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चाची और मामी को एक साथ चोदा

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प्रेषक : मनीष …

हैल्लो दोस्तों, आज में आपको अपनी एक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। यह स्टोरी मेरी, मेरी मामी और मेरी चाची के बीच की है। एक बार मेरे सारे घरवाले कहीं बाहर जा रहे थे और मुझे रुकना पड़ा था, क्योंकि मेरे 12वीं के बोर्ड के एग्जॉम थे। अब मेरा ध्यान रखने के लिए मेरी चाची को बुला लिया गया था और मेरी मामी तो मेरे घर के पास ही रहती थी। अब जब भी वो घर पर आती थी, तो में किसी ना किसी बहाने से उनके पास ही बैठा रहता था और बार-बार उन्हें कहीं ना कहीं हाथ लगाता रहता था। में जानता था कि वो भी मुझमें रूचि लेती है, लेकिन मुझे कुछ कहते हुए डर लगता था कि कही चाची गुस्से ना हो जाए? इसलिए मैंने उनसे कभी कुछ नहीं कहा। अब चाची और में घर में अकेले थे, अब मेरे पास अच्छा मौका था।

फिर में सुबह 8 बजे उठा और अभी मेरी 4 दिन की छुट्टी थी और फिर मेरा एग्जॉम था। फिर में 8 बजे उठकर किचन में गया तो चाची नाश्ता बना रही थी। फिर मैंने पीछे से चाची को देखा, तो में उनकी मोटी गांड को देखता ही रह गया। फिर चाची घूमी और बोली कि क्या देख रहा है? तो में बोला कि कुछ नहीं। तो चाची बोली कि जा नहाकर आ ब्रेकफास्ट बन गया है। फिर में बाथरूम में चला गया और चाची के बारे में सोचकर मुठ मारने लगा। फिर में जल्दी-जल्दी में नहाकर बाहर आया और फिर चाची और मैंने ब्रेकफास्ट किया। अब कई बार जब चाची झुकती थी तो चाची के मोटे-मोटे बूब्स बाहर आने को तैयार हो जाते थे। अब में बार-बार मौका ढूंढता था कि चाची झुके और में उनके बूब्स देख सकूँ। अब में बैठकर टी.वी देख रहा था और अब चाची भी आकर मेरे सामने सोफे पर बैठ गयी थी। अब मेरी नजर टी.वी पर कम और चाची पर ज्यादा थी।

फिर चाची ने रिमोट माँगा, तो मैंने जानबूझकर रिमोट नीचे फेंक दिया। फिर चाची रिमोट उठाने के लिए झुकी, तो मैंने फिर से उनके बूब्स देखे, अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था। फिर थोड़ी देर बाद फिर से रिमोट नीचे गिरा, तो मैंने फिर से उनके बूब्स देखे। अब में समझ गया था कि चाची जानबूझकर रिमोट नीचे गिरा रही है, अब मेरा लंड खड़ा हुआ था। फिर मैंने किसी तरह से अपने आप पर कंट्रोल किया।  अब मुझे चाची की नजरें भी कुछ बदली-बदली लग रही थी। फिर चाची बोली कि यहाँ मेरे पास आ जा, तुझसे कुछ बात करनी है। फिर में जल्दी से खड़ा हुआ और चाची के साथ सोफे पर बैठ गया। अब मेरा लंड अभी भी खड़ा हुआ था और वो साफ-साफ़ मेरे पजामें में से नजर आ रहा था। फिर चाची मुझसे मेरे स्कूल के बारे में पूछने लगी और उन्होंने पूछा कि मामी कब आएँगी? तो मैंने कहा कि शाम को 4 बजे, अभी 3 ही बजे थे। अब उनका हाथ धीरे-धीरे मेरे लंड की तरफ बढ़ रहा था।

