फ्लेट में फेमिली के साथ रहता हूँ, में बिजनसमैन हूँ। मेरे घर के पीछे एक बंगला है, वहाँ एक सेक्सी भाभी रहती है, उसका नाम कुसुम है। वो 36 साल की है, उसका फिगर साईज 40C-36-42 है, कलर गोरा और हाईट 5 फुट 4 इंच है, उसके एक 3 साल का लड़का है। उसकी अपने पति के साथ नहीं बनती थी। में अपनी खिड़की से उसके बेडरूम में देखता रहता था खासकर रात को, वो और उसका बेटा बेड पर सो जाते थे और पतिदेव जमीन पर बिस्तर लगाए। तो तब मुझे उस पर तरस आती थी, में उसे देखता रहता था, कई बार उसे पता चल जाता था। वो कपड़े सुखाने बाहर कमपाउंड में आती थी, तो तब में उसके बूब्स देखने की कोशिश करता था, तो तब उसका ध्यान जाता तो भी वो कुछ नहीं करती थी। फिर एक दिन में घर पर अकेला था तो तब मुझे एक अनजान कॉल आया तो उधर से आवाज आई कौन है? तो मैंने कहा कि में संजय। तो वो बोली कि हाए संजय, में तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूँ।

में : ओके, आपका शुभ नाम?

वो : नाम जानकर क्या करोगे डियर?

में : लेकिन नाम तो बताओ, तब में फ्रेंडशिप करूँगा ना डियर।

तब उसने कहा कि मेरा नाम क से शुरू होता है और में तुम्हारे एरिया में ही रहती हूँ, मुझे तुम बहुत पसंद हो। तो मैंने कहा कि ओके कब मिलोगी? तो तब उसने कहा कि टाईम आने पर। अब उसके फोन मेरे मोबाईल पर रोजाना आने लगे थे। फिर एक दिन उसका फोन आया और उसमें वही गाना बज रहा था, जो कुसुम के घर टी.वी पर बज रहा था। तो तब में समझ गया और मैंने कहा कि ओके कुसुम भाभी कभी मिलो तो सही, तो तब उसने फोन रख दिया। फिर उसने थोड़ी देर के बाद फोन किया और बताया कि तुमने मुझे पकड़ ही लिया, ओके कल में अकेली हूँ तो हम दोनों घूमने जाएँगे। तो मैंने कहा कि ओके ठीक है, शाम को 8 बजे ओके? तो उसने कहा कि ओके। फिर हम बाइक लेकर निकले, में घर से अकेला निकला था और वो बुरखा पहनकर निकली थी। अब अंधेरा हो गया था। फिर अगले मोड़ पर वो मेरे पीछे बैठ गयी। अब में जब भी शॉर्ट ब्रेक मारता और ज़्यादा प्रेस करता तो उसके बूब्स मेरी पीठ पर प्रेस हो रहे थे। फिर हम दोनों अतिरा गये, वहाँ अंधेरा रहता है और कपल बैठे रहते है।

फिर मैंने बाइक रोकी और पार्क की और उसको बाइक पर बैठाया और में उसके पास में खड़ा रहा और फिर हमने बातें शुरू की। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रखा और उसके चेहरे के करीब गया और अब हम बात कर रहे थे। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम अपने पति के साथ खुश हो? मैंने तुम दोनों को लड़ते झगड़ते देखा है। तब उसने कहा कि नहीं, लेकिन क्या करूँ? किस्मत में वही लिखा है। तो तब मैंने कहा कि में तुम्हारा बेस्ट दोस्त हूँ, चिंता मत करो। फिर उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और थैंक्स कहा और कसकर मेरा हाथ पकड़े रखा। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गालों पर किस दी। तब उसने कहा कि पागल किस लिप्स पर करते है और फिर मैंने उसके लिप्स पर क़िस दी, एक लंबी किस। फिर मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर गया और उसने मेरा लंड पकड़ा और कहा कि ये तो उससे बड़ा है मेरा दिल कर रहा है कि इसे अपने हाथ और होंठो से प्यार करूँ, लेकिन अभी नहीं फिर कभी ओके? तो तब मैंने कहा कि ओके और फिर हम वापस घर के लिए निकल गये।

फिर एक दिन वो घर पर अकेली थी और मेरी बीवी स्कूल की पिकनिक पर आउट ऑफ स्टेशन गयी थी और में अकेला था। फिर दोपहर को 1 बजे मेरा फोन बजा तो मैंने उठाया। वो बोली कि संजय में कुसुम, तुम अभी दरवाज़ा खुला रखो में 10 मिनट में आ रही हूँ। तो मैंने कहा कि ओके। फिर वो मेरे घर आई, तो मैंने दरवाज़ा बंद किया और फिर हम बेडरूम में चले गये और मैंने वो दरवाजा भी बंद कर दिया। तो उसने वैसे ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया, तो मैंने भी उसे अपनी बाहों में लेकर प्रेस किया और किसिंग की, उसने सलवार कुर्ता पहना था। फिर मैंने उसकी चूचीयों को दबाया और उसका कुर्ता ऊपर किया और फिर उसकी ब्रा में अपना एक हाथ डाला और उसके बूब्स दबाए और धीरे से उसका कुर्ता अनहुक किया और निकाला और उसका सलवार भी उतार दिया।

