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भाभी जान के साथ वादा

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प्रेषक : लकी …

हैल्लो दोस्तों, मेरे परिवार में मेरे 2 बड़े भाई, में और मम्मी है। मम्मी सबसे बड़े भाई के साथ दिल्ली रहती है और मेरा भाई शादीशुदा है और दूसरे भाई की भी शादी 6 महीने पहले हुई है। में उनके साथ इंदौर में रहता हूँ, में वहाँ अपनी पढ़ाई की वजह से उनके साथ रहता हूँ। भाई सुबह फेक्ट्री चले जाते है और में भी कॉलेज चला जाता हूँ। मेरा भाई शाम को 6-7 बजे तक आते है। में दोपहर को कॉलेज के बाद घर पर ही रहता हूँ। मेरी और भाभी की आपस में बहुत बनती है, हम लोग भाई को बताकर अक्सर कॉलेज के बाद घूमने के लिए चले जाते है या भाभी को शॉपिंग के लिए जाना होता है तो में उनके साथ जाता हूँ। हम लोग अक्सर फिल्म भी देखने जाते है। में भाभी का देवर कम और दोस्त ज़्यादा हूँ और हम आपस किसी भी तरह की बात करते है जैसे कि दोस्तों में होती है और हाँ मैंने आपको यह तो बताया ही है कि भाभी गजब की ब्यूटिफुल है, उनका फिगर साईज 30-36-35 है, उनकी उम्र केवल 23 साल है।

फिर पता नहीं मुझे क्या हुआ? कि में भाभी को जब भी झाड़ू लगाती या कुछ भी काम झुककर करती तो उनके बूब्स को देखने लगा। में अपने आपको बहुत समझाता था, लेकिन मुझे जाने क्या हुआ था? मुझे यह डर रहता था कि कहीं भाभी मुझे ऐसे देखते हुए ना भाँप ले इसलिए में नजर बचा लेता था। मैंने कई बार भाभी को नंगा भी देखा था। उनका फिगर आकर्षक है, लेकिन मैंने कभी उनके लिए चुदाई की नहीं सोची थी मगर उनके बूब्स पर मेरी नियत खराब हो गयी थी। अब में उनके बूब्स को सक करना चाहता था।

फिर एक बार में और भाभी शॉपिंग काम्पलेक्स गये थे। भाभी को कुछ प्राइवेट चीजे खरीदनी थी, यानी कि वही अंडरगार्मेंट। तो तब भाभी मुझसे बोली कि जरा जाकर कार से मेरा मोबाईल ले आना, में वही भूल गयी हूँ। अब में समझ तो गया था, लेकिन में चला गया। फिर जब में मोबाईल लेकर लौटा, तो तब भाभी सीढियों से नीचे आ रही थी, तो में रुक गया, क्योंकि अब घर जाना था। तो तब इतने में भाभी आखरी की 3 सीढ़ियों से स्लीप हो गयी, तो में जल्दी से भाभी के पास गया। तो तब भाभी ने कहा कि में ठीक हूँ। फिर जब वो खड़ी हुई तो तब उनसे चला नहीं गया। तो तब उन्होंने मेरे कंधे का सहारा लिया और ऐसे ही कार तक गयी। अब मुझे उनका एहसास बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, उनका कोमल बदन मेरे बदन से सटा हुआ था। फिर वही से में उन्हें डॉक्टर के यहाँ ले गया। वहाँ डॉक्टर ने कहा कि इनके पैर में मोच आ गयी है। फिर उन्होंने एक मरहम दे दिया और कुछ दवा भी दी और फिर हम घर आ गये। अब इसका पता लगते ही भाई भी घर आ गये थे।

