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बीवी की भाभी की चुदाई

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प्रेषक : विक्की …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है, में ग्वालियर का रहने वाला हूँ। में चोदन डॉट कॉम का बहुत पुराना पाठक हूँ, मुझे लगा कि अपना एक्सपीरियन्स आप लोगों के साथ शेयर करना चाहिए इसलिए में आप लोगों को अपनी लाईफ की दूसरी रियल स्टोरी सुनाने वाला हूँ। यह इसी होली की बात है, यानी इसी मार्च की। अब में आपका ज्यादा वक़्त नहीं लूँगा। में 25 साल का जवान लड़का हूँ, मेरी शादी फरवरी में हुई थी। मेरी बीवी मुझे सेक्स में मुझे पूरी तरह से सॅटिस्फाइड नहीं कर पाती है। ख़ैर छोड़ो मैंने ऐसा सुना है कि में बहुत स्मार्ट हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है और गोरा भरा हुआ शरीर है, मेरा लंड 8 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है।

अब इस होली पर में और मेरी फेमिली घर पर ही थे। मेरे घर का फ्रंट बहुत बड़ा और खाली पड़ा है। अब मेरे भैया और भाभी गाँव गये हुए थे। वो लोग अपनी होली वहाँ मना रहे थे और मेरे घर पर में, मेरे मम्मी पापा और मेरे साले और उनकी बीवी थी अनामिका। में होली नहीं खेलता हूँ और बाकि घर के सब बड़े लोग बाहर ड्रॉईग रूम में बैठकर टी.वी देख रहे थे। अब में ऊपर छत पर बैठकर होली देख रहा था। अब मेरा साला आदित्य और मेरी बीवी की भाभी अनामिका होली में मग्न थे। तो तब तक में मैग्जीन लाकर पढ़ने लगा। तभी पीछे से अनामिका ने आकर मेरे रंग लगा दिया तो तब में रंग लेकर उसके पीछे दौड़ा और जाकर उसको रंग लगाने लगा। तब अचानक से मेरा हाथ उसकी चूचीयों पर पड़ गया तो तब मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब में रंग लगाने में मशगूल था। अब उसके मुँह से सस्स्स्स्सस की आवाज निकल आई थी। तब मेरा ध्यान उसकी तरफ गया और में शर्मा गया और अब वो भी चली गयी थी, लेकिन वो नीचे नहीं गयी थी।

फिर वो बाथरूम की तरफ गयी और इशारे से मुझे बुलाया तो तब में भी पीछे-पीछे चला गया। फिर वो बोली कि जरा नीचे देखना। तब मैंने देखा, तो उसने अपना लोवर नीचे कर दिया, उसकी चूत खुली हुई दिख रही थी, उसकी चूत पर काफ़ी झांटे उगी हुई थी। अब मेरा लंड खड़ा हो चुका था और बहुत ही ज़्यादा जोश मारने लगा था। फिर मैंने सीधा उसकी चूत पर अपना एक हाथ रख दिया। तब वो बोली कि तुम्हें तो कुछ नहीं आता, मुझे ही सब कुछ सिखाना पड़ेगा और फिर उसने मुझे बाथरूम के अंदर घसीट लिया और अपने सारे कपड़े उतारकर मेरे सामने खड़ी हो गयी थी। अब मेरा लंड तो एकदम रोड की तरह हो गया था। फिर उसने मेरे होंठो पर एक किस किया तो तब इतने में उसका पति आदित्य भी आ गया और उसने उसे बुलाया।

फिर’ उसने कहा कि आप चलिए में आ रही हूँ, तो वो नीचे चला गया। अब वो शॉवर ऑन करके मेरे कपड़े उतारकर मेरे लंड पर अपना एक हाथ फैरने लगी थी। अब में भी उसकी चूचीयों को चूसने लगा था। अब उसके निप्पल एकदम तलवार की तरह हो गये थे। फिर उसने मुझे नीचे होकर उसकी चूत चाटने को कहा तो पहले तो में तैयार नहीं हुआ। तब उसने मुझे पकड़कर अपनी चूत पर दबा दिया तो तब मैंने चाटना शुरू कर दिया। फिर वो सिसकियाँ लेती हुई बोली कि देव अब डाल दो वरना में मर ही जाऊंगी। तब मैंने अपना 8 इंच लंबा लंड निकालकर उसे दिखाया। फिर तब वो बोली कि तुमने इससे कितनी लड़कियों को बर्बाद किया है? तो तब में कुछ नहीं बोला और फिर वो पलटकर दीवार पकड़कर खड़ी हो गयी। फिर मैंने धीरे से उसकी चूत पर अपने लंड का टॉप रखकर धीरे से दबाया। तब उसके मुँह से चीख निकली आआआईईई, मार डाला तूने देव। मेरा लंड अभी तक मात्र 2 इंच ही जा पाया था। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि उसका पति उसे चोद नहीं पाता है।