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फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरे लंड के पास रख दिया, अब वो मेरे बिल्कुल पास आ गयी थी और मुझे उनके पूरे बूब्स दिख रहे थे। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था। अब चाची का एक हाथ मेरे लंड पर था, अब चाची मेरे लंड को दबा रही थी, अब चाची मेरे होंठो पर स्मूच देने लगी थी। अब मेरा एक हाथ भी उनके बूब्स पर पहुँच चुका था। अब में उनके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था। अब में और चाची पूरी तरह से गर्म हो चुके थे। फिर चाची सोफे पर से उठी और मुझे अपने हाथ से पकड़कर बेडरूम में ले गयी और वहाँ जाकर उन्होंने अपने कपड़े उतारे, तो में भी अपने कपड़े उतारने लगा। अब चाची बिल्कुल नंगी थी और में भी बिल्कुल नंगा था। फिर चाची ने मुझे बेड पर धक्का दिया और मेरे लंड पर कूद गयी।  अब चाची मेरा लंड अपने हाथ में लेकर ऐसे चूसने लगी मानो उन्होंने पहली बार लंड देखा हो, अब चाची बिल्कुल गर्म थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर चाची अचानक से उठकर बैठ गयी और लाईट बंद कर आई। अब चाची के आते ही मैंने चाची को बेड पर बैठाया और उनके मोटे-मोटे बूब्स चूसने लगा। फिर बहुत देर के बाद चाची ने मुझे बेड पर सीधा लेटाया और मेरे लंड पर चढ़ गयी और कूदने लगी, तो तभी अचानक से लाईट जल गयी। अब चाची और में हैरान रह गये थे। फिर चाची मेरे लंड से उतरी तो मैंने देखा कि मामी ब्रा और पेंटी में खड़ी थी और उनका एक हाथ अपनी पेंटी के अंदर था। अब में यह देखकर हैरान रह गया था। फिर मामी बोली कि तुम्हें देखते हुए बहुत देर हो गयी थी, बस अब कंट्रोल नहीं हो रहा था, बड़े दिनों के बाद मौका मिला है और ये कहकर वो भी बेड पर आ गयी। फिर मैंने मन में सोचा कि आज तो मौज हो गयी है। फिर मामी ने बोला कि वाह तेरा लंड तो बहुत बड़ा है और यह बोलकर उन्होंने उसे अपने हाथ में ले लिया और उसे हिलाने लगी। फिर तभी चाची बोली कि पूनम इसे हिला क्या रही है? अपने मुँह में ले, देख कितना मज़ा आता है? तो मामी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

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फिर चाची ने मुझसे बोला कि तू उसे क्या देख रहा है? मुझे देख, मेरे बूब्स को चूस, अब जब तक सारे आ नहीं जाते तब तक तुझे हम दोनों को सारा-सारा दिन चोदना है, समझा। फिर मैंने चाची के दोनों बूब्स को पकड़ा और उन्हें चूसने लगा। अब चाची अपने एक हाथ से मामी की चूत को सहला रही थी।  फिर थोड़ी देर बाद मामी ने मेरे लंड पर से अपना मुँह हटाया और बोली कि अनिता चुदे हुए काफ़ी टाईम हो गया है, तो चाची बोली कि लंड तेरे सामने है और तू कैसी बातें करती है? चल इससे चुद। अब मामी बेड पर लेट गयी थी। फिर में मामी के ऊपर लेट गया और उनकी चूत में अपना लंड घुसा दिया और झटके मारने लगा। अब मामी को बड़ा मज़ा आ रहा था, लेकिन चाची भी चुदने के लिए बेकरार थी।  अब चाची, मामी के साथ लेट गयी थी और मामी के बूब्स पर अपनी जीभ फैरने लगी थी। फिर मैंने थोड़ी देर के बाद मामी की चूत में से अपना लंड निकालकर साथ में ही लेटी चाची के मुँह में दे दिया।  तो चाची ने उसे खूब चूसा और फिर बोली कि चल अब मेरी बारी, मुझे भी चोद।

तो मैंने फिर से अपना लंड चाची की चूत में डाला और उन्हें चोदने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद चाची की चूत में ही मेरा पानी निकल गया और में ठंडा हो गया, लेकिन अभी चाची और मामी की प्यास नहीं बुझी थी। फिर मामी और चाची मुझे बाथरूम में लेकर गयी और वहाँ जाकर शॉवर ऑन कर दिया। फिर में मामी के बूब्स चूसने लगा और चाची अपने घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड चूसने लगी और फिर  थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से उन दोनों को चोदा। फिर हम तीनों बेड पर आ गये और साथ में नंगे ही सो गये। फिर जब में उठा तो मैंने फिर से उन दोनों को चोदा और फिर इस तरह से मैंने कई दिनों तक  चाची और मामी को चोदा और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …

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