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मम्मी और पापा की चुदाई का खेल

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, मेरे घर में तीन लोग रहते है। मम्मी, पापा और में, हमारे घर में एक बेडरूम है, में पापा और मम्मी एक साथ सोते है। फिर एक रात को मैंने देखा कि पापा मम्मी को किस कर रहे है, तो तब में चुपचाप देखने लगा। अब पापा ने मम्मी की साड़ी उतार दी थी। अब वो उनकी कमर को किस करने लगे थे और उनकी नाभि में उंगली घुसा रहे थे। फिर उन्होंने मम्मी का ब्लाउज खोल दिया और उनकी ब्रा भी उतार दी थी। अब वो मम्मी के बूब्स को चूमने, चाटने लगे थे। फिर उन्होंने मम्मी का पेटीकोट उनकी कमर तक चढ़ा दिया। अब वो मम्मी की दाहिनी चूची को धीरे-धीरे दबाने लगे थे। फिर पापा को इस तरस से करते हुए देखकर मम्मी बोली कि ये आप क्या कर रहे है? तो तब पापा बोले कि आज में तुम्हारी और अपनी इच्छा को पूरा करना चाहता हूँ और इस तरह से कहते हुए पापा मम्मी की चूचीयों को दबाने लगे और फिर 5-6 बार दबाने के बाद पापा ने अब मम्मी के दोनों हाथों को अपने एक हाथ से दबा रखा था।

फिर इसके बाद पापा मम्मी के कंधे के पास से बाल को हटाते हुए अपने होंठो को मम्मी के कंधे और गर्दन के बीच में धीरे-धीरे रगड़ने लगे थे और मम्मी की चूचीयों को धीरे-धीरे दबाने के साथ ही अपने दूसरे हाथ से मम्मी की चूत को सहलाने लगे थे। फिर जैसे ही पापा ने मम्मी की चूत को सहलाना शुरू किया। तब मम्मी अपने आपको रोक नहीं पाई और बोली कि ये आप क्या कर रहे है। तब पापा बोले कि तो क्या हुआ? उसे क्या पता था कि ये क्या होता है? उससे बोल देंगे कि हम एक खेल खेल रहे है। फिर पापा ने मम्मी की जाँघो को थोड़ा सा फैलाया, क्योंकि उस वक़्त तक मम्मी की दोनों जाँघे बिल्कुल ही सटी हुई थी।

अब मम्मी की चूत पूरी तरह से दिख रही थी। फिर पापा ने डिब्बे में से सरसों का तेल निकाला और मम्मी की चूत पर लगाते हुए जब मम्मी की चूत को सहलाने लगे। तब मम्मी ने पापा के लंड को उनकी लूंगी में से बाहर निकाल दिया, जो कि 8 इंच लंबा था। अब मम्मी भी उसे अपने एक हाथ में लेकर सहलाने लगी थी। तब मैंने देखा कि मम्मी और पापा लगभग 1 मिनट तक ऐसे ही अपने काम को अंजाम देते रहे और फिर इसके बाद पापा मम्मी की जाँघ पर बैठ गये और मम्मी की चूत पर अपने लंड को जैसे ही सटाया। तब मम्मी ने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला दिया। फिर पापा ने मम्मी की चूत में अपने लंड को ले जाने के लिए अपनी कमर को धीरे-धीरे सरकाना शुरू किया। तब मम्मी ने अपनी सांसे खींचनी शुरू कर दी।

तब मैंने देखा कि पापा ने मम्मी की चूत में अपने लंड के टॉप को डाल दिया था। अब पापा मम्मी के ऊपर लेट गये थे और फिर उन्होंने अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया। अब मम्मी के मुँह से आआअहह, आआआहह, उउउम्म्म्ममममम, उउउम्म की आवाजें निकलने लगी थी। कभी-कभी पापा ज़ोर-ज़ोर के झटके लगाते तो तब मम्मी पूरी तरह से हिल जाती थी। अब मम्मी ने अपने हाथों को पापा की पीठ पर रख लिया था और पापा की पीठ को सहला रही थी। अब पापा मम्मी के गालों को चूमने लगे थे और अपने दोनों हाथों से मम्मी की दोनों चूचीयों को दबाने लगे थे। तब मम्मी भी मस्ती में आआअहह, आआआअहह, आआआअहह, उउउम्म्म्म, उउउम्म की अजीब ही आवाजें निकाल रही थी। फिर कुछ देर में पापा ने अपने आधे लंड को मम्मी की चूत में डाल दिया था। फिर पापा ने मम्मी के दोनों पैरो को फोल्ड कर लिया और मम्मी की जाँघो को फैलाते हुए अपने आपको मम्मी के दोनों पैरो के बीच में सेट किया। फिर तब मम्मी ने ऐसा करने में उनकी मदद की।

