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लीना आंटी मेरे लंड पर फिदा

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प्रेषक : आकाश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आकाश है, में महाराष्ट्र के पुणे शहर से हूँ। में अभी 21 साल का हूँ, मेरी हाईट 6 फुट 1 इंच है, मेरा लंड 7 इंच लंबा और करीब 3 इंच मोटा है, में एक्सरसाइज करता हूँ इसलिए मेरी बॉडी एकदम मस्त है। आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एक सच्ची कहानी है। यह आज से करीब 1 साल पहले की घटना है, जब में जिगलो नहीं था। उस वक्त में मेरे अंकल के घर मुंबई गया था, वो एक अपार्टमेंट में रहते थे। में सुबह जब अपार्टमेंट की छत पर एक्सरसाइज करने गया था, तो तब सामने के अपार्टमेंट में से एक भाभी करीब 24 साल की मुझे दिख रही थी। अब में भी उन्हें देखने लगा था। अब में सिर्फ़ फ्रेंची पहने था। अब मेरा लंड उसमें से एकदम साफ़ दिख रहा था। फिर जब उसने मुझे देखा तो में भी उसकी तरफ देखने लगा। अब में भी कसरत करता जाता और उसे देखता जा रहा था। वो इतनी ज़्यादा खूबसुरत नहीं थी।

फिर उसने अपना पल्लू नीचे किया, तो में उसकी चूचीयाँ देखकर दंग रह गया, एकदम अप्सरा जैसी चूचीयाँ थी और उसका पेट भी सपाट था, उसका चेहरा बहुत खूबसूरत था और उसके बूब्स बहुत बड़े-बड़े थे और उसका रंग गोरा था। अब वो ऐसे देख रही थी कि मेरे लंड में हलचल शुरू हो गयी थी और टाईट हो गया था, जो मेरी फ्रेंची से साफ दिखने लगा था। मेरा लंड 7 इंच लंबा है, लेकिन मोटा बहुत ज़्यादा है, उसकी 3 इंच से ज़्यादा मोटाई होगी। अब मेरा लंड फ्रेंची में उछलने लगा था और टेंट बना दिया था। तभी उसने मेरे लंड की तरफ देखा और एक अजीब तरह की स्माइल दी। फिर उसने अपनी चूचीयों पर हाथ रखा और उन्हें मसलने लगी थी। अब मेरा लंड तो और भी टाईट हो गया था। तभी नीचे से आंटी ने आवाज़ दी और फिर में नीचे चला गया।

फिर 1 घंटे के बाद सुबह के 10 बजे में नाश्ता करके अंकल के मेडिकल स्टोर पर जाने के लिए अपार्टमेंट से नीचे उतरा और अपनी बाइक निकालकर चालू करने लगा था। तभी वो भाभी मेरे सामने आई और मुझसे कहने लगी कि आपको यहाँ पर पहली बार देखा है। तब मैंने मेरे अंकल का नाम देकर कहा कि में अंकल के घर आया हूँ और पुणे में रहता हूँ। तो तब उसने कहा कि तुम तो बहुत हैंडसम हो और तुम्हारी बॉडी भी बहुत अच्छी है। तो तब मैंने उससे थैंक्स कहा। फिर उसने कहा कि तुम मार्केट जा रहे हो तो आते वक्त मेरा कुछ सामान ला देना। तो तब मैंने कहा कि जी ठीक है, आप कहिए क्या लाना है? तो तब उसने कहा कि मेरे घर पर चलो वहाँ तुम चाय भी पी लेना और में तुम्हें पैसे और सामान की लिस्ट भी दे दूँगी। अब में समझ गया था कि भाभी क्यों चाय पीने बुला रही है?

