✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

loading...

कामवाली ने सेक्स की भूख मिटा डाली

0
loading...

प्रेषक : मनोज …

हैल्लो दोस्तों, मैंने आज पहली बार चोदन डॉट कॉम पर स्टोरी पढ़ी तो मुझे बहुत अच्छी लगी और सोचा कि में भी अपनी रियल स्टोरी लिख डालूं। अब पहले में आपको अपने बारे में बता दूँ, में पंजाब से हूँ और में सेक्स के लिए हर वक़्त प्यासा रहता हूँ। अब स्टोरी पर आते है, में 24 साल का हूँ और यह बात तब की है जब में 19 साल का था और मेरे घर में मम्मी, पापा और में हूँ। हमारे घर पर एक नई कामवाली आई थी, वो क्या चीज थी? मैंने तो पहले दिन जब उसको देखा तो बस देखता ही रह गया और सोचा कि अब शायद मेरा काम हो जाएगा और मेरे लंड की प्यास बुझ जाएगी। अब उसका फिगर देखकर मेरा तो लंड उछलने लगा था और उसका फिगर 36-32-36 था। वो शादीशुदा थी और 6 फुट की गोरी चिठ्ठी औरत थी और मोटी-मोटी आँखें थी।

फिर एक दिन जब वो मेरे रूम में सफाई कर रही थी, तो मैंने उसके बड़े-बड़े बूब्स देखे और उसके चले जाने के बाद में बाथरूम में चला गया और अपने लंड को बाहर निकालकर उसके नाम की मुठ मार दी। में उसके साथ सेक्स करना चाहता था, लेकिन उससे डरता था। फिर एक दिन मम्मी, पापा दोनों बाहर चले गये, अब घर पर में अकेला था और शाम के 5 बजे थे। फिर मैंने ब्लू मूवी डी.वी.डी पर देखनी स्टार्ट की और अपना लंड बाहर निकाल लिया। फिर अचानक से कामवाली अंदर आ गयी, वो ना जाने कब आ गयी? मुझे पता ही नहीं चला कि कब गेट खुला और वो अंदर आ गयी। फिर में उसे देखकर डर गया और वो मुझे नंगा देखकर बाहर चली गयी और किचन में जाकर बर्तन धोने लगी। फिर में भी डरा हुआ टी.वी बंद करके अपनी पेंट पहनकर रसोई में चला गया और मैंने धीरे से कहा कि आंटी चाय पियोगी?

फिर वो गुस्से में बोली कि नहीं, तो में और डर गया। फिर मैंने कहा कि आंटी प्लीज किसी को मत बताना, जो आपने अंदर देखा। फिर वो कुछ नहीं बोली तो मैंने फिर कहा कि प्लीज मम्मी को मत बताना। तो उसने कहा कि तुझे शर्म नहीं आती ये सब करते हुए। अब मेरे पसीने छूट गये थे, फिर मैंने हाथ जोड़े प्लीज आंटी, मुझे पता नहीं चला कि आप कब आ गयी? और में गर्म था। फिर उसने मुझे आँखों से घुर्राते हुए देखा और बोली कि तुम सारा दिन यही करते हो क्या? चल अपने रूम में जा और मुझसे बात मतकर, में तेरी माँ को बोल दूँगी कि इसकी शादी कर दे। फिर मैंने बहुत रिक्वेस्ट की, लेकिन वो नहीं मानी। फिर में रूम में आ गया, तो वो 15 मिनट के बाद मेरे रूम में आई और मेरे पास आकर खड़ी हो गयी। फिर मैंने फिर से कहा कि आप जो कहोगी में करूँगा अगर तुमको पैसे चाहिए तो ले लो। अब वो और गर्म हो गयी थी और मुझे थप्पड़ लगा दिया और कहा कि में बिकाऊ नहीं हूँ। अब में रोने लग गया था।

loading...

फिर वो मेरे पास बेड पर आकर बैठ गयी और बोली कि यह रोकर किसको दिखा रहा है? तो मैंने कहा कि प्लीज आंटी अब नहीं करूँगा। फिर वो बोली कि क्या नहीं करेगा? तो मैंने कहा कि मुठ नहीं मारूँगा। तो वो बोली कि पक्का, तो मैंने कहा प्रॉमिस। फिर उसने अपनी टाँगे बेड पर रखी, उसने ब्लेक साड़ी पहन रखी थी। फिर उसने मेरे गालों पर हाथ लगाया और बोली कि मत रो मेरे राजा, में तो तुमको डरा रही थी तू तो सच में डर गया, चल अब शुरू हो जा और मस्ती कर। यही तो उम्र है यह सब करने की। फिर मुझको ऐसी बातें सुनकर थोड़ा सुकून मिला। फिर उसने अपना एक हाथ मेरी पेंट की चैन पर रखा और बोली कि अरे मेरे राजा तुम्हारा लंड तो सो रहा है। अब में उसके मुँह से लंड शब्द सुनकर हैरान रह गया था। तो उसने कहा कि चल अपनी पेंट उतार। फिर मैंने कहा कि क्या? तो आंटी बोली कि सुनाई नहीं देता क्या? चल उतार। फिर मैंने अपनी पेंट उतार दी और उसने मेरा अंडरवियर खींच दिया और मेरे सोए हुए 3 इंच के लंड पर अपना हाथ लगाया, तो मेरा लंड टाईट होने लगा।

