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चाईना की रंडी लिली

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प्रेषक : जुवी …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ज़ुवि है और मैंने चोदन डॉट कॉम की लगभग सभी स्टोरियाँ पढ़ी है। में अफ्रिका में रह रहा हूँ। मेरे साथ 5 लड़के और है। वैसे तो इस देश की लाईफ बड़ी कठिन है, लेकिन सब चल रहा है।

दोस्तों यह बात कुछ इस तरह है कि एक बार हमारे बॉस (भैया) आए हुए थे और फिर बोले कि चलो आज में तुम्हे मोज मस्ती करवाकर लाता हूँ, जब शाम का टाईम था। फिर भाई सबसे पहले अपने दोस्तों के पास गये और हमें मिलवाया और फिर हम सब एक साथ एक नाईट क्लब के लिए निकल पड़े और फिर वहाँ लड़कियों के साथ डांस किया, बियर पी। फिर उसके बाद में भैया का दिल चोदने के लिए किया तो तब वो अपने दोस्तों से बोले कि यार कुछ करें। तो उनमें से एक लड़के को ऐसी जगह का पता था, जहाँ चीनी गर्ल्स मिलती थी।

फिर हम वहाँ गये, तो गर्ल्स का दलाल गर्ल्स को ले आया और फिर 10-12 गर्ल्स दिखाने के बाद उसने एक गर्ल को बुलाया और बताने लगा कि इसका नाम लिली है और यह 3-4 दिन पहले ही चाईना से आई है। तो तब तय हुआ कि उस गर्ल को ही चोदना है। फिर हम उस गर्ल को लेकर निकल लिए, लेकिन भैया की किस्मत में चोदना नहीं था। तभी अचानक से रास्ते में हमारी कार खराब हो गई। अब रात के 2 बज चुके थे, अब हमें कोई मैकेनिक भी नहीं मिला था। अब भैया के दोस्त जा चुके थे। अब सारे प्रोग्राम की माँ चुद गई थी। तभी वहाँ से एक टेक्सी वाला जा रहा था और बोला कि सर क्या में आपकी गाड़ी ठीक करवाने में मदद कर सकता हूँ? तो तब भैया बोले कि ज़ुवि चल तू लिली के साथ कार में बैठ, हम लोग कार को ठीक करवाते है, लेकिन कार ठीक नहीं हुई थी। अब वो गर्ल हमारे साथ थी। तो तब भैया बोले कि ज़ुवि अब क्या करे? तो तब मैंने कहा भैया आप टेक्सी लेकर निकलो, हम कार के पास रुकते है। फिर वो उस गर्ल को हमारे घर ले गये, लेकिन अब तक टाईम बहुत हो चुका था, जब सुबह के 4 बजे का टाईम था। फिर थोड़ी देर के बाद दिन निकला। फिर हम कार को वही पार्क करके घर चले गये, लेकिन जाकर देखा तो नज़ारा कुछ और ही था, भैया ने उस लड़की को चोदा नहीं था।

तब पूछने पर पता चला और फिर भैया बोले कि यार तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगा, लेकिन अब लिली का सारा मूड खराब हो गया था, क्योंकि रात को वो मेरे साथ ही कार में बैठी थी तो उसे मुझसे एक लगाव सा हो गया था। फिर सुबह भाई बोले कि चल ज़ुवि तू इसको छोड़ दे। अब रास्ते में वो मेरे साथ चिपककर बैठ गई थी। फिर मैंने धीरे-धीरे से उसकी बॉडी पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया तो तब वो कुछ नहीं बोली। तब मैंने चुपके से अपना 8 इंच लम्बा लंड उसके हाथ में दे दिया। तब उसने एकदम से अपना हाथ पीछे कर लिया और मेरे मुँह की तरफ तो कभी मेरे लंड की तरफ़ देखने लगी थी। तब मैंने देखा कि मेरा ड्राइवर सब कुछ देख रहा है तो तब मैंने लिमिट से बाहर ना जाने की सोची। फिर 10 मिनट के बाद हम उस एरिया में पहुँचे, जहाँ उसे उतारना था। फिर कार में से उतरते ही पता नहीं उसे क्या हुआ? वो वापस आकर मुझे पागलों की तरह किस करने लगी। तब मैंने भी उसका पूरा साथ दिया।

फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उससे कहा की मुझे देर हो रही है। तो तब वो कहने लगी कि मुझे नहीं जाना, तुम मेरे पास रुक जाओं या मुझे अपने साथ वापस ले जाओं। तो तब में टेन्शन में आ गया कि अब क्या करूँ? अगर वहाँ रुकता हूँ तो वो ठीक नहीं तो अगर इसे कहीं लेकर जाता हूँ तो भाई क्या सोचेंगे? फिर मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उसे सब बता दिया। तब वो बोला कि ज़ुवि देख ले क्या करना है? भाई तो अपने दोस्तों के साथ आज रात चले गये है और वापस नहीं आ रहे है। तब मैंने लिली से कहा कि में वापस 2 के घंटे के बाद आ रहा हूँ, तो तब वो राज़ी हो गई। फिर में ठीक टाईम पर वहाँ पहुँचा तो लिली मेरा इन्तजार कर रही थी। अब तक शाम भी हो चुकी थी। फिर में उसे लेकर घर पहुँचा। अब तक हमारी हाउस गर्ल भी डिनर तैयार करके चली गई थी। फिर कुछ देर तक हम सब साथ-साथ बैठे और बातें करते रहे। फिर मेरे दोस्त भी लिली से मज़ाक करते रहे और वो भी उनसे कुछ ना कुछ बोलती रही, लेकिन उसको इंग्लिश अच्छी तरह नहीं आती थी, लेकिन वो कोशिश कर रही थी।

फिर डिनर करने के बाद सब अपने-अपने रूम में चले गये। अब में लिली को अपने रूम में लेकर चला गया था और फिर अंदर जाते ही मैंने लिली को किस करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारने शुरु कर दिए थे। अब वो बिल्कुल नंगी थी। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए। अब में सिर्फ अंडरवियर में था। फिर लिली ने उसे भी खींचकर उतार दिया। अब में लिली को बेड पर ले आया था और सीधा लेटा दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा था। अब जब में उसके ऊपर लेटकर उसके लिप्स को सक करता तो तब मेरा टाईट लंड उसकी गर्म चूत को टच हो जाता था, तब वो सिकुड जाती थी। फिर उसके लिप्स और बूब्स को सक करने के बाद मैंने उसकी गर्म चूत को सक करना शुरू कर दिया, सच बताऊँ यारो, मैंने आज तक ऐसी चूत नहीं देखी थी, जैसी चूत उस चीनी गर्ल लिली की थी, एकदम टाईट-टाईट और पिंक-पिंक, बिल्कुल उसकी बॉडी कलर की तरह।

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अब जब-जब में उसकी चूत पर अपनी प्यासी जीभ फैरता। तो तब वो मचल जाती और फिर आखरी में वो कहने लगी कि प्लीज अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है। तब मैंने कहा कि मेरी रानी अभी तो कुछ भी नहीं हुआ, बहुत कुछ बाकी है। फिर मैंने उसे बैठने के लिए बोला। फिर जब वो मेरे सामने बैठी तो तब मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। पहले तो वो हिचकिचाई, लेकिन बाद में मज़े लेकर चूसने लगी थी। फिर 10 मिनट के बाद मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया। तो तब वो मेरा पूरा पानी पी गई और फिर से मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी और अपने अपने दूसरे हाथ की एक उंगली को अपनी चूत में डालकर आगे पीछे कर रही थी। तभी मैंने सोचा कि अब देर नहीं करनी चाहिए और फिर मैंने उसको मेरा लंड अपने मुँह में से बाहर निकालने का इशारा किया। तब उसने मेरा लंड अपने मुँह में से बाहर निकाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उससे दुबारा से लेटने को कहा और उसके ऊपर चढ़कर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। तो मेरे पहले झटके में ही वो चिल्ला उठी ओह माई गॉड, प्लीज धीरे-धीरे, फुक मी स्लो-स्लो। तब मैंने झटका ना देकर उसको किस करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उसके बूब्स को प्रेस करने लगा था। तब इतने में उसका दर्द भी कुछ कम हो गया। फिर मैंने देर ना लगाते हुए एक और ज़ोर का झटका दिया। अब मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में चला गया था, लेकिन इस बार वो चिल्लाई नहीं, सिर्फ़ एक सिसकारी ली और आह, ऊहहह करके रह गई थी। फिर मैंने अपनी गेम शुरू कर दी। अब में धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा था। अब वो भी नीचे से रेस्पोन्स दे रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी चूत में से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे डॉगी स्टाइल में होने के लिए कहा।