फिर अगले दिन भाई ने कहा कि में ऑफिस नहीं जा रहा हूँ। तो तब भाभी ने कहा कि इतनी बड़ी चोट नहीं है, आप ऑफिस जाओ, लकी तो यहाँ है ही, क्यों लकी जी? तो तब मैंने कहा कि भाई में आज कॉलेज नहीं जाऊँगा। तो तब मेरे भाई ने कहा कि ठीक है और फिर वो फेक्ट्री चले गये। अब भाभी को बाथरूम जाना था। फिर भाभी मुझसे सहारा लेकर बाथरूम गयी। मुझे उनका स्पर्श बहुत अच्छा लगता था, अब बीच-बीच में कभी-कभी उनके बूब्स से भी टच कर जाता था। अब भाभी भी यह सब समझ रही थी। फिर भाभी ने कहा कि जरा मेरे कपड़े यहाँ बाथरूम में रख दे, में नहाने के लिए जा रही हूँ। तो तब मैंने कहा कि भाभी में भी चलूं। तो तब भाभी बोली कि लकी तू बदमाश हो गया है। तो तब मैंने कहा कि नहीं भाभी जस्ट मज़ाक कर रहा था। तो तब भाभी बोली कि हाँ में सब समझती हूँ कि तू कब किस चीज का लाभ उठाता है? तो तब मैंने कहा कि क्या मतलब भाभी? तो तब भाभी बोली कि कुछ नहीं चल मुझे बाथरूम तक ले चल।

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फिर मैंने फिर से मौका देखकर हल्का सा टच कर दिया। इस बार भाभी ने कह ही दिया देखा तूने मेरी मजबूरी का लाभ उठा लिया ना, फिर से वहाँ टच कर दिया ना। तो तब मैंने कहा कि नहीं भाभी, सॉरी भाभी। तो तब भाभी ने कहा कि चल रहने दे, जा अब मुझे नहाने दे या यही खड़ा रहेगा, चल निकल। फिर जब भाभी नहाकर बाहर निकली तो क्या लग रही थी? फिर में इस बार अपने आपको रोक ना सका और भाभी को सहारा देता हुआ जब उनके बेडरूम में लेकर गया। तब उनके वहाँ बैठते ही मैंने भाभी से कहा कि भाभी बुरा ना मानना और अब इससे पहले की भाभी कुछ समझ पाती मैंने उनके बूब्स को नाइटी के ऊपर से हल्का सा दबा दिया। तब भाभी एकदम से सकपका गयी और बोली कि लकी क्या कर रहा है? तो तब मैंने कहा कि भाभी सिर्फ़ एक बार में इन्हें पीकर चला जाऊँगा। तब भाभी ने कहा कि हट यहाँ से, लेकिन में नहीं माना। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर तब उन्होंने मुझे धक्का दे दिया और गुस्से में घूरने लगी, तो में वहाँ से बाहर आ गया। अब मुझे डर था कि भाभी भाई से ना कह दे। तभी इतने में भाभी ने मुझे बुलाया और कहने लगी कि में तुम्हारे भाई से कुछ नहीं कहूँगी मगर एक शर्त पर कि अब तुम कभी ऐसा कुछ नहीं करोंगे। तो तब मैंने कहा कि भाभी यह तो ठीक है, लेकिन आप हो ही इतनी ब्यूटिफुल कि में अपने आपको रोक नहीं पाता हूँ इसका में क्या करूँ? यह तो सब जानते है कि लड़कियों को अपनी तारीफ सुनना पसंद होता है। तो इतना कहते हुए मैंने भाभी के एक बार फिर से बूब्स दबा दिए, मुझे उस दिन जाने क्या हो गया था? अब में भाभी के बूब्स के पीछे पड़ा हुआ था। तब भाभी के इस बार बूब्स दबाने पर भाभी ने हल्का ही विरोध किया और इससे प्रेरित होकर मैंने उनकी नाइटी में अपना एक हाथ डाल दिया मानो भाभी को किसी ने चाकू मार दिया हो। अब मेरा हाथ लगते ही भाभी सीधी बेड पर लेट गयी थी।

