✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

loading...

भाभी ने चोदना सिखा दिया

0
loading...

प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, यह बात उन दिनों की है, जब में 18-19 साल का था। मेरी फेमिली अहमदाबाद सिटी में रहती थी, शहर के मौहल्ले और गलियाँ अगर पता हो तो बिल्कुल एक दूसरे से जुड़े हुए होते है, बस एक या दो मंज़िल होती है और हर कोई एक-दूसरे के घर में ताक झांक भी कर सकता है। वहाँ घर भी पुराने होते है यानी पुरानी दरार वाली खिड़कियाँ और दरवाजे, जो पूरे बंद भी नहीं हो सकते, ऐसे मौहोल में बच्चे भी ज़्यादा समझदार हो जाते है, जो में भी हो चुका था। वहाँ घर भी छोटे-छोटे एक या दो रूम वाले होते है, यानी रात को मम्मी-पापा या भाई-भाभी कुछ करे तो जरूर देख सकते है और रोज सेक्स शिक्षा जल्दी मिल जाती है। अब ऐसी स्थिति में हम दोस्तों को भी ज़्यादा कुछ देखने का चस्का लगा रहता है और रात को कई बार हम पड़ोसी के घरो में झांककर उनकी चुदाई भी देखा करते थे। हाँ एक बात है, वहाँ व्यहवार बहुत होता है और हर कोई एक-दूसरे के काम आता है।

यह तब की बात है जब हम अहमदाबाद में रहते थे। मेरा एक दोस्त मेरे साथ पढ़ता था। वो अपने भाई, भाभी  और उनके 3 बच्चों के साथ रहता था। उनके घर में सिर्फ़ एक कमरा और एक छोटा सा बाथरूम था। फिर एक दिन अचानक से मेरे दोस्त और उसके भाई को आउट ऑफ सिटी जाना पड़ा। तो वो मुझसे बोला कि भाभी अकेली है और टेन्शन है, तो तू रात में मेरे घर सो जाना। तब में उसके घर सोने चला गया। अब तक मैंने भाभी से कोई सेक्स की नजर से बात भी नहीं की थी या ऐसा सोचा भी नहीं था। फिर जब में उनके घर गया तो रात हो गई। फिर जैसा मैंने बताया था कि उनके घर में एक ही रूम था। तो तब भाभी ने जमीन पर सबका बेड लगा दिया। अब एक दीवार के करीब में और फिर उनके दो बच्चे और फिर वो ऐसे सोने की तैयारी कर ली थी।

फिर रात को भाभी बोली कि नाईट लेम्प बंद करना पड़ेगा नहीं तो छोटू नहीं सोएगा। तब मैंने कहा कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है। फिर हम बिल्कुल अंधेरा करके सो गये और फिर मेरी आँख लग गयी। फिर अचानक से नींद में मुझे ऐसा अहसास हुआ कि कोई मुझे छू रहा है। फिर में धीरे से जगा, लेकिन अंधेरा था तो मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया था, लेकिन मेरे पजामे पर मेरे लंड के पास कोई टच कर रहा था। अब मुझे तो अच्छा भी लगा था तो में खामोश रहा, लेकिन वो हाथ अपना काम करता रहा और फिर उस हाथ ने मेरे लंड को पकड़ लिया और धीरे से मेरा पजामा खोला, जिससे मेरा लंड बाहर भी आ गया था। फिर मैंने वो हाथ पकड़ लिया, तो वो भाभी का हाथ था। तब में कुछ बोल नहीं पाया, लेकिन भाभी ने दूसरे हाथ से मेरा हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

तब में फिर भी खामोश रहा और अपने हाथ को हिलाया भी नहीं। फिर भाभी ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रखकर मेरे हाथ से अपने बूब्स को धीरे-धीरे दबाना शुरू किया। तो में जैसे नींद से जगा हूँ वैसे बैठ गया। तब भाभी बोली कि क्या हुआ? तो तब मैंने कुछ नहीं कहा। फिर भाभी ने मुझे सुला दिया और मुझसे चिपककर सो गई और बिना बोले अपना ब्लाउज खोलकर मेरे मुँह को अपने बूब्स के पास रख दिया और धीरे से फुंसफुसाकर बोली कि दूध पी लो। अब मेरा तो मन कर रहा था तो मैंने उसके बूब्स को पीना शुरू किया और फिर भाभी ने मेरे लंड को फिर से सहलाना शुरू किया। तब में धीरे से बोल पड़ा कि भाभी क्या हम चुदाई करने वाले है? तो तब भाभी ने सिर्फ़ हाँ कहा और मुझे जोर से जकड़ लिया। तो तब मैंने कहा कि मैंने कभी चुदाई नहीं की है। तो वो थोड़ा हंस पड़ी और बोली कि सीख जाओगे।

loading...

फिर भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर करके मेरे हाथ को अपनी चूत पर रख दिया। उनकी चूत की जगह पर बाल थे और में सिर्फ़ वहाँ अपने हाथ से सहला रहा था। तब भाभी बैठ गई और अपना सिर झुकाकर मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब में तो और गर्म हो गया था और उतने में ही मेरे लंड ने जवाब दे दिया। अब मेरा सारा पानी भाभी के मुँह में चला गया था और मेरा लंड सिकुड़ने लगा था, लेकिन भाभी ने उसे छोड़ा नहीं और फिर से मेरा लंड चूसने लगी थी। फिर थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से तन गया। तब भाभी बोली कि ऊपर आ जा। तो में उनके ऊपर सवार हो गया, लेकिन मुझे तो चूत का रास्ता ही नहीं मिल रहा था। अब में तो सिर्फ़ अपने लंड को उनकी चूत पर दबाकर रगड़ ही रहा था। तब भाभी फिर से हंस पड़ी और मुझसे बोली कि थोड़ा ऊपर हो जा और फिर उन्होंने हम दोनों के बीच में अपना एक हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुँह पर रख दिया और बोली कि धीरे से धक्का लगाओ।

फिर मैंने जैसे ही धक्का लगाया तो जोश में पूरा लंड अंदर हो गया। तो तभी भाभी की सिसकारी निकल गई। अब में जैसे स्वर्ग में पहुँच गया था। अब ऐसा लग रहा था जैसे मेरे लंड के आस पास मखमल  की मखमली गीली दीवारे है, जिन्होंने मेरे लंड को जकड़ लिया है। तब मैंने अंजाने में ही धक्के लगाने चालू कर दिए। तब भाभी बोलती ही रही धीरे-धीरे, लेकिन मेरे जोश के आगे उनकी कुछ नहीं चली और में सिर्फ़ 3 मिनट में फिर से झड़ गया, लेकिन इस बार जब में खलास हुआ तो मेरे लंड से ढेर सारा पानी निकला और भाभी की चूत भर गई थी। फिर में तो उन पर ही पड़ा रहा, लेकिन भाभी ने मुझे अपने हाथों से मेरी पीठ सहलाते हुए बताया कि तुम नये खिलाड़ी हो और जोश में ऐसा कर बैठे, लेकिन अबकी बार जब करो तो सब्र से करना नहीं तो लड़की को कोई संतुष्टि नहीं मिलेगी और लड़की अधूरी रह जाएगी। अब हम लेटे-लेटे बातें कर रहे थे और भाभी मुझे चोदने के तरीके बता रही थी ।।

धन्यवाद …

इस कहानी को Whatsapp और Facebook पर शेयर करें ...

Comments are closed.