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मामी को पब्लिक टॉयलेट में चोदा

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प्रेषक : साहिल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम साहिल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। में आज आपको अपनी मामी की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो कि बंगाली है और एकदम काली चूत, गांड भी और हॉट बॉडी, वो चिकनी बहुत थी और उनके 2 बच्चे है। फिर में मामा के घर गया, मामा को ऑफिस के काम से आउट ऑफ स्टेशन जाना था। अब मामा को गये हुए 2 दिन हुए होंगे। फिर मामी के बच्चे (मेरे कज़िन) स्कूल से आए। फिर मामी ने उनको तैयार किया और खाना खिला दिया। में अपने कज़िन के साथ ही सोता था, मामी वहाँ पर उन दोनों को सुलाने आ जाती थी। फिर एक बार मामी उनको सुलाने के लिए आई तो तब उन्होंने जो सूट पहना था उसकी पीठ साईड से चैन थी, जो कि खुली हुई थी, वो मैंने देख ली थी।  उनकी पीठ देखकर मेरा लंड हार्ड हो गया था, लेकिन में कुछ नहीं कर सकता था।

फिर मामी मेरे सामने लेट गयी, उनको पता नहीं था कि उनकी चैन खुली है, उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी।  फिर में सो गया, लेकिन मगर मैंने अपना हाथ उनकी पीठ पर रख दिया था, तब मैंने शॉर्ट्स पहने थे और अंडरवियर नहीं डाला था। फिर में उनकी पीठ पर अपना हाथ रख़कर सो गया। फिर जब में शाम को उठा तो तब मैंने देखा कि मेरा शॉर्ट्स गीला है तब मैंने देखा तो पता लगा कि उसमें से बहुत सारा वीर्य निकल गया है तब मुझको याद आया कि मामी की गांड मेरे लंड से टच हुई थी और मैंने उनकी गांड पर अपना हाथ रख़कर पकड़ लिया था। फिर अगले दिन मामी के बेटो को पिकनिक जाना था, वो शाम को 7 बजे आने वाले थे। फिर मामी उनको स्कूल ड्रॉप करके आई। फिर मैंने ब्रेकफास्ट किया और फिर कंप्यूटर पर ज़ाकर बैठ गया, जब सुबह के 9 बज रहे थे।

फिर मामी ने मुझको अपने बेडरूम में बुलाया तो जब में अचानक गया तो उधर मैंने मामी को नंगा देखा। मामी की चूत पर पानी लगा हुआ था, उनकी चूत गीली थी और फिर मामी ने अपने दोनों पैरो को खोलकर मुझको बुलाया और बोली कि आजा कल तो तुने दिखा ही दिया, आज वो मज़ा दे भी दे। फिर में मामी के पास गया और उनको किस करने लगा और अपने एक हाथ से उनकी चूत में अपनी एक उंगली डाली। अब उनको अजीब सा लग रहा था, लेकिन उनकी चूत गर्म थी। फिर मैंने अपना मुँह नीचे किया और उनकी चूत को सक करने लगा था, वाह क्या खुशबू थी उनकी चूत में? अब मामी आआआ, ओह और आह, मज़ा आ गया, उईईईईई माँ, आआआ, औह बोले जा रही थी। अब मामी को पसीने आ रहे थे, ठण्ड वैसे ही थी, जब सर्दियों का मौसम था। अब मामी को पसीना आने लगा था तो मामी ने ए.सी ऑन दिया और फिर जब ज़्यादा ठण्ड हो गयी तो तब मामी और में चिपक गये। फिर मामी बोली कि बाहर रूम में मेरा पर्स है वहाँ कंडोम का बड़ा पैकेट रखा है वो लेकर आ जा, तो तब में बाहर गया।

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अब मामी लेटी हुई थी। फिर हमने चादर ओढ़ लिया। फिर पहले तो मामी ने मेरे लंड को सक किया तो 3-4 बूंदे मामी के मुँह में टपक गयी। अब मामी के मुँह में से वीर्य की स्मेल आ रही थी। अब उनका चेहरा सफ़ेद हो गया था। अब उन्होंने अपनी नाभि में मेरा वीर्य भर दिया था। फिर उन्होंने मुझको गोली दी, जिससे मुझको गर्मी लगने लगी थी। फिर मैंने मामी की चूत में बिना कंडोम के अपना लंड घुसा दिया। तब मामी चिल्ला पड़ी कि मेरा पहली बार था, इसलिए पहले तो 5 मिनट में ही मेरा वीर्य मामी की चूत में टपक गया था, में अपने आपको रोक ही नहीं पाया था। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। तब मामी बोली कि ये क्या हो गया? तो तब में बोला कि सॉरी आपकी चूत की गर्मी ने मुझको बाहर नहीं करने दिया। तो तब मामी हंस पड़ी और बोली कि कोई बात नहीं, तेरे मामा से एक बार सेक्स कर लूँगी तो कुछ नहीं होगा। फिर मैंने मामी की चूत पर अपना लंड रखा और फिर 15 मिनट के बाद में कंडोम निकाला और फिर मैंने झटके देने शुरू किए।