फिर पापा ने मम्मी को फिर से झटके देने शुरू किए। तब मम्मी ने अपनी गर्दन को उठा-उठाकर आहें भरना शुरू कर दिया था। फिर पापा ने मम्मी से पूछा कि दर्द कर रहा है क्या? तो तब मम्मी ने एक अजीब सी आवाज में कहराते हुए जवाब दिया कि नहीं हाईईईईईईईईईईईई, आआअहह, ओह। फिर पापा ने एक तरफ अपनी कमर से ज़ोर से एक झटका मारा और दूसरी तरफ से उन्होंने मम्मी की ब्रा को फाड़ दिया। तब में मम्मी के मुँह से ज़ोर की चीख के साथ मम्मी के पैर को पटकते हुए देखकर में समझ गया था कि पापा ने ना सिर्फ़ मम्मी की ब्रा को फाड़ा है, बल्कि उन्होंने मम्मी की चूत को भी फाड़ दिया था। अब पापा ने अपनी कमर की स्पीड बढ़ा दी थी और फिर कुछ ही देर में उनका पूरा लंड मम्मी की चूत में चला गया था। फिर कुछ देर तक ऐसे ही झटपटाने के बाद मम्मी ने अब पापा का पूरा साथ देना शुरू कर दिया था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर कुछ देर के बाद पापा ने मम्मी के होंठो को अपने होंठो में दबा लिया और अपने लंड को मम्मी की चूत में ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर, अंदर बाहर करने लगे थे। फिर ये सिलसिला मैंने पूरे आधे घंटे तक देखा, तब जाकर वो दोनों शांत पड़े और ऐसे ही सो गये थे। फिर में वही पड़ा रातभर मम्मी को देखता रहा। फिर जब सुबह मेरी नींद खुली तो तब मैंने देखा कि वो दोनों वैसे ही सोए हुए थे। तभी अचानक से मम्मी की नींद खुली तो तब मम्मी ने अपने आपको पापा की बाँहों में नंगी अवस्था में देखा, तो सब समझ गयी थी। अब पापा भी जाग गये थे और फिर पापा ने मम्मी के गाल पर एक चुम्मा लिया। फिर पापा एक डिब्बे को लेकर आए और मम्मी की कमर के पास रखा और फिर मम्मी की चूत में तेल लगाने लगे थे।

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फिर तब मम्मी भी अपने हाथों में तेल लेकर उनके लंड पर तेल लगाने लगी। फिर तेल लगाने के बाद वो मम्मी की जाँघ पर बैठ गये। अब मम्मी ने अपनी चूत को फैला दिया था। फिर पापा ने अपने लंड को मम्मी की चूत पर सटाकर ज़ोर से एक झटका मारा। तब मम्मी के मुँह से चीख को सुनकर में समझ गया कि मम्मी की चूत में पापा का लंड चला गया है। अब पापा मम्मी की चूचीयों पर तेल लगाने के बाद उनकी चूचीयों को मसलने के साथ ही मम्मी की चूत में अपने लंड को अंदर और अंदर ले जाने के लिए ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगे थे। अब मम्मी अपनी प्यास को बुझा रही थी। फिर पापा कुछ देर तक ऐसे ही मम्मी के ऊपर लेटे रहे और फिर इसके बाद उठकर जब उन्होंने मम्मी की चूत में से अपने लंड को बाहर निकाला। तब मम्मी ने अपनी आँखे खोली और मुस्कुराते हुए अपने चेहरे को ढक लिया। तब पापा हंसते हुए बोले कि अब चेहरा क्या ढकना है? और फिर उन्होंने मम्मी के हाथों को उनके चेहरे से हटाते हुए पूछा कि मज़ा आया क्या? तो तब मम्मी ने अपना सिर हिलाते हुए जवाब दिया हाँ बहुत मज़ा आया।

फिर पापा मम्मी के ऊपर से हट गये। अब पापा ने अपनी लुंगी को पहन लिया था। फिर जैसे ही मम्मी उल्टी तरफ करवट लेकर लेट गयी। तो तब पापा उठकर मम्मी के दोनों पैरो के बीच में बैठ गये और उनके पैरो को पकड़कर उनकी जांघो को चूमने और चूसने लगे थे। अब मम्मी अपने पैरो को खींचना चाह रही थी, लेकिन पापा ने उनको ज़ोर से पकड़ रखा था। फिर पापा ने मम्मी की दोनों जांघो को बारी-बारी से चूमा और चूसा और इससे मम्मी भी चुपचाप लेटी रही थी। फिर मैंने उन लोगों की तरफ करवट ले ली। तब पापा उठकर मम्मी की कमर के पास जाकर बैठ गये। फिर पापा मम्मी की दोनों टाँगों को दबाने लगे। अब पापा मम्मी की टांगे दबाते-दबाते अपना एक हाथ ऊपर की तरफ बढ़ा रहे थे। अब पापा के हाथों के साथ-साथ मम्मी का पेटीकोट भी ऊपर उठ रहा था और फिर पापा ने अपने हाथों से मम्मी का पेटीकोट उनके घुटनों के ऊपर तक उठा दिया था और अब उनकी टाँगे नंगी हो गयी थी।