अब में सोच रहा था कि क्या करूँ? तो तभी भाभी ने कहा कि अभी तुम जल्दी में हो और मुझे भी बैंक जाना है इसलिए ऐसा करो दोपहर को शांति से आना, तब में भी फ्री हो जाऊंगी, में सामने वाले अपार्टमेंट में टॉप फ्लोर पर 702 नम्बर में रहती हूँ। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर उसने मेरे सामने एक बार फिर से अपना पल्लू नीचे किया और फिर कंधे पर ले लिया और अजीब तरह से मुस्कुराई। अब में तो देखता ही रह गया था और वो चलने लगी, तो पीछे से उसके गोलाई वाले टाईट चूतड़ मटक रहे थे और दो बड़े-बड़े तरबूज के बीच की जगह में उसकी मस्त गांड थी। अब उसका नितंब ऊपर नीचे हो रहा था। अब मेरा लंड फिर से खड़ा होने लग गया था, वैसे भी मुझे शादीशुदा औरतों को चोदने में ज़्यादा मज़ा आता था, क्योंकि मेरे मोटे लंड से कुँवारी लड़कियाँ बहुत चिल्लाती थी और उन्हें चोदने में बहुत सावधानी करनी पढ़ती थी। अब मैंने सोच लिया था कि आज इसकी चूत में मेरा लंड डालकर इसके सारे नखरे निकाल दूँगा और फिर में चला गया।

फिर करीब 2 घंटे के बाद में वापस घर आया और ऊपर छत पर गया तो तब मैंने देखा कि वो सामने खड़ी मुस्कुरा रही थी। फिर उसने इशारे से पूछा कि में अब कब आने वाला हूँ? तो तब मैंने कहा कि खाना खाने के बाद। तो तब उसने फिर से अपनी चूची की झलक दिखा दी। अब में तो बैचेन हो गया था। फिर दोपहर को खाना खाने के बाद मैंने आंटी से कहा कि में एक चक्कर लगाकर आता हूँ और फिर उसके बाद मैंने उसके फ्लेट पर पहुँचकर डोरबेल बजाई। तब उसने दरवाजा खोला। अब वो पूरी तरह से मेकअप करके तैयार हुई थी और अब तो खूबसूरत भी लग रही थी, उसने स्लीवलेस ब्लाउज पहना था और साड़ी भी नाभि के नीचे पहनी थी, उसकी नाभि काफ़ी गहरी और बड़ी थी। अब मेरा लंड तो टाईट हो गया था। फिर उसने मुझे सोफे पर बैठाया और बोली कि क्या पीयोगे ठंडा या गर्म? तो तब मैंने कहा कि जो भी आप बनाए और फिर वो कुछ बनाने चली गयी। उसका फ्लेट काफ़ी शानदार था, उसके घर पर कोई नहीं था।

अब मे इधर उधर देख रहा था, तभी वो पाइनेपल का जूस लेकर आई और मुझे दिया। तब मैंने कहा कि आपको नहीं पीना है? तो तब वो बोली कि नहीं मुझे अच्छा नहीं लगता है। अब में पूरा गिलास पी गया था। तब उसने कहा कि और पीना है? तो तब में कुछ नहीं बोला। तब वो फिर से एक गिलास लेकर आई और मेरे बाजू में बैठ गयी थी। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या आप घर पर अकेली रहती है? तो तब उसने कहा कि मेरे पति बिजनेस के काम से काफ़ी हफ्ते तक बाहर रहते है और मुझे अभी तक कोई बच्चा नहीं है। फिर मैंने उससे उसका नाम पूछा तो तब उसने स्माइल देते हुए कहा कि लीना और फिर वो मेरे और करीब आई और मुझे टच करते हुए बैठ गयी थी। अब उसकी जाँघ मेरी जाँघ से चिपकी हुई थी। अब मेरा लंड खड़ा होने लगा था। अब मैंने आधा गिलास पिया था और फिर वो टेबल पर रख दिया और उसकी जाँघ पर अपना एक हाथ रख दिया था। अब वो मुस्कुराने लगी थी। फिर में अपने एक हाथ से उसकी जाँघ को सहलाने लगा। तब उसने मेरी तरफ देखा और बोली कि तुम बहुत मज़बूत लगते हो और तुम्हारा ये भी बहुत बड़ा है। पहले तो में उसकी बात पर चौंक गया और फिर उसकी जाँघ को थोड़ा दबाते हुए कहा कि तुम्हें पसंद है? तो तब उसने कुछ नहीं कहा, लेकिन अपना एक हाथ मेरी पेंट के उभरे हुए हिस्से पर रखा और मेरे लंड को दबाया। तब मैंने उसे अपने पास खींच लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा था। फिर वो मेरे गले से लग गयी और अब वो भी मेरे होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब मैंने भी उसे कसकर अपनी बाँहों में भर लिया था। अब में उसे बहुत ज़ोर-जोर से चूम रहा था। फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह के अंदर डाल दी। अब वो मेरी जीभ चूसने लगी थी। अब उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया था। फिर मैंने उसकी लेफ्ट चूची पर अपना हाथ रखा और दबाया, एकदम सख़्त चूचीयाँ थी उसकी। तब उसके मुँह से आआआआ, धीरे, में कही नहीं जाऊंगी मेरे राजा निकला, लेकिन में नहीं रुका था।