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फिर मैंने धीरे-धीरे से उसकी चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया और उसे पकड़कर अचानक से मेरा लंड पूरा डाल दिया, तो वो रोने लगी। अब खून की पिचकारी से मेरा लंड रंग चुका था और वो इतनी तेज चीखी आआआआआईईईई माँ मार डाला देव, पूरी फट गयी है। तब आदित्य आकर पूछने लगा कि क्या हुआ? तो तब वो बोली कि कुछ नहीं नहाने में गिर गयी हूँ। तब वो बोला कि अभी नहाने की क्या जरूरत है? तो वो बोली कि आपको तो कुछ नहीं करना, मुझे मेहमानों को भी देखना है। तब उसने कहा कि ठीक से नाहो और फिर वो चला गया। फिर मैंने फिर से धक्के देना शुरू किया। अब उसका दर्द बढ़ रहा था और मेरे धीरे-धीरे धक्के देते-देते उसका दर्द कुछ कम हो गया था, तब मैंने थोड़ी सी स्पीड बढ़ा दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मेरी स्पीड से वो सिसकियाँ भर रही थी सस्स्शह देव क्या मज़ा दिया है तूने? मेरी जान मार, फाड़ दे मेरी चूत। अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा रखी थी और फिर वो 5 मिनट के बाद झड़ गयी। अब उसकी चूत में से इतना ज़्यादा रस निकल रहा था कि उसकी और मेरी जांघे गीली हो गयी थी। फिर उसने मेरे लंड को बाहर निकाल दिया। फिर में अपने दोनों पैर सीधे करके बैठ गया। अब वो मेरी दोनों टागों के बीच में आ गयी थी और अपनी चूत में मेरा लंड डाल लिया था। अब उसकी चूत में से इतना पानी टपक रहा था कि मेरी झांटे और उसकी झांटे भी गीली हो गयी थी और अब वो इतनी तेज़ी से उछल रही थी कि वो 2 बार झड़ गयी थी। अब में भी झड़ने वाला था। अब उसकी चूत में से पच-पच की आवाज़ें पूरे बाथरूम को भरने लगी थी। अब में परेशान हो गया था कि में झड़ क्यों नहीं रहा था? फिर 20 मिनट के बाद मैंने उसकी चूत में अपना गर्म-गर्म वीर्य निकाल दिया और अब वो तीसरी बार झड़ गयी थी। अब मेरा लंड अभी तक उसकी चूत के अंदर था। फिर थोड़ी देर के बाद वो उठी और अपनी चूत को पानी से धोया और चली गयी।

फिर में भी उठा और चल दिया, मगर वो पूरे दिन अपनी चूत फैला-फैलाकर चल रही थी। अब में जब भी किचन में जाता तो कभी उसकी चूची दबाता और कभी उसकी चूत पर अपना हाथ फैर देता तब वो भी मुस्करा देती थी। फिर शाम को वो मेरे रूम में आई और बोली कि अभी इस जंगल को साफ करके आऊँगी और फिर रात रंगीन बनाई जाएगी। अब उसका पति दारू पीकर रात को 8 बजे ही सो गया था। अब मुझे सोच-सोचकर ही मज़ा आ रहा था कि आज क्या मज़ा आएगा? अब इस पर मेरा लंड सांप की तरह हो गया था। फिर वो रात के 11 बजे मेरे रूम में आई। अब उस समय तक सारे लोग सो चुके थे और हर रूम के साथ अटेच बाथरूम होने की वजह से कोई ऊपर नहीं आता है। उस वक्त उसने जीन्स टी-शर्ट पहन रखी थी। अब उसने आते ही मुझे किस करना शुरू कर दिया था। अब मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ उसके शरीर पर फैरना शुरू कर दिया था। तब वो बोली कि आज तुमने मुझे वो मज़ा दिया है जिसके सपने में बचपन से देखती थी।

फिर मैंने देखा कि अब उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत एकदम गुलाबी हो रही थी। फिर इस बार मैंने खुद ही उसे गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और अब हम 69 की पोज़िशन में आ गये थे। फिर जब मैंने उसकी चूत को देखा तो वो जगह-जगह से कट गयी थी, लेकिन अब में भी मस्ती में था और वो भी मस्ती में थी। अब हम दोनों एक दूसरे के अंगो को चाट रहे थे। फिर वो मुझे सीधा लेटाकर मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड पर बैठ गयी थी, लेकिन तब मुझे लगा कि मुझे कंडोम पहन लेना चाहिए। फिर जब में कंडोम लेकर आया तो उसने कांडोम उठाकर फेंक दिया और बोली कि आई लव नेचुरल। तब में हंसने लगा और बोला कि ठीक है। अब उसने फिर से मेरे ऊपर बैठकर मेरा लंड अंदर ले लिया था, लेकिन वो ठीक से ले नहीं पा रही थी, क्योंकि उसे थोड़ा-थोड़ा दर्द भी हो रहा था।

फिर मैंने उसकी चूत पर सचिन तेंदुलकर की तरह स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए। अब वो सिसकियां ले रही थी सस्स्स्स्सस्स इसस्स्सस्स, उफफ्फ क्या लंड है देव? काश मैंने तुमसे शादी की होती, उईईई माँ मार डाला तूने देव और मार ले। तो तब मैंने कहा कि चुप रहो जान वरना कोई आ जाएगा, लेकिन वो चुप नहीं हुई और में मज़े से उसको चोदता रहा। अब इस बार वो 10 मिनट के बाद झड़ गयी थी, लेकिन मैंने फिर भी उसकी चुदाई ज़ारी रखी थी। अब उसकी चूत में से पच-पच की आवाज़ें आ रही थी। अब उसकी सिसकियाँ बढ़ गयी थी उूउउइईईईईईईई, इसस्स्स्स्सस्स, इस तरह की सिसकियों से रूम भर गया था। फिर मैंने उसको बेड पर आधा लेटा दिया। अब उसकी टांगे नीचे लटक रही थी। अब मेरे हर धक्के पर वो चीख उठती थी। फिर इस तरह से में उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर इस तरह से मैंने उसकी सुबह के 3 बजे तक तरह-तरह से चुदाई की और फिर वो जाकर सो गयी और में भी सो गया।

अब अगले दिन मेरे भाभी भैया आ चुके थे और अब वो लोग जा रहे थे। अब वो अपने घर चले गये थे। अब में अगले महीने ज़ाकर अनामिका की फिर से चुदाई करूँगा और खूब मजे लूँगा ।।

धन्यवाद …

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