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ऑफिस वाली की चूत को खूब चोदा

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और में 30 साल का कुंवारा लड़का हूँ। में औरतों को बहुत पसंद करता हूँ। फिर मैंने जब पहले दिन कंपनी को जॉइन किया तो तब वहाँ और तीन लोग थे 2 लड़कियाँ और एक लड़का, लड़का पियोन था और लड़कियाँ असिस्टेंट थी। उन दोनों को ग्रेजुयट होने के बावजूद कुछ काम नहीं आता था। उन्हें कोई खास अनुभव नहीं था। अब मेरे जॉइन होने के बाद सब काम में ही सँभालने लगा था। अब हमारे साहब तो बहुत खुश थे इसलिए वो ऑफिस छोड़कर दूसरे काम के लिए हमेशा बाहर रहते थे, अब ऑफिस में तो मेरा ही राज था। फिर 1 महीने के बाद एक लड़की ने काम छोड़ दिया और अब हम सिर्फ़ तीन लोग ही बचे थे, वो पियोन (लड़का) जो था उसको तो हमेशा इस ऑफिस से उस ऑफिस घूमता ही रहता था। फिर तभी वो दूसरी लड़की मेरे साथ नजदीक हो गयी। अब वो मुझसे प्यार करने लगी थी। अब में तो सबके साथ खुलकर बात करता था इसलिए में ऐसा कुछ सोचता नहीं था।

फिर एक दिन उसने मुझसे आई लव यू बोल दिया, तो मुझे लगा कि मज़ाक कर रही है। फिर उसने मुझे किस करना, वो कभी-कभी तो मेरे गाल पर काट लेती थी। अब में भी उसको किस करना और कभी-कभी उसके बूब्स दबाना स्टार्ट किया, तो वो शर्मा जाती थी। फिर एक दिन हमारे साहब बेंगलौर गये थे और वो पियोन जो था, वो छुट्टी पर था। फिर उस दिन वो मेरे चेंबर में आ गयी और मुझसे पीछे से लिपट गयी और किस करने लगी। फिर में भी उसे किस करने लगा और फिर हम ऐसे ही करीब 5 मिनट तक किस करते रहे। अब वो बहुत गर्म हो गयी थी और तड़प रही थी। फिर तभी में पीछे मुड़ गया और मेरी जांघो पर उसको बैठाकर किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा था। उस वक्त तक मैंने उसके बूब्स को कभी नहीं देखा था और उसके कपड़े के ऊपर ही दबाता था, लेकिन आज तो ऑफिस में हम दोनों ही थे तो हमें किसी का डर भी नहीं था।

अब हम दोनों खुलकर मज़ा ले रहे थे। फिर मैंने उसके बूब्स दबाते-दबाते उसकी सलवार में अपना एक हाथ डाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा था। अब वो एकदम गर्म हो गयी थी और सिसकारी लेने लगी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे उसके सलवार को ऊपर किया और उसकी ब्रा को साईड में करके उसके लेफ्ट बूब्स को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा था। अब वो तो ऐसे तड़पने लगी थी कि जैसे उसे करंट लगा हो। फिर तभी कोई आ गया, वो तो नसीब अच्छा था कि वो मेरे चेंबर में नहीं आया और में ही बाहर चला गया और मैंने उससे बात करके उसको भेज दिया और अंदर आकर फिर से उसे किस करने लगा था।

अब वो घबराई हुई थी कि उसको पता चल गया होगा। तो मैंने उसको समझाया तो करीब 15 मिनट तक मनाने के बाद वो को-ऑपरेट करने लगी थी। फिर क्या था? इस बार तो मैंने उसको टेबल पर बैठा दिया और उसकी सलवार उठाकर उसके बूब्स चूसता रहा और धीरे-धीरे उसकी जांघो पर अपना एक हाथ फैरा और उसकी चूत को टच करने लगा था। अब वो एकदम गर्म हो गयी थी। फिर मैंने सीधा उसकी चूत पर किस किया, तो तब उसका मुँह लाल हो गया था और उसकी चूत में से पानी निकल आया था। फिर में उसकी चूत पर किस करते हुए उसके बूब्स को दबाता रहा और धीरे से उसकी चूत के ऊपर के दाने को काट लिया। फिर वो चीख उठी और उसकी चूत में से पानी बहने लगा। अब वो दो बार अपना पानी छोड़ चुकी थी। फिर एक और आदमी आ गया, तो में फिर से बाहर आ गया, लेकिन में उसे भेज नहीं सका, तो वो करीब 1 घंटे तक बैठ गया, तो तब उस लड़की के घर से फोन आया, तो वो चली गयी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर रात को तो में ठीक तरह से सो नहीं पाया, अब मुझे हर वक्त उसके बूब्स ही नजर आ रहे थे। अब मुझे तो उसकी चूत को चटाना था तो फिर मैंने रात को दो बार मुठ मारी और सो गया। अब हम दोनों को जब भी कोई मौका मिलता, तो हम किस कर लेते थे और में उसके बूब्स दबा देता था, कभी-कभी उसकी गांड भी दबा देता था। फिर ऐसे ही करीब 15-20 दिन निकल गये और अब हम मौके की तलाश में थे। फिर बाद में एक दिन हमारे साहब एक शादी में जाने के लिए बेंगलूर गये। अब वो 3 दिन के बाद वापस आने वाले थे, तो यह सुनकर हमारे पियोन ने भी बोला कि में भी एक दिन छुट्टी करूँगा। अब हम तो खुश हो गये थे, क्योंकि अब हम सोच रहे थे कि उसको कैसे बाहर भेजे? वैसे भी वो साहब ना होने का फ़ायदा उठाना चाहता था। फिर मैंने उस लड़की को बोला कि कल साड़ी पहनकर आए, तो उसने हाँ बोल दिया, तो वो दूसरे दिन साड़ी पहनकर ऑफिस आई।