फिर क्या था? मैंने उनकी नाइटी ऊपर से उतार दी और भाभी के बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और इतना चूसा की उनके निपल बिल्कुल सीधे खड़े होकर लाल हो गये थे। तभी भाभी बोली कि चल अब तू मेरी चूत भी तो चूस। तो तब मैंने मना कर दिया। तो तब उन्होंने कहा कि ला में कुछ करती हूँ और फिर उन्होंने मेरी पेंट की चैन खोलकर मेरा 7 इंच का लंड जो कि पूरी तरह से खड़ा था, उसे अपने मुँह में ले लिया और फिर उन्होंने उसे 2 मिनट तक ही चूसा और फिर मुझसे अपनी चूत को चूसने के लिए कहा। तो तब में इस बार मान गया और सच में उनकी चूत चूसने में तो बूब्स से भी ज़्यादा मज़ा आया था। अब में उसके अंदर घुसा जा रहा था। अब भाभी भी हल्की-हलकी सिसकारियाँ भर रही थी। अब में पूरे जोश से चूस रहा था कि तभी भाभी बोली कि बस अब रुक जा वरना काम बिगड़ जाएगा, तो में रुक गया। फिर भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया। तो तब 2 मिनट के बाद मैंने कहा कि भाभी रुक जाओ वरना काम बिगड़ जाएगा। अब भाभी समझ गयी थी और रुक गयी थी।

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फिर मैंने उनके रसीले होंठो का भी सेवन किया, वाह क्या मज़ा था उस किस में? अब भाभी ने तो मेरी साँस फुला दी थी और मुझे आज़ाद करके खूब हंस रही थी और बोली कि क्यों देवर जी? क्या हुआ हवा निकल गयी? में एक शादीशुदा औरत हूँ और इस काम में एक्सपर्ट हूँ। फिर इसके बाद भाभी ने कहा कि चल अब आगे का काम पूरा करते है और फिर भाभी ने मुझसे पूछा कि तेरा लंड कभी किसी चूत में गया है क्या? तो तब मैंने कहा कि नहीं। तब भाभी बोली कि चल आजा और फिर भाभी ने अपनी दोनों टागें खोल दी। फिर मैंने उसके अंदर अपना लंड घुसाना शुरू किया तो कुछ देर तक मेहनत करने के बाद मेरा लंड पूरा भाभी की चूत के अंदर चला गया था। अब भाभी कुछ तकलीफ में थी मगर उन्होंने मुझसे कहा कि चल अब धक्के लगा। तब मैंने कुछ ही धक्के लगाए कि मेरा वीर्य निकल गया।

अब भाभी पूरे जोश में थी। अब भाभी गुस्से से भर गयी थी और मुझसे बोली कि तूने यह आग लगाकर क्या कर दिया? अब में क्या करूँ? और फिर बोली कि चल कोई बात नहीं इसे दुबारा खड़ा करती हूँ और इतना कहकर उन्होंने मेरा सोया लंड अपने मुँह में ले लिया, तो थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। फिर इस बार भाभी ने कहा कि थोड़ा सा सब्र करके आराम से करना। फिर इस बार मैंने भाभी की चूत के अंदर अपना लंड डालकर खूब धक्के लगाए, तो इस बार भाभी परेशान हो गयी। अब मुझे इतनी देर हो गयी थी कि भाभी 2-3 बार झड़ चुकी थी। तब भाभी बोली कि मुझे माफ़ कर दे, अब तो निकल जा, इस बार तो तुने मेरी चूत की सत्यानाश कर दिया। तभी इतने में मेरा वीर्य भी भाभी के अंदर ही निकल गया। फिर में उनके ऊपर कुछ देर तक ऐसे ही लेटा रहा। फिर भाभी बोली कि जो आज हुआ है यह अब कभी नहीं होगा वादा कर। तो तब मैंने वादा कर लिया और वहाँ से बाहर आ गया ।।

धन्यवाद …

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