रोजाना नई सेक्स कहानियाँ

बहन की सील तोड़कर गांड मारी

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प्रेषक : सलीम …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सलीम है। दोस्तों मैंने अपने लंड से सदिया की सील तोड़ी और जब में सादिया को चोदकर झड़ गया, तो फिर में बाथरूम में गया और अपने लंड और जिस्म पर लगे खून को धोकर साफ किया और जब बाहर आया तो मैंने देखा कि सादिया अभी तक बिस्तर पर पड़ी थी और उसमें उठने की भी हिम्मत नहीं थी। फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बाथरूम में ले जाकर उसकी चूत और जिस्म पर लगा हुआ खून और मेरे माल को साफ किया। अब साफ करते-करते एक बार फिर से मेरा लंड उसकी गोरी और साफ चूत देखकर खड़ा होना शुरू हो गया था। में उसे गोद में उठाकर बाहर लाया और बिस्तर पर लेटा दिया और कपड़े से उसकी चूत को अच्छी तरह से साफ किया।

मेरा लंड अभी तक खड़ा हुआ था और सादिया के हाथ में था, अब वो उसे आगे पीछे करके खेल रही थी। फिर मैंने सोचा कि उसे दोबारारा चोद दूँ, लेकिन उसकी हालत देखकर सोचा कि कहीं उसे कुछ हो ना जाए। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और 69 की पोज़िशन में होकर उसकी चूत चाटने लगा। फिर करीब 10 मिनट के बाद वो झड़ गई, लेकिन में अभी तक नहीं झड़ा था इसलिए मैंने उसकी चूत को चाटना जारी रखा और उसने मेरा लंड चूसना जारी रखा। फिर क़रीब 20 मिनट के बाद वो फिर से झड़ गई और अब में भी झड़ने ही वाला था और फिर में उसके मुँह में ही झड़ गया। फिर उसके बाद हम दोंनों एक दूसरे को लिप किस करते हुए नंगे ही सो गये।

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फिर सुबह जब मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि वो अभी तक सो रही थी। फिर मैंने घड़ी पर नजर डाली तो मैंने देखा कि 11 बज रहे थे। अब मेरा आज का पेपर मिस हो गया था, लेकिन में खुश था कि में अपनी बहन को चोदने के इम्तिहान में कामयाब हो गया हूँ। फिर मैंने उठकर नाश्ता बनाया और फिर सादिया को भी जगाया। अब उसकी हालत पहले से बेहतर थी और फिर हम दोनों ने एक साथ नाश्ता किया और नाश्ते के दौरान भी हम एक दूसरे से खेलते रहे। अब हमने यह फ़ैसला किया था कि अपने घरवालों के वापस आने तक हम दोनों घर में नंगे ही रहेंगे और एक दूसरे से मज़े लेते रहेंगे। फिर नाश्ते के बाद मैंने उसे फिर से बिस्तर पर लेटा दिया और उसे किस करने लगा। अब मेरा लंड जो नाश्ते के बाद सो गया था, वो फिर से जाग गया और अपने पूरे मूड में आ गया था। फिर मैंने सादिया से कहा कि में उसे दुबारा चोदना चाहता हूँ। फिर वो कहने लगी कि मुझे अभी तक रात की चुदाई का दर्द है इसलिए अभी नहीं, शाम को चोदना। फिर मैंने कहा कि ठीक है तो फिर में तुम्हारी गांड मार लेता हूँ, जिस पर वो पहले तो नहीं-नहीं करने लगी और फिर तैयार हो गई। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने वेसलिन की शीशी उठाकर उसे अपने लंड और उसकी गांड के छेद में अच्छी तरह से लगाया और फिर अपनी उंगली उसकी गांड में डालकर आगे पीछे करने लगा। फिर पहले तो उसे थोड़ी तकलीफ़ हुई और फिर उसको भी मज़ा आने लगा और वो कहने लगी और जोर से करो। फिर मैंने अपनी दूसरी उंगली भी उसकी गांड के छेद में डाल दी और आगे पीछे करने लगा। फिर कुछ देर के बाद जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने उसकी चूत के छेद में अपना लंड डालना शुरू किया। अभी मेरे लंड का टोपा ही थोड़ा सा अंदर गया था कि वो दर्द से चीख पड़ी और कहने लगी बाहर निकालो। फिर मैंने कहा कि डार्लिंग थोड़ी देर बर्दाश्त करो। फिर बड़ा मज़ा आएगा और उसका मुँह तकिए पर दबाकर एक जोरदार झटका दिया, तो मेरा 3 इंच लंड उसकी गांड में घुस गया और वो दर्द से तड़पने लगी और रोने लगी। फिर में अपना लंड उसी पोज़िशन में रखकर उसके ऊपर लेट गया और उसके बूब्स दबाने लगा। फिर कुछ देर के बाद उसे राहत मिली।

फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसकी गांड मारनी शुरू की और फिर जोर-जोर से मारनी शुरू कर दी। अब उसे भी मज़ा आ रहा था और अब में तो बहुत ज़्यादा इन्जॉय कर रहा था। फिर करीब आधे घंटे के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया और उसकी कमर पर किस करता रहा और उसके बूब्स को दबाता रहा। फिर कुछ देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और मैंने थोड़ी देर के बाद उसकी गांड फिर से मारनी शुरू कर दी। अबकी बार मैंने 45 मिनट तक उसकी गांड मारी और उसके बाद उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वो मेरे माल और उसकी गांड के अंदर की गंदगी से भरा हुआ था और सख़्त बदबू मार रहा था, लेकिन इस बदबू में भी एक सेक्स था। फिर में उठकर बाथरूम में गया और अपने लंड को अच्छी तरह से साफ किया और बाहर आकर उसकी गांड को टिस्सू पेपर से अच्छी तरह से साफ किया और फिर उसके साथ ही लेट गया ।।

धन्यवाद …

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