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फिर मैंने उसके ब्लाउज के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया। अब में उसे सोफे पर लेटाने लगा था। तो तब उसने कहा कि यहा मज़ा नहीं आएगा और फिर वो खड़ी हो गयी। तब मैंने वहीं उसकी साड़ी खींचकर निकाल दी, वाउ वो पेटीकोट और ब्लाउज में क्या लग रही थी? अब मेरा लंड तो बेताब होने लगा था। फिर मैंने उससे कहा कि जरा एक बार घूमो। तो तब उसने अपनी पीठ मेरी तरफ की, उसके पेटीकोट में उसके चूतड़ एकदम कसे हुए थे और उसकी बल खाती कमर एकदम चिकनी थी। फिर में खड़ा हो गया और उसे पीछे से पकड़ लिया था। अब मेरा लंड उसकी गांड की घाटी में लग रहा था। फिर मैंने उसके कान के पास अपना मुँह ले जाकर धीरे से चूमा और कहा कि तुम बहुत गर्म चीज हो। तब वो बोली कि तो ठंडा करो ना और यह कहते हुए उसने मेरा हाथ पकड़ा और आगे चलने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गयी और मेरे कपड़े उतारने लगी और फिर मुझे पूरा नंगा कर दिया था। अब मेरी फ्रेंची खुलते ही मेरा लंड बाहर निकल आया था। तब वो मेरे लंड को देखते ही बोली कि वाह कितना लंबा है? और इतना मोटा और अब वो अपने कपड़े जल्दी-जल्दी उतारने लगी थी। अब वो सब इतना फास्ट कर रही थी कि तब मुझे ऐसा लगा जैसे ये कई दिनों से प्यासी है। फिर उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। अब में तो उसके बूब्स को देखता ही रह गया था, उसके बूब्स बहुत मोटे-मोटे और गोल-गोल थे, उसके निप्पल भी लंबे थे, उसका रंग गोरा था, लेकिन उसकी चूचीयाँ थोड़ी पिंक थी। अब मेरा लंड तो पूरा 7 इंच लंबा हो गया था। फिर वो मेरा लंड अपने हाथ में लेकर बोली कि क्या शानदार लंड है तुम्हारा? लंबा और मोटा और फिर उसने मेरे लंड को सहलाया और उसके सुपाड़े से स्किन हटाई, मेरा सुपाड़ा बहुत मोटा और लाल है। फिर उसने कहा कि ये तो मेरी चूत फाड़ देगा, में इसे मुँह में लूँगी तो यह सुनते ही मेरा लंड फड़क उठा।

