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मौसी को पापा और भाई से चुदवाया

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प्रेषक : आरजू …

हैल्लो दोस्तों, आज में आपको अपनी कहानी बताती हूँ। दोस्तों में मम्मी के सामने मेरे भाई और पापा से चुदवाकर में बिल्कुल ही बेशर्म हो गयी थी और अब तो हम लोग एक ही रूम में सोते थे। अब मम्मी भाई से और में पापा से चुदवाती थी। उन्ही दिनों मेरे यहाँ मेरी मौसी का आना हुआ और तब में बहुत खुश हो गयी, क्योंकि वो मुझे बहुत चाहती थी। अबकी बार उनका बहुत दिनों के बाद आना हुआ था। फिर उनसे मिलने के बाद हम लोग खाना वगैराह खाकर रूम में सोने गये। आज मुझे उनके साथ ही सोना था और इस वजह से मेरा मूड खराब था, क्योंकि मुझे रोज लंड खाए बगैर अब नींद ही नहीं आती थी। फिर में जैसे ही रूम में आई तो मैंने देखा कि मौसी सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही थी और मौसी का गोरा बदन बहुत ही सुंदर लग रहा था और उनकी चूचीयाँ ब्रा के ऊपर ही निकली हुई थी और ब्लेक कलर की छोटी सी पेंटी में उनकी फूली हुई चूत बहुत ही सेक्सी नजर आ रही थी। अगर में लड़का होती तो उसी वक़्त उनकी चूत में अपना लंड घुसा देती, लेकिन अफसोस कि में लड़की थी।

फिर मुझे देखते ही मौसी बोली कि आ गयी तू और ये क्या तू नाइटी पहनकर सोती है? जब रूम में तू अकेली सोती है तो नंगी सोया कर आराम मिलता है। फिर तब में भी अपनी नाइटी उतारकर उनके बगल में ही लेट गयी, लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी। फिर जब बहुत देर हो गयी, तो मौसी बोली कि बेटी नींद नहीं आ रही क्या? तो तब मैंने कहा कि हाँ मौसी बस ऐसे ही, लेकिन आप क्यों जाग रही है? तो तब मौसी ने कहा कि बेटी अब तो तू भी जवान हो गयी है और अब तुझसे क्या छुपाना? बात ये है कि मुझे तेरे मौसा की याद आ रही है। में जब तक उनसे रात को 1-2 बार मज़ा नहीं ले लेती, तो मुझे चैन नहीं पड़ता है।

फिर मैंने कहा कि मौसी अब मौसा को कहाँ से लाए? आप चाहे तो उंगली से काम चला सकती है। फिर मेरी बात सुनकर ख़ाला मेरी शक्ल देखती रह गयी और बोली कि बेटी तू ऐसी बात कैसे कर सकती है? भला अभी तुझे इतनी समझ ही कहाँ है? फिर तब मैंने कहा कि मौसी अब में भी आपसे कुछ नहीं छुपाऊँगी और एक बहुत ही गहरी राज की बात बताऊँगी। फिर तब मौसी मेरी शक्ल देखने लगी, तो तब मैंने कहा कि मौसी में जवानी के मज़े ले चुकी हूँ और मुझे भी अपनी चूत में बिना लंड डलवाए नींद नहीं आती है। फिर तब मौसी ने कहा कि भला तू रोज लंड कहाँ से लाती होगी? तो तब मैंने कहा कि मम्मी ने खुद ही मुझे भाई से चुदवाया था और फिर अब तो पापा और भाई दोनों मिलकर एक साथ मुझे और मम्मी को चोदते है। आज भी आपके आने से में मज़ा नहीं ले पाई वरना इस वक़्त तो वो दोनों मुझे चोद रहे होते।