फिर उसने मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट उतारी। फिर मैंने उसके बूब्स उसकी ब्रा के साथ सक करना शुरू किया। अब वो मेरा लंड दबा रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा अपने दाँतों से खोली तो उसकी दोनों बड़ी-बड़ी, गोरी- गोरी और भरी हुई गड्राई चूचीयाँ बाहर आ गयी थी। फिर मैंने उसके निप्पल को मसला और चूसने लगा था। अब में उसकी चूचीयों को देखकर हैरान हो गया था। फिर तब मैंने कहा कि कुसुम भाभी आपकी चूचीयाँ गजब की है। तब उसने कहा कि भाभी नहीं, कुसुम कहो। फिर तब मैंने कहा कि ओके कुसुम और उसको क़िस किया और एक दूसरे की जीभ सक की। अब में उसकी चूचीयों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा था और लीक किए, सक किए, निपल सक किया और थोड़ा काटा भी था। अब वो सी-सी, आह करने लगी थी। फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाकर उसका दूध निकाला और पिया और थोड़े बहुत बाईट भी करता रहा तो वो चिल्लाने लगी कि नहीं संजय धीरे मेरे बूब्स खा ज़ायेगा क्या? तो तब मैंने कहा कि काश में खा पाता। फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी तो में उसकी क्लीन शेव गुलाबी चूत देखकर बेताब हो गया।

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अब में उसमें फिंगरिंग करने लगा था, तो तब उसने कहा कि संजय इसे खुजाओ, इसमें रात को बहुत खुजली होती है। तब मैंने कहा कि आज सब खुजली मिटा दूँगा मेरी जान। तब उसने कहा कि बस अब तुम लेट जाओ, तो में लेट गया। फिर उसने मेरी अंडरवेयर उतारी और मेरा लंड पकड़कर बोली कि बाप रे इतना मोटा और लंबा, कैसे रॉकेट जैसा खड़ा है? मेरी तो इतने मोटे लंड से फट जाएगी, तुमने इस रॉकेट को कहाँ छुपाया था? यही तो मुझे चाहिए था। तब मैंने कहा कि मेरी जान ये तुम्हारे लिए ही तो है। फिर उसने कहा कि में इसे किस करूँ? तो तब मैंने कहा कि जो करना हो करो, आज से ये तुम्हारा गुलाम है। तो उसने पहले क़िस की और फिर बोली में इसे मुँह में ले लूँ? तो मैंने कहा कि कभी लिया है किसी का? तो उसने कहा कि नहीं, लेकिन शादी के पहले ब्लू फिल्म में देखा था। फिर मैंने कहा कि ओके, लेकिन 1 मिनट तुम बैठो, में अभी आया और फिर में उठकर किचन में चला गया और शहद लेकर आया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उससे कहा कि इसे मेरे लंड पर लगाओ और बाद में चूसो और चाटो। फिर उसने शहद लिया और मेरे लंड पर लगाया तो तब मैंने उससे कहा कि अंदर से बर्फ की प्लेट ले आओ, तो वो नंगी ही किचन में गयी और बर्फ की ट्रे फ्रिज में से निकालकर ले आई। तब मैंने कहा कि अब तुम मेरे लंड को चूसो, प्यार करो और अपनी चूत मेरे मुँह पर लगाओ। फिर वो 69 की पोज़िशन में मेरे ऊपर लेटी और मैंने 69 की पोज़िशन में उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब वो मेरा लंड चूसने लगी थी। फिर मैंने उसकी चूत पर बर्फ का टुकड़ा लगाया, तो वो सिहर उठी, अब उसकी चूत ठंडी हो गयी थी। फिर बाद में मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाली और अंदर बाहर करने लगा और वो मोनिंग करती गयी आआअहह संजय बहुत अच्छा लग रहा है, आह और मेरा लंड चूसती गयी और 15 मिनट तक मेरा लंड किया।

अब वो गीली हो चुकी थी और बर्फ बिल्कुल पानी हो गया था। अब उसकी चूत ने बहुत सारा पानी निकाल दिया था। अब इस तरह से वो एक बार झड़ गयी थी। फिर उसने कहा कि संजय 1 मिनट रुको, में जरा मूतकर आती हूँ। तब मैंने कहा कि ओके। फिर वो बाथरूम में गयी और मूतने के बाद बाहर आई और बोली कि ऑश संजय तुम तो बड़े एक्सपीरियन्स हो, आज तक मैंने सिर्फ़ देखा था, लेकिन आज कर भी लिया, ऐसा मज़ा मुझे मेरी 5 साल की शादीशुदा लाईफ में कभी नहीं आया और अभी चुदाई तो बाकी है। तब मैंने कहा कि चुदाई में में तुझे पागल कर दूंगा। फिर में लेट गया और उससे कहा कि चल बैठ मेरे रॉकेट पर में तुझे दुनियाँ की सैर करवाऊंगा। अब पहले तो वो डर रही थी कि इतना मोटा लंड कैसे अंदर जाएगा? मेरे पति का तो बहुत पतला है और छोटा भी है। तो तब मैंने कहा कि मेरे लंड पर अपना थूक अच्छे से लगा दो। तो उसने वैसा ही किया और अपने दोनों पैर फैलाते हुए बैठ गयी थी।