फिर वो नंगी ही चलकर पास की अलमारी की तरफ गयी और फिर उसने अलमारी में से शहद की बोतल निकाली और मेरे लंड के टोपे पर और पूरे लंड पर लगाई और फिर उसे अपनी जीभ से चाटने और चूसने लगी थी। अब मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा था और अब में अपनी आँखे बंद करके पूरा मज़ा ले रहा था। फिर मैंने उसके सिर को पकड़ा और मेरे लंड को उसके मुँह में आगे पीछे करने लगा था। अब वो तो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूस रही थी और कभी-कभी तो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लेती थी। फिर उसने कहा कि ज़िंदगी में पहली बार ऐसा लंड मिला है, में इसे बहुत प्यार करूँगी। फिर उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और अपनी चूचीयों पर शहद लगाकर मेरे ऊपर आ गयी थी और फिर अपनी चूचीयाँ मेरे मुँह में रख दी। अब में भी उसकी चूचीयों पर लगे शहद को चाटने लगा था और उसकी निप्पल पर अपनी जीभ फैरने लगा था।

अब वो अजीब-अजीब सी आवाजे निकाल रही थी आहह और चूसो। फिर वो बार-बार शहद लगाती रही और में उसको चाट लेता था। फिर में चूसता रहा और वो शहद लगाती रही, कभी-कभी तो में उसकी आधी चूची को अपने मुँह में लेकर चूसता था। फिर थोड़ी देर के बाद वो उठी और अपना पेटीकोट और ब्लेक पेंटी निकालकर मेरे साईड में लेट गयी। फिर उसने अपने दोनों पैर फैलाए, तो तब मैंने उसकी चूत को देखा, उसकी चूत क्नीन शेव थी, ऐसा लग रहा था जैसे आज ही साफ की है। फिर मैंने उसकी चूत को सहलाया। तो वो आहह कर उठी, उसकी चूत उभरी हुई थी और उसकी चूत के लिप्स चिपके हुए ही थे, यानि उसकी ज़्यादा चुदाई नहीं हुई थी और ना ही उसकी चूत के लिप्स बाहर निकले थे। अब में हैरान हो गया था कि शादी के 2 साल बाद भी उसकी चूत ऐसी कैसे है? फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा पति क्या तुम्हें खुश नहीं कर पाता है? तो तब उसने कहा कि हाँ और फिर उसने मेरा मुँह उसकी चूत पर दबाया। तब मैंने उसकी चूत पर किस किया।

फिर उसने अपनी चूत पर शहद लगाया और उठकर मेरे सिर के दोनों तरफ अपने पैर किए और अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी थी। अब में अपनी जीभ से उसकी चूत को भी चाटने लगा था, उसकी चूत पिंक थी और पूरी शेव की हुई क्लीन थी, जैसे की मेरे लिए सज़ाकर रखी थी। अब में कभी तो उसकी चूत के दाने को चूसता, तो कभी उसकी पूरी चूत अपने मुँह में लेकर अपनी जीभ अंदर डाल देता था। तब वो बोल उठती वाहह क्या मजा आ रहा है? उसकी चूत में से एक नशीली स्मेल आ रही थी। फिर वो बोली कि तुम तो एक्सपर्ट हो और अंदर डालो, बहुत मज़ा आ रहा है। फिर उसने कई बार अपनी चूत पर शहद लगाया और अब में भी उसकी चूत का रस अपनी आँख बंद करके पी रहा था और मज़े लूट रहा था। तो तभी वो मेरे पेट पर झुकी और थोड़ा शहद मेरे लंड पर भी लगाया और झुककर उसे अपने मुँह में ले लिया। अब इस तरह से हम 69 की पोजिशन में आ गये थे। अब में उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर चूस रहा था।