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फिर तब मौसी ने अपना हाथ मुँह पर रखा और मुझे ऊपर से नीचे तक देखने लगी। फिर मैंने हंसकर कहा कि मेरी प्यारी मौसी ऐसे क्या देख रही हो? अब तो हम लोग आपस में खूब खुलकर चुदाई की बातें भी करते है। अगर आपको यकीन नहीं आता तो पापा के कमरे में झाँककर देख लीजिए। फिर मौसी रोशनदान पर चढ़कर पापा के कमरे में देखने लगी तो अंदर का सीन देखते ही उनकी साँस ऊपर की ऊपर रह गयी। फिर वो फट से नीचे आई और बोली कि हाँ रे आरजू तू तो सही कह रही थी अंदर तो बहुत ही घमासान चुदाई चल रही है। आजा पहले हम लोग इस सीन का मज़ा ले और फिर बाद में देखते है कि क्या करना है? और फिर में भी मौसी के साथ ही रोशनदान से झाँकने लगी और अंदर देखा तो भाई मम्मी की गांड मार रहा था और मम्मी ऊऊऊऊफफफफफ, मर गयी कह रही थी और पापा आगे से पलंग पर चढ़कर मम्मी के मुँह में अपना लंड डाले हुए थे और बहुत ज़ोर-ज़ोर से मम्मी के मुँह के अंदर पेल रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मम्मी पापा का पूरा लंड अपने मुँह में लेकर पीछे को धक्के मार रही थी। फिर भाई ने अपने हाथ बढ़ाकर मम्मी की चूची पर रखे और किसी हॉर्न की तरह दबाने लगा, तो मम्मी चीखने लगी साले, भडवे, मादरचोद दर्द हो रहा है ज़रा धीरे-धीरे धक्के मार, आआआअहह, आआआआआआअहह, आअहह मर गयी। फिर तब ही पापा ने कहा कि साली इतनी बार गांड मरवा चुकी है तब भी नखरे ऐसे दिखाती है जैसे 16 साल की चूत हो और कसकर धक्के मारते हुए मम्मी के मुँह में ही झड़ गये और भाई भी अपने लंड को मम्मी की गांड पर दबाते हुए अपने रस को निकालने लगा। फिर मम्मी सुस्त पड़ गयी और फिर वो तीनों वहीं बेड पर लेट गये। अब अंदर की चुदाई देखकर हम दोनों की हालत भी खराब हो चुकी थी। फिर मैंने मौसी की पेंटी देखी तो उसमें से पानी निकल रहा था। फिर तब मैंने मौसी से कहा कि आपकी चूत से तो पानी निकलने लगा और मैंने उनकी भीगी हुई चूत पर अपना हाथ लगाया, तो तब मौसी ने अपनी दोनों टाँगों को और फैला दिया।

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फिर मैंने उनकी चड्डी उतार दी और उन्होंने खुद ही अपनी ब्रा खींचकर उतार डाली। अब वो बिल्कुल ही नंगी थी। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतारे और उनकी तरह ही पूरी नंगी हो गयी। फिर तब मैंने मौसी से कहा कि अब इस वक़्त लंड तो मिलने से रहा नहीं, अब हम लोग एक दूसरे की चूत में उंगली डालकर ही काम चला लेंगे। फिर तब मेरी मौसी ने कहा कि साली उंगली से क्या होगा? मेरी चूत में तो तू खुद भी घुस जायेगी तो तब भी मेरी आग ठंडी नहीं होगी, ये मेरी भोसड़ी है जिसे तेरे खालू ने अपने 9 इंच लंबे लंड से फाड़कर फैला दिया है, तेरी जैसी कमसिन चूत नहीं कि ऊँगली भी मुश्किल से जाए। अब मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उनकी चूत में अपनी 3 उंगलियाँ एक साथ घुसा डाली। फिर मौसी अपने चूतड़ को नीचे से उचकाने लगी और बोली कि बेटी ज़रा ज़ोर से कर।

फिर मैंने कहा कि साली पूरा भोसड़ा लिए हुए है, रुक जा अभी तेरी खुजली मिटाती हूँ और इतना कहकर उनकी दोनों टांगो को चौड़ा करके काफ़ी हद तक सीधा कर दिया, जिससे कि उनकी चूत में बड़ा सा छेद बन गया। तब मैंने अपना पूरा हाथ उसमें घुसा दिया, तो मौसी चिल्ला पड़ी आआअहह, हाईईईईई अल्लाहा मार डाला, साली कुत्तियाँ ने आआआआहह। फिर तब मैंने कहा कि अब खुजली कम हुई? तो वो बोली कि बेटी में तेरी मौसी हूँ तू ऐसा क्यों कर रही है? मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आआआहह, आआआआ बेटी निकाल ले अपना हाथ, तुझे मेरी कसम। फिर मैंने कहा कि मौसी अभी आपको बहुत मजा आएगा और झुककर उनकी चूची को अपने मुँह में डालकर टॉफी की तरह चूसने लगी। अब मौसी को थोड़ी राहत मिल रही थी और अब वो भी नीचे से अपनी चूत को उछालने लगी थी। फिर तब मैंने कहा कि मौसी अब मजा आ रहा है? तो वो बोली कि हाँ बेटा अब बहुत अच्छा लग रहा है। तो तब ही मैंने थोड़ा ज़ोर लगाकर अपना हाथ और आगे बढ़ा दिया, तो उनकी हिचकी निकल पड़ी और वो मुझसे एकदम से चिपक गयी। अब मेरी चूची उनकी चूची से चिपक गयी थी, अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मौसी ने कहा कि अब और धक्के लगा और घुसा दो अपना पूरा हाथ मेरी भोसड़ी में और कसकर और अपनी चूत उछालने लगी, तो में भी उनकी चूत में अपना पूरा हाथ अंदर बाहर करने लगी, तो थोड़ी देर के बाद ही वो झड़ गयी। फिर उसके बाद मैंने मौसी को अपने भाई और पापा से चुदवाया। अब मौसी को तो जैसे जन्नत मिल गई थी। मौसी ने भी उन दिनों हमारे साथ मिलकर खूब मजा लिया ।।

धन्यवाद …

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