फिर उसने मेरे लंड के टोपे को अपने अंगूठे से स्पर्श किया। अब में मस्त हो गया था, तो वो बोली कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा है और देखते ही देखते मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया और उसने मेरा 8 इंच का लंड अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी। मुझे ऐसा अनुभव पहली बार हुआ था और अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में स्वर्ग में हूँ। फिर वो मेरे लंड को चूसने के बाद खड़ी हो गयी और उसने अपनी साड़ी उतार दी और अपना पेटीकोट भी उतार दिया। फिर मैंने भी हिम्मत करके उसके बूब्स दबा दिए और उसकी ब्रा को उतार फेंका और उसके गोरे-गोरे, मोटे-मोटे बूब्स को दबाने लगा। अब उसकी चूचीयाँ खड़ी हो गयी थी और वो बोली समीर बाबू दबा ज़ोर से, आआआआहह, ऊऊहह, में भी बहुत दिनों से प्यासी हूँ, तो मैंने उसके बूब्स जमकर चूसे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

अब वो सिसकियाँ ले रही थी और ऐसे में मैंने अपने एक हाथ से उसकी पेंटी उतार दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गये थे। फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी। अब वो सिसकियाँ ले रही थी आअहह, समीर बाबू में मर गयी, आज मेरी प्यास बुझा दो, अब हम 69 पोजिशन में आ गये थे। फिर उसने मेरा लंड फिर से चूसना शुरु किया और में अपनी जीभ उसकी गर्म चूत पर रखकर उसे कुत्ते की तरह चाटने लगा। तो उसने अजीब अंदाज में कहा कि साले, कुत्ते अब मत तड़पा, चोद दे मुझको, फाड़ दे मेरी चूत, में मरी जा रही हूँ। तो में ऐसा सुनकर में भी बोला कि चल साली रंडी आजा, आज तेरी चूत फाड़ दूँगा और मैंने उसे कुत्तिया बना दिया और अपने लंड का सुपड़ा उसकी चूत पर रख दिया और हल्का सा एक धक्का लगाया। फिर वो बोली कि आअहह, ऊऊहह, साले पूरा डाल अपनी रंडी आंटी के अंदर। फिर मैंने एक और ज़ोर से झटका दिया और बोला कि ले साली रंडी आंटी, अब मेरा पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में प्रवेश कर चुका था।

अब वो बोल रही थी आआआअहह, ऊऊऊओह, आाऊओ, उऊउह, मार डाला रे, इतना दर्द तो सुहागरात को भी नहीं हुआ, हरामी तेरा लंड ही इतना बड़ा है। फिर ऐसी गालियाँ सुनकर मुझे गुस्सा आया और में ज़ोर- जोर से उसको चोदता गया और वो मुझे गालियाँ दिए जा रही थी साले, कुत्ते, आअहह, फाड़ दे, आहह समीर बाबू, आआहह, ऊऊऊहह, आज लगा दे सारा ज़ोर। अब पूरा कमरा चुदाई की आवाज और आआआअहह, ऊओह की आवाज़ से भर गया था। अब वो पागल हो गयी थी और में भी पागल हो गया था। फिर वो सीधी लेट गयी और मैंने उसकी दोनों टाँगे खोलकर उसकी फिर से चुदाई शुरू कर दी और वो मेरे पेट पर अपने नाख़ून चुबाने लगी। अब उसने मेरी छाती पर काट लिया था और अब वो दूसरी बार झड़ गयी थी और बोली कि साले आज फाड़ देगा क्या? चल ज़ोर लगा, आआआअहह। फिर तभी मेरा वीर्य आ गया और में आनंद से भर गया और मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया और अब हम दोनों शांत हो गये थे। फिर उसने मेरे माथे पर किस किया और बोली कि तू मुझे रोज चोदा कर, में तेरी इस चुदाई से बहुत खुश हुई। अब हमको जब भी कोई मौका मिलता है तो हम सेक्स करते है और बहुत मजा करते है ।।

धन्यवाद …

इस कहानी को Whatsapp और Facebook पर शेयर करें ...

Comments are closed.