फिर तभी वो आआहह, उम्म्म करते हुए अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाने लगी। तभी अचानक से उसकी चूत में से शहद के साथ एक फव्वारा निकल पड़ा। अब शहद की मिठास और जूस का खारापन एक नया टेस्ट पैदा कर रहा था, जो अब मेरे मुँह में भर गया था। अब वो मेरे मुँह में ही झड़ गयी थी। अब उसने भी अपनी आँखे बंद कर रखी थी। फिर थोड़ी देर के बाद में खड़ा हुआ और फिर मैंने उसके पूरे बदन पर शहद लगाया और पहले उसके पैरो को चाटने लगा था। अब में धीरे-धीरे ऊपर बढ़ रहा था। फिर मैंने उसके पैरो को चाटते-चाटते उसकी जाँघो को चाटना शुरू किया। अब में अपनी जीभ उसकी जाँघ पर फैर रहा था और उस पर लगा शहद चाट रहा था। तब वो बोली कि आहह बहुत मज़ा आ रहा है मेरे डार्लिंग, तुम तो कमाल के हो मेरी जान। फिर में उसकी चूत के पास जाँघो पर चाटने लगा और फिर सीधा उसकी नाभि पर पहुँच गया। फिर पहले तो मैंने उसकी नाभि के पास का शहद चाटा और फिर उसकी नाभि को अपने मुँह में ले लिया और अपनी जीभ उसकी नाभि में डाल दी। उसका बदन क्या सॉफ्ट-सॉफ्ट था? मानो आप मखमल को चूस रहे हो।

फिर में और ऊपर बढ़ा और उसके बूब्स के पास का शहद चूसा और फिर उसकी निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और उसको खींचने लगा था। फिर मैंने उसकी चूत पर थोड़ा शहद डाला और उसकी चूत का शहद चूसने लगा। अब में उसकी चूत में अंदर तक अपनी जीभ डालकर चूस रहा था और अपने अंगूठे से उसके दाने को भी मसल रहा था। अब वो चिल्ला रही थी। तभी भाभी ने कहा कि अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है, अब अपना लंड घुसा दो। फिर मैंने अपना लंड उसकी गीली चूत के ऊपर रखा और थोड़ा ऊपर नीचे रगड़ा, उसकी चूत पूरी गीली थी। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखकर एक जोरदार धक्का मारा तो शहद और चूत के पानी से मेरा लंड फिसलता हुआ पूरा अंदर एक बार में ही घुस गया था।

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अब मैंने उसकी चूत में मेरा लंड पूरा डाल दिया था और अंदर बाहर करने लगा था। अब वो बोल रही थी वाहह और फास्ट करो, मेरी चूत पूरी भर गयी है, मेरी जान मुझे पूरी तरह से मसल दो। तब में भी जोश में आ जाता और ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगता। फिर यह युद्ध करीब आधे घंटे तक चला और फिर वो झड़ गयी। अब में भी झड़ने वाला था। फिर वो उठकर बैठ गयी और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर अंदर बाहर करने लगी थी। तब मैंने भी अपना पानी उसके मुँह में ही निकाल दिया और वो उसको पूरा पी गयी थी। फिर हमने अपने कपड़े पहन लिए। फिर उसने मुझे चूमते हुए कहा कि ऐसा मज़ा तो मुझे मेरी पूरी लाईफ में कभी नहीं आया, काश तुम मेरे पति होते। फिर उसने मुझे अपना मोबाईल नम्बर दिया और कहा कि तुम मुझे फ़ोन जरूर करना और मुझसे पूछा कि तुम कितने दिन यहाँ ठहरने वाले हो? तो तब मैंने कहा कि आज शाम को ही निकलने वाला हूँ। तब उसने कहा कि अब कभी मुंबई आओ तो यहाँ जरूर आना।

फिर में खड़ा होकर जाने लगा, तो तब उसने मुझे 3000 रूपए दिए, लेकिन मैंने मना कर दिया और बोला कि देखो मैंने यह पैसो के लिए नहीं किया था, अब हम अच्छे दोस्त है, तुम्हें कभी कोई परेशानी हो तो मुझसे बोलना, में ये नहीं ले सकता हूँ। तो फिर उसने मुझे एक घड़ी दी और बोली कि यह मेरी तरफ से गिफ्ट समझकर रख लो, तो फिर में उसे मना नहीं कर पाया और वहाँ से चला आया ।।

धन्यवाद …

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