अब मामी आआआआआ, ऊफह, नहीं, मुझको छोड़ दे बोले जा रही थी और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी की बचाओ बचाओ पता नहीं क्या हो गया? तो तब मैंने देखा कि मामी की चूत में से ब्लडिंग सी हो रही है। तो तब वो बोली कि में तो सेक्स 4 साल बाद कर रही हूँ और तेरा लंड मोटा बहुत है और लम्बा भी है। अब मामी की चूत लाल हो गयी थी। फिर मैंने 4 कंडोम मामी की चूत में यूज़ किए। अब मामी मममम, राजू उउउ, आआआआआ और जोर से, आई लवववव यू, फुक मी, फुक मी, ममममम, हाईईई। अब बाहर ठण्ड हो रही थी, लेकिन मामी को पसीना आ रहा था। अब पूरी बेडशीट मामी के पसीने से और मामी के खून से गीली हो गयी थी। फिर मामी ने अपने दोनों पैर मेरे कंधो पर रख़ दी और मेरे हाथ को अपने कूल्हों पर लगवाया और मेरे लंड को अपनी गांड में घुसवाया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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में मामी की गांड फर्स्ट टाईम में ही फुक कर रहा था तो तब मैंने झटके देने शुरू किए। अब बेड हिलने लगा था, बेड का एक साईड खराब भी था, जिसके स्क्रू भी ढीले थे और अब में मामी की गांड में झटके  दे रहा था। फिर थोड़ी देर में बेड का एक पाया सपोर्ट ब्रेक हो गया और पीछे से निकल गया था, जिससे बेड नीचे हो गया था। अब में मामी की गांड मार रहा था। फिर मैंने मामी की गांड में 12 कंडोम यूज़ किए और फिर मामी ने और मैंने बिना कंडोम के सेक्स किया। फिर मामी बोली कि बाहर चलते है। फिर हम बाहर गये और फिर एक पार्क में घूमने लगे। अब मुझको टॉयलेट आ रही थी। फिर में टॉयलेट में चला गया, वो बहुत गन्दा सा था, वहाँ कोई भी नहीं आता था। फिर मामी भी अंदर आ गयी और मुझको किस करने लगी थी। फिर मैंने मामी को आधा तो बाहर और आधा टॉयलेट फ्लोर पर लेटा दिया, टॉयलेट में जो रूम होते है, अब उनकी आधी बॉडी तो अंदर थी जहाँ पर पोर्ट होते है और कॉमन टॉयलेट में आधी बॉडी थी दरवाज़े से बाहर।

फिर मैंने मामी के ब्लाउज के हुक फाड़ दिए और मामी के बूब्स को फुक करने लगा था। फिर मैंने मामी की चूत मारी और फिर बहुत देर तक हम वही एक दूसरे की बाहों में पर लेटे रहे। फिर जब 5 बजने को हुए तो तब हम वहाँ से चले गये। फिर मामी पहले घर गयी। फिर हमने एक साथ बाथ लिया। फिर मैंने मामी की चूत साफ की और मामी के अंदर 6-7 बूंदे वीर्य की टपकाई। फिर एक ही दिन में हमने पूरे दिन सेक्स किया। फिर हम बच्चों को लेकर आए। फिर जब वो सो गये तो तब हम छत पर चले गये और उधर स्टोर रूम में मैंने मामी की इज़्ज़त लूटी और फिर मामी को ऊपर वाले कमरे में बाँधकर मामी को बहुत मारा। अब मामी को बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने मामी की गांड में एक डंडा भी घुसा दिया, वो 11 इंच का तो होगा, जिसमें से आधा तो बाहर ही था। अब मामी घबरा रही थी मगर वो रोक नहीं सकती थी, क्योंकि मामी की चूत इतने मोटे डंडे से ढीली हो गयी थी। फिर मैंने मामी की चूत में से वीर्य तो रुकने ही नहीं दिया और फिर में वहाँ पर 2 हफ्ते और रहा और मामी की रोज चुदाई की और खूब इन्जॉय किया ।।

धन्यवाद …

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