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चाची की चूत घोड़ी बनाकर चोदी

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प्रेषक : रिंकू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रिंकू है। मेरी उम्र 22 साल है और में बी-टेक का स्टूडेट हूँ। मेरी चोदन डॉट कॉम पर यह पहली और रियल स्टोरी है। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। दोस्तों यह कहानी आज से 3 साल पहले की है, जब में 19 साल का था। मेरी चाची 30 साल की थी, वो बहुत ही सुंदर थी, उसके एक बेटी है। हमारी जॉइंट फेमिली है और चाचा बिजनेस के सिलसिले में ज्यादातर दिल्ली रहते थे। वो जब भी घर पर होते तो वो चाची के साथ नहीं सोते थे, क्योंकि वो उनसे हमेशा लड़ते थे। में हमेशा ही अपनी चाची को छुप-छुपकर नहाते हुए देखा करता था।  चाची यह बात जानती थी कि में उसे देखता हूँ, लेकिन वो मुझे कभी यह एहसास नहीं होनी देती थी कि वो इस बात से वाकिफ़ है।

फिर एक दिन मेरी चाची रात अपनी छोटी बेटी के साथ सोई हुई थी। मेरा रूम चाची के रूम के साथ वाला था। फिर में उस रात छुपके से चाची के पास जाकर उसके बूब्स को देख रहा था। तब चाची की आँख खुल गयी और फिर वो मुझे देखकर बोली कि यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो तब में बोला कि कुछ नहीं और वहाँ से चला गया और फिर में रात को मुठ मारकर सो गया। फिर अगले दिन चाची ऊपर वाले कमरे में कपड़े प्रेस कर रही थी, तब घर में कोई नहीं था। तब में भी ऊपर वाले कमरे में चला गया और चाची के पास बैठ गया। फिर कुछ टाईम के लिए ना तो चाची कुछ बोली और ना में कुछ बोला। फिर थोड़ी देर के बाद चाची बोली कि रिंकू मेरी कमर में बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज नीचे से तेल की शीशी लाकर देना। तब में जल्दी से नीचे गया और तेल की बोतल उठा लाया।

फिर चाची बेड पर उल्टी लेट गयी और बोली कि रिंकू प्लीज यह तेल मेरी कमर पर लगा दे। मेरा वहाँ तक हाथ नहीं जा रहा है और फिर चाची ने अपनी कमीज ऊपर उठाई और मेरी तरफ अपनी कमर करके लेट गयी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे चाची की पीठ पर तेल लगाना स्टार्ट किया। तब चाची ने अपनी कमीज और ऊपर उठा ली। तब में बोला कि चाची आपकी यह ब्रा का हुक तेल लगने से गंदा हो जाएगा। तब चाची बोली कि हुक को खोल दे। फिर तब मैंने जल्दी से हुक को खोल दिया और उनकी पूरी कमर पर अपना हाथ फैरने लगा था। फिर चाची मुझसे बोली कि रिंकू बस कर, अब चाची बेड पर बैठ गयी थी। तब में चाची के बूब्स देखने लगा। अब में चाची के बूब्स देखकर दंग रह गया था। तब चाची बोली कि क्या देख रहा है? इनको छूकर देखना चाहता है। तब मैंने कहा कि हाँ देखना चाहता हूँ और फिर में जल्दी से उनको पकड़कर देखने लगा। तब चाची बोली कि धीरे से। तब में चाची की चूचीयों को मसलने लगा।

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अब चाची सिसकियाँ लेने लगी थी और फिर 5-10 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा। तभी अचानक से मम्मी ने मुझे आवाज लगाकर नीचे आने को कहा तो तब चाची ने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए।  अब मेरा मूड ऑफ हो गया था। तब चाची बोली कि मेरे राजा मूड ऑफ ना कर, आज रात को जब सब सो जाएगे, तो तब 12 बजे मेरे रूम में आ जाना। में एकदम से खुश हो गया और फिर चाची दुबारा कपड़े प्रेस करने लगी और में नीचे आ गया था। अब में बहुत खुश था और 12 बजने का इंतज़ार करने लगा था। फिर रात को सब खाना खाकर अपने-अपने रूम में चले गये। अब में भी अपने रूम में चला गया था और फिर घड़ी की तरफ देखता रहा। अब मेरा पूरा 7 इंच का लंड खड़ा हो चुका था। फिर रात के 12 बजे में चाची के रूम में चला गया। चाची ने रेड कलर की नाईटी पहनी हुई थी। फिर में चुपचाप चाची के साथ जाकर लेट गया। अब चाची सोने का नाटक कर रही थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ चाची के बूब्स पर रखा और अब में उनका गाउन खोलकर उनके बूब्स को मसलने लगा था। फिर में उनके एक बूब्स को अपने एक हाथ में पकड़कर और दूसरे को सक करने लगा था। तब चाची भी अपने आपको कंट्रोल में नहीं रख पाई और सिसकियाँ लेने लगी थी। फिर मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाला तो उसकी चूत अंदर से गीली थी। फिर में अपनी उंगली उसकी चूत में आगे पीछे करने लगा। तब चाची पागल सी हो उठी और मेरे कपड़े उतारने लगी थी। फिर में चाची की पेंटी उतारकर उसकी चूत को चाटने लगा। तब वो एकदम से पागल सी हो उठी और मेरे राजा, मेरे राजा, खा जाओ ऐसी आवाज़े निकालने लगी थी। फिर चाची ने जल्दी से मुझे लेटाया और मेरा अंडरवेयर निकालकर उसे चाटने लगी थी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने चाची को लेटाकर अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत के ऊपर रखा। तब वो बोली कि रिंकू प्लीज धीरे-धीरे करना। तब मैंने उससे कहा कि अपनी टांगो को खोलो। फिर तब उसने अपनी दोनों टांगो को खोला तो तब मैंने एक ही धक्के में अपना आधा लंड उसकी चूत में डाल दिया, तो वो तड़पने लगी।

फिर मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया और अब में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था।  अब वो भी नीचे से धक्के लगाकर मेरा साथ देने लगी थी। फिर 5-10 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद में सीधा बेड पर लेट गया और अब चाची मेरे ऊपर आ गयी थी। अब मेरा लंड 90 डिग्री के एंगल पर खड़ा था। अब चाची उस पर बैठकर ऊपर नीचे होनी लगी थी और सिसकियाँ निकालने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद चाची का काम हो गया और वो बोली कि रिंकू मेरा हो गया, अब तो ऊपर आ जा। तो तब मैंने कहा कि चल मेरी जान अब घोड़ी बन जा। फिर वो अपने घुटनों के बल पर घोड़ी बन गयी।  फिर में अपना लंड उसकी चूत में डालकर धक्के मारने लगा। अब उसकी चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी और मेरा लंड भी काफ़ी गीला हो चुका था। फिर मैंने अपना गीला लंड बाहर निकालकर उसकी गांड में धकेल दिया तो तब वो दर्द से रो उठी और आगे की तरफ गिर गयी थी।

फिर में ऐसे ही उसे चोदता रहा, उसकी गांड बहुत टाईट थी। अब मेरा भी काम होने को आ रहा था।  फिर में जल्दी से उसकी गांड के ऊपर ही झड़ गया। फिर हम दोनों नंगे लेट गये और फिर में अपने रूम में आ गया। दोस्तों वो रात में आज तक नहीं भूला हूँ ।।

धन्यवाद …

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