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जयपुर वाली सेक्सी साली

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प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है, में जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 30 साल है, में शादीशुदा हूँ। मैंने चोदन डॉट कॉम की बहुत सारी स्टोरियाँ पढ़ी है, मुझे इसकी स्टोरी पढ़ने में बहुत ही मज़ा आता है। मेरी भी एक स्टोरी है, लेकिन मैंने उसे कभी लिखा नहीं, लेकिन आज आप सबके लिए लिख रहा हूँ। मेरी शादी को 7 साल हो गये है। मेरी एक साली है जो 19 साल की है। अभी 1 साल पहले तक तो मैंने उसे इस तरह की नजर से नहीं देखा था, लेकिन उसकी तरफ से सिग्नल मिलने पर में कुछ उसके लिए उत्तेजित हो गया था, लेकिन अब पहल कौन करे? में जयपुर में था और वो जयपुर से थोड़ी दूर एक टाउन में थी, तो फोन पर ही हमारी बातें होती थी और में फोन पर उसे इस बात के लिए पटाता था कि में क्या चाहता हूँ? लेकिन तुम लड़कियों की आदत होती है ना कि जल्दी से सब चाहते हुए भी हाँ नहीं करती है। इसलिए वो भी मना करती थी कि किसी को पता चल जाएगा तो क्या होगा जीजाजी? लेकिन मैंने उससे कहा कि किसको पता चलेगा? में मौका देखकर ही काम करूँगा। वो मुझ पर पूरा विश्वास करती है और मुझे पसंद भी बहुत करती है और उसे मेरी नाराज़गी का ख्याल भी है।

फिर एक बार में ससुराल गया, मेरे ससुराल में सास, ससुर, साला और दो सालियाँ और साले की वाईफ है। मेरे पास कार है, में वही लेकर वहाँ जाता हूँ और 2 दिन तक में जब भी ससुराल जाता हूँ तो वहीं रुकता हूँ और इस दौरान कहीं भी आस पास सब लोग मेरी गाड़ी में बैठकर घूमने भी जाते है, लेकिन वहाँ पर वो मौका लगते ही मेरे पास आ जाती है और बातें करती है। सच बताऊँ तो मैंने अभी तक उसे टच नहीं किया था, क्योंकि मैंने उससे कह दिया था कि जब तक वो नहीं चाहेगी, में उसे टच नहीं करूँगा इसलिए में उससे बातें ही करता हूँ और ज़ोर देता था कि वो मान जाए, लेकिन वो चाहती थी कि में सही मौके के इंतज़ार में रहूँ। यह उसने कहा तो नहीं था, लेकिन मुझे ऐसा लगा था।

फिर लास्ट टाईम जब में अपने ससुराल गया था, अभी 3 महीने पहले तक तो मैंने उसे टच नहीं किया था, लेकिन में उससे और वो मुझे ऐसी बातों से गर्म कर देते थे। फिर इस बार में ससुराल गया तो हम लोग वहाँ से घूमने गये हरियाणा के एक धार्मिक जगह गये जो वहाँ से 2 घंटे की दूरी पर थी। मारुति में कितनी जगह होती है? 3 आगे और 4 पीछे। अब मेरे ससुर को छोड़कर बाकी सब गये थे, तो वो हमेशा की तरह मेरे बाजू में आगे बैठ गई थी, मतलब आगे में ड्राइवर सीट पर और मेरे बगल में मेरी साली और उसके बगल में मेरा साला, यानी वो बीच में थी, बीच में जहाँ पर गाड़ी के गियर होते है, उसके दोनों तरफ उसकी टाँगे थी। उसकी एक टांग तो मेरी टांग से सटी हुई थी और एक टांग मेरे साले से और उसकी दोनों टांगो के बीच में गाड़ी का गियर था।