फिर मैंने कहा कि अब ऊपर नीचे होना शुरू करो। तो वो शुरू हो गयी, लेकिन उसे बहुत दर्द हो रहा था। अब वो धीरे-धीरे हिल रही थी और मेरी गाड़ी टॉप गियर में थी। फिर मैंने कहा कि यार थोड़ी उछल और फास्ट करो। तब उसने कहा कि मैंने इतना बड़ा और मोटा देखा भी नहीं और किसी तरह अंदर लिया है, मुझे बहुत दर्द हो रहा है तो तेज चुदवाऊँ भी कैसे? सच में बहुत दर्द कर रहा है। तब मैंने कहा कि ओके, तुम लेट जाओ में चोदता हूँ, तो वो अपने दोनों पैर फैलाकर लेट गयी। फिर मैंने उसके दोनों पैर उसके सिर की तरफ मोड़ दिए और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और अपना 9 इंच लम्बा और एकदम मोटा लंड एक झटके में उसकी चूत के अंदर डाला तो वो ज़ोर से चिल्लाई हाईईईई में मर गयी, हाईईईईईई कहते हुए वो मुझसे ज़ोर से चिपक गयी थी।

फिर मैंने एक बर्फ का टुकड़ा अपने होंठो में दबाया और उसके निप्पल पर रब करने लगा और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा था। तब वो बोली कि संजय धीरे, प्लीज बहुत दर्द हो रहा है, ये अंदर जाकर और मोटा हो रहा है और जैसे बोले जा रही थी और सिसकियाँ भर रह थी। फिर मैंने पूरा बर्फ उसकी चूचीयों पर पिघला डाला और फिर अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी। अब में करीब 40 धक्के पर मिनट की स्पीड से कर रहा था। तभी उसने कहा कि संजय आज फाड़ डालो। तो यह सुनकर मुझमें जोश आया और मैंने अपनी स्पीड सीधी 70 धक्के पर मिनट कर दी और वो धक्के खाती गयी और चिल्लाने लगी थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके मुँह पर दबा लिए और उसका चिल्लाना बंद करवाया। फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और करीब 20 मिनट तक उसकी जमकर चुदाई करता गया। अब वो बार-बार झड़ रही थी और मेरे पूरे लंड को गीला कर दिया था। अब पूरे कमरे में पच-पच, पचा-पचा की आवाज आ रही थी। अब में उसे दबोचे हुए था। फिर उसने कई बार मुझे धीरे करने को कहा, लेकिन मेरे जैसे ब्रेक फैल हो गये थे तो

तब उसने कहा कि बस अब बाकि बाद में करना, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मेरी चूत फूल गयी है, अब उतर जाओ, लेकिन में उसकी बात को बिना सुने करता गया और पूरी 30 मिनट की चुदाई के बाद मेरी क्रीम को उसकी चूत में भर दिया। अब मैंने मेरा पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसा दिया था और फिर उसने भी अपने पैर सीधे कर लिए, लेकिन मेरा लंड अंदर ही था। अब में उसकी चूचीयों को प्यार करने लगा। अब हम दोनों हाँफ रहे थे। फिर में उसके सीने से उतर गया और उसके बाजू में लेट गया। तो वो मुस्कुराई और फिर उसने कहा कि संजय मुझे तुम्हारी वाईफ की फिक्र हो रही है, वो ऐसी चुदाई किस तरह सहन करती है, शायद पहली रात में तो तुमने उसे ऐसा चोदा होगा कि दूसरे दिन उसने हॉस्पिटल में टांके लगवाए होंगे। फिर में हंस दिया और उससे कहा कि नहीं पहली बार तो मैंने उसे बहुत आराम से चोदा था, उसे पूरा तैयार किया था और फिर क्रीम लगाकर अपना लंड अंदर डाला था, उसकी सील तोड़ने के लिए मुझे आधा घंटा लगा था।

फिर भी वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई थी। फिर उसने कहा वैसे तुम बहुत शानदार चुदाई करते हो और तुम्हारा लंड भी बहुत दमदार है म्‍म्म्मम और फिर उसने मुझे किस दी और कहा कि में तुमसे चुदवाने बार-बार आऊंगी, चोदोगे ना? तो मैंने कहा कि यह चैन तुम्हारे लिए हमेशा खुली है जब तुम्हारी चूत चाहे और मौका मिल जाए तो तुम बिना झिझक चुदवाने आ जाना, मेरा लंड तुम्हारे लिए 24 घंटे और 7 दिन और हर महीने तैयार है। फिर हमारा यह सिलसिला चालू रहा और अभी भी चालू है और हमेशा रहेगा, क्योंकि अब हम फोन पर सब प्लान करते है और बाहर होटल में जाते है। अब वो भी मेरी चुदाई से बहुत खुश है ।।

धन्यवाद …

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