अब मम्मी बहुत डर रही थी और चुपचाप लेटी हुई थी। फिर पापा धीरे-धीरे अपना एक हाथ मम्मी की जांघों पर फैरने लगे और फिर धीरे से अपने हाथ को ऊपर की तरफ ले जाने लगे थे। अब उनका हाथ मम्मी की कमर तक पहुँच गया था और फिर रुक गया। अब वो मम्मी की कमर पर प्यार से हाथ फैरने लगे थे और उनकी कमर को चूमने लगे थे। अब वो अपना हाथ इधर उधर घुमाकर मम्मी के पेटीकोट के नाड़े तक पहुँच गये थे। फिर पापा ने अपना एक हाथ मम्मी की चूत के ऊपर रखकर उनके पेटीकोट का नाडा खींच दिया, तो नाड़ा खींचते ही मम्मी का पेटीकोट ढीला होकर उनकी कमर पर खुल गया था। फिर मम्मी का पेटीकोट खोलने के बाद पापा अपना एक हाथ मम्मी की चूची पर ले गये और उनकी चूचीयों को पकड़कर धीरे-धीरे दबाने लगे थे। अब मम्मी पापा के हाथ को हटाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पापा ने अपना हाथ नहीं हटाया था।

अब में बगल में लेटा हुआ था और अब मम्मी डर के मारे कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर पापा भी चुपचाप मम्मी के बगल में बैठकर उनकी चूचीयों से जी भरकर खेलते रहे और फिर बाद में उनकी ब्रा के हुक खोल दिए और उनकी ब्रा को उतार दिया था। तब मम्मी उनको रोकती रही, लेकिन पापा उनकी चूचीयों को अपने मुँह में भरकर चूसने लगे थे। फिर पापा कुछ देर तक मम्मी की निप्पल और फिर उनकी चूचीयों को चूसते रहे और फिर मम्मी को उल्टा लेटने के लिए कहा। तब मम्मी उल्टी लेट गयी और फिर पापा उनकी नंगी पीठ को सहलाते रहे और फिर उनकी ब्रा को उनके शरीर से खींचकर निकाल दिया। फिर पापा पीछे से अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाकर उनकी चूचीयों को फिर से पकड़कर मसलने लगे और अपना मुँह नीचे की तरफ ले जाकर उनकी कमर और चुत्तड पर चुम्मा देने लगे थे। अब मम्मी उनको रोक नहीं पा रही थी। फिर पापा ने मम्मी की टाँगों से उनके पेटीकोट को खींचकर उतार दिया।

अब मम्मी पूरी तरह से नंगी हो गयी थी और पापा के बगल में लेटी रही। फिर पापा ने भी अपना शॉर्ट और अंडरवेयर उतार फेंका और उनके दोनों पैरो को फैला दिया था। अब पापा मम्मी की चूत को अपने हाथों में लेकर मसलने लगे थे और उसके अंदर अपनी एक उंगली पेलकर अंदर बाहर करने लगे थे। फिर पापा मम्मी की चूत में तब तक अपनी उंगली पेलते रहे, जब तक उनकी चूत में से काफ़ी पानी नहीं निकला और अब में भी समझ गया था कि अब मम्मी अपनी चूत चुदवाने के लिए तैयार है। फिर पापा ने अपने आपको मम्मी की खुली हुई जांघों के बीच में पोज़िशन बनाकर अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया और फिर पापा ने अपनी कमर हिलाकर अपना लंड मम्मी की चूत में अंदर डाल दिया था। अब उनका लंड आसानी से मम्मी की चूत के अंदर समा गया था और अब मम्मी भी अपनी कमर उचका उचकाकर पापा के लंड को अपनी चूत की और गहराई में लेने की कोशिश करने लगी थी।

अब पापा ने भी झटके मार-मारकर मम्मी को चोदना शुरू कर दिया था। अब में बगल में लेटा हुआ था इसलिए वो ज्यादा आवाज नहीं कर सकती थी और नहीं ज्यादा उछलकूद कर सकती थी और इसलिए वो अपनी चुदाई बहुत धीरे-धीरे कर रहे थे। अब धीरे-धीरे चुदाई करने से उनको बहुत आनंद मिल रहा था और इसका फ़ायदा यह था कि पापा मम्मी को ज्यादा देर तक चोद सकते थे, लेकिन मम्मी बहुत गर्म हो गयी थी। फिर मम्मी ने अपने दोनों पैर उठाकर उनकी कमर पर रख दिए। तब पापा उनके दोनों पैरो को अपने हाथों से पकड़कर उनको धीरे-धीरे, लेकिन गहरे और ज़ोरदार झटको के साथ चोदने लगे थे। फिर पापा ने देखा कि अब मम्मी अपने चूतड़ ज़ोर-ज़ोर से और जल्दी-जल्दी उछाल रही है और अपने होंठो को चबा रही है। अब में समझ रहा था कि अगर में बगल में ना सोता होता, तो मम्मी जरूर अपनी कमर उछाल-उछालकर उनका लंड अपनी चूत में लेती और सिसकियाँ भरती।

फिर उन्होंने अपने दोनों पैरों को फिर से पापा की कमर पर रखकर कसकर उनको पकड़ लिया। फिर अचानक से मेरी आंख लग गई और में सो गया ।।

धन्यवाद …

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