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अब में तो पहले से ही गर्म था और अब वो मुझे बड़ी ही नशीली आँखो से देख रही थी। अब में गाड़ी ड्राइव कर रहा था तो गियर लगाते हुए मैंने पहल कर दी और उसकी जाँघो को टच करता था। वो सलवार सूट में थी, लड़कियों का पजमा ढीला ढाला होता है। फिर में उसमें से उसे टच करता रहा और मेरा हाथ गियर पर ही रखे रखा। अब जब हम जा रहे थे तो दिन का टाईम था तो तब मैंने ज़्यादा रिस्क लेना ठीक नहीं समझा और सिर्फ़ टच ही करता था और जब गियर लगाता, तो उसकी जाँघो को सहला देता था। तो वो कसमसा जाती थी और मेरी तरफ झुकी नजरो से देखती थी। अब गियर लगाते टाईम मेरी कोहनी उसके बूब्स पर थी, तो वो भी अपने बूब्स को मेरी कोहनी पर रगड़ देती थी। फिर यह सिलसिला करीब 1 घंटे तक चला और फिर हम वहाँ पहुँच गये। फिर वो मुझसे वहाँ पर नजरे मिलाती और मुस्करा देती थी, तो तब में भी उत्तेजित होकर मुस्कराकर रिप्लाई देता, लेकिन हम कहते कुछ भी नहीं थे। अब वापस आते टाईम शाम हो चुकी थी और अंधेरा हो चुका था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर अंधेरे में में अपने आपको उसकी तरफ से न्योता समझकर मेरे हाथ को गियर लगाने के बाद उसकी जाँघो को कसकर दबाता रहा और मेरे हाथ को उसकी चूत पर भी ले जाने लगा था। अब वो कुछ ज़्यादा ही उत्तेजित हो रही थी और मेरी कोहनी से अपने बूब्स को रगड़ रही थी। अब इससे मेरा लंड तो काफ़ी कड़क हो चुका था। फिर थोड़ी के देर बाद में उसकी चूत में उसके पजामे के ऊपर से ही अपनी उंगली से रब करने लगा और अपनी उंगली से धक्का लगाने लगा था। तब कुछ देर के बाद मैंने उस अंधेरे में महसूस किया कि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और अब वो मस्त हो गई थी। अब ना में उससे कुछ बोल रहा था और ना वो मुझसे कुछ बोल रही थी। अब बाकी सब लोग गाड़ी में बातें कर रहे थे और किसी को हमारी इस रासलीला का कुछ पता नहीं था, क्योंकि वो लोग सब मुझे बहुत ही शरीफ मानते है।

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फिर जब हम घर पर पहुँचे तो वो मुझसे कुछ नहीं बोली, लेकिन मैंने उसे मुस्कुराकर एक आँख से इशारा किया। तो वो मुस्कुराकर बाथरूम में चली गई। फिर वो मेरे पास जिस कमरे में मुझे सोना था, जब भी में वहाँ जाता हूँ तो वो मेरे पास बैठ जाती है और बातें करती है इसलिए उस दिन भी वो मेरे पास आ गई थी। अब में बेड पर लेटा था और उससे कोई बात नहीं कर रहा था, लेकिन में उसकी बैचेनी को समझ सकता था, उसने मुझसे आँखो ही आँखो में बहुत कुछ बोल दिया था। फिर मैंने मौका देखकर उसका हाथ पकड़ लिया और दबाने लगा था, तो तब वो कुछ भी नहीं बोली। फिर में उसके हाथ को सहलाते हुए मेरे हाथ को उसके कंधो पर ले गया और सहलाने लगा था। फिर मैंने थोड़ा और आगे बढ़ते हुए उसके बूब्स को दबा दिया और सहलाने लगा था। तब वो बोली कि जीजू कोई देख लेगा। तो तब मैंने कहा कि सब सो गये है, कोई नहीं देखेगा, तो वो नहीं मानी। तब मैंने उससे कहा कि में ऊपर वाले बाथरूम में जा रहा हूँ, तुम भी आ जाना। जब गर्मी के दिन थे। फिर में ऊपर चला गया।

तब वो कुछ देर के बाद आ गई। फिर मैंने उसे वहाँ पर पकड़ लिया और उसकी बॉडी के पार्ट्स को चूमने और सहलाने लगा था। अब वो नाइटी में थी और अब उसके बूब्स पर ब्रा नहीं थी। अब मुझे तो जैसे जन्नत ही मिल गई थी, लेकिन में उसे वहाँ पर चोदूं कैसे? ये मुझे समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि कोई भी वहाँ आ गया तो मेरी तो वॉट लग जाती और वो भी डरी हुई थी, लेकिन में यह मौका जाने भी नहीं दे सकता था तो तब में उसके बूब्स को अपना एक हाथ उसकी नाइटी में डालकर दबाने लगा और उसकी नाइटी को ऊपर करके चूसने लगा था। अब इस दौरान में उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को रब करने लगा था, जो पहले से ही गीली थी और मस्त हो गई थी। तब उसने कहा कि जीजू रहा नहीं जा रहा है। तब मैंने उसे मेरी गोद में दोनों तरफ टांगे करके बैठा लिया और फिर मैंने मेरा लंड बाहर निकालकर उसकी चूत पर लगा दिया और धीरे-धीरे अंदर करने लगा था, लेकिन मेरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुस ही नहीं रहा था और अब उसे दर्द भी हो रहा था। फिर उस रात हम 2 घंटे तक मज़े लेते रहे, लेकिन उस रात में उसके साथ पूरा मज़ा नहीं ले पाया और फिर दूसरे दिन अगली बार के लिए दोनों ने एक लंबी लिप किस किया। अब में जल्दी ही वहाँ पर जाने की तैयारी में हूँ ।।

धन्यवाद …

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