फिर जब मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। तब वो मचल उठी और बोली कि बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज ऐसे मत चोदो, में मर जाऊंगी। तब मैंने कहा कि चलो ठीक है किसी और स्टाइल से करते है। फिर में बेड पर सीधा लेट गया और उसे अपने लंड पर बैठाकर नीचे से धक्के लगाने लगा था। अब वो मेरे ऊपर बैठकर ऊपर नीचे हो रही थी। फिर 15 मिनट के बाद में झड़ गया। अब इतने टाईम में वो 2 बार झड़ चुकी थी। फिर हम दोनों के झड़ने के बाद हम 20-25 मिनट तक इसे ही एक दूसरे के साथ चिपककर पड़े रहे। अब वो बार-बार मेरी छाती पर किस कर रही थी और मेरी छाती के बाल के साथ खेल रही थी। फिर मैंने भी उसको किस करना शुरू कर दिया। अब इतने में मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए फिर से तैयार हो गया था, लेकिन इस बार मैंने ज्यादा देर ना लगाते हुए अपना लंड उसकी चूत की बजाए उसकी गांड में डाल दिया था। तो तभी वो ज़ोर-जोर से चिल्लाने लगी। तो तब मैंने पीछे से ही उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया और फिर कुछ टाईम तक मेरा लंड उसकी गांड में डालकर ऐसे ही लेटा रहा और उसके बूब्स को दबाता करता, तो कभी उसकी चूत को सहलाता, तो कभी उसके पैरो पर अपना हाथ फैरता रहा।

अब थोड़ी देर के बाद वो खुद ही हरकत में आ गई थी और अपनी बॉडी को मूव करने लगी थी। दोस्तों गांड मारने का मेरा यह पहला अनुभव था, मैंने इससे पहले कभी गांड नहीं मारी थी। अब मेरा लंड भी तो उसकी गांड में ऐसे फूल रहा था जैसे पानी में साबुन का झाग। फिर 10 मिनट के बाद में झड़ गया और फिर मैंने मेरा सारा पानी उसकी गांड में ही छोड़ दिया। फिर में मेरा लंड उसकी गांड में डालकर ही बहुत देर तक लेटा रहा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाला। तो एक तेज टप्प्प्प्पप की आवाज पूरे रूम में गूंज गई, तो वो आवाज सुनकर हम दोनों की हंसी नहीं रुक पाई। फिर इतने में लिली बाथरूम में जाने लगी। अब उससे उठा नहीं जा रहा था। तब मैंने उसका एक हाथ पकड़कर उसको खड़ा कर दिया, लेकिन वो बोली कि मुझसे चला नहीं जा रहा है और मेरी गांड भी दर्द कर रही है। तब मैंने कहा कि कोई बात नहीं, तुम फ्रेश हो आओ और फिर में भी उसके साथ ही बाथरूम में चला गया।

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तब मैंने देखा कि जब वो बाथरूम कर रही थी तो उसके बाथरूम में से खून की छोटी-छोटी बूंदे निकल रही थी और फिर उसकी गांड ने भी पिचकारी छोड़ दी। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों रूम में आ गये, तो तब मैंने फिर से उसके साथ मस्ती करनी शुरू कर दी। तब वो बोली प्लीज अब मत करो, अब कल सुबह के टाईम कर लेना। तो तब मैंने सोचा कि ठीक है। फिर हम दोनों वैसे ही बिना कपड़े पहने सो गये। फिर सुबह 6 बजे जब में उठा तो मैंने देखा कि लिली गहरी नींद में सोई हुई है, अब उसे उठाना भी जरूरी था। फिर मैंने उसे हल्का सा किस किया और उसे उठाने लगा, तो तब उसने उठते ही मुझे किस करना शुरू कर दिया। अब तक मैंने तो अपने कपड़े पहन लिए थे, लेकिन उसने नहीं पहने थे। अब मेरा लंड फिर से मेरी पेंट से बाहर आने को तैयार हो गया था। अब लिली भी समझ गई थी तो तब उसने जल्दी से मेरे लंड को मेरी पेंट में से आज़ाद कर दिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी।

फिर 5 मिनट के बाद मैंने उसके मुँह में से अपना लंड बाहर निकालकर उसकी चूत पर रख दिया और एक झटके में ही पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया था। अब तो लिली चुदाई में मेरा पूरा साथ दे रही थी, बल्कि नीचे लेटे-लेटे मुझसे ज्यादा धक्के वो लगा रही थी। फिर 15-20 मिनट के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये। फिर थोड़ी देर तक हम एक दूसरे को ऐसे ही चाटते, चूमते रहे और फिर उसके बाद में हम दोनों अपने-अपने कपड़े पहनकर बाहर आ गये ।।

धन्यवाद …

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