फिर हमने ऑफिस को अंदर से बंद किया और हमारी रासलीला स्टार्ट कर दी। अब हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे थे। फिर मैंने करीब 10 मिनट तक उसको किस किया और फिर में उसका ब्लाउज और उसकी ब्रा खोलकर उसके बूब्स दबाने लगा और उसके एक बूब्स को चूसने लगा था और फिर उसके दूसरे बूब्स को भी चूसते हुए अपने एक हाथ से उसके एक बूब्स को दबाते हुए अपना एक हाथ उसकी जांघ पर फैरने लगा था। फिर में उसकी चूत को सहलाने लगा और उसकी चूत को सहलाते-सहलाते अपनी एक उंगली उसकी चूत के अंदर डाल दी। फिर तभी उसने अपना पानी छोड़ दिया और मेरी उंगली गीली हो गयी थी। फिर में धीरे से किस करते हुए नीचे आया और उसकी चूत को किस करने लगा। फिर में उसकी चूत को चाटने लगा और फिर उसके बाद में मैंने उसको टेबल पर बैठाया और उसके दोनों पैरो को मेरे दोनों कंधो पर रख लिया और उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी चूत को चाट-चाटकर साफ कर दिया।

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अब में उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लगा था, तो वो फिर से तैयार हो गयी। फिर वो धीरे से मेरे लंड पर अपना एक हाथ फैरने लगी, तो में उठा और उसके सामने खड़ा हो गया। फिर उसने मेरी पेंट की चैन खोलकर मेरा लंड बाहर निकाला और उसको किस किया और फिर बाद में मेरे लंड हो चूसने लगी। अब में तो स्वर्ग में था। फिर मैंने उसके दोनों पैर फैलाकर उसकी चूत में अपना लंड डालने की कोशिश की तो मेरा लंड अंदर नहीं गया। फिर में उसकी चूत पर थूक लगाकर अपना लंड डालने लगा। अब उसको दर्द हो रहा था और उसकी आँखों से आसूं निकल रहे थे। फिर मैंने उसके लिप्स पर किस करते हुए अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब उसकी चूत में से खून निकलने लगा था। फिर में थोड़ी देर रुका और उसके बूब्स को चूसने लगा, तो फिर उसे भी मज़ा आने लगा, तो में धीरे- धीरे धक्के देने लगा। अब उसका दर्द कुछ कम हो गया था और अब वो अपनी कमर भी हिलाने लगी थी। अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी थी, तो थोड़ी ही देर में वो झड़ गयी और अपना बहुत सारा पानी छोड़ दिया।

अब मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में पूरा अंदर जा रहा था। अब उसका पानी निकलकर उसकी गांड के छेद में जा रहा था। फिर उसे देखकर मैंने नीचे से अपना एक हाथ डालकर अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी तो वो फिर से झड़ गयी। अब तो पूरे ऑफिस में पच-पच की आवाजे आ रही थी। फिर करीब 10 मिनट के बाद में भी झड़ने वाला था तो मैंने उसकी चूत से अपना लंड निकाला और अपना सारा पानी उसकी चूत और पेट पर गिरा दिया। अब वो एकदम खुश थी और मुझे किस करने लगी थी और मेरा लंड चाटकर क्लीन कर दिया था। फिर मैंने उसकी चूत पर किस किया और पेपर से पोछा और फिर उसके बाद में हम दोनों को कभी भी ऐसा मौका नहीं मिला। अब में उसे सिर्फ़ किस करता था और उसके बूब्स दबाता था। फिर कुछ दिन के बाद उसने जॉब छोड़ दिया। अब बाद में हम कभी-कभी मिलते थे, लेकिन में बाद में सिर्फ़ दो बार ही कर सका था। फिर में वहाँ से अपने शहर आ गया, अब में जब भी मूठ मारता हूँ तो में उसको याद करता हूँ ।।

धन्यवाद …

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