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आंटी ने लंड का बुरा हाल बनाया

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प्रेषक : मलिक …

हैल्लो दोस्तों, में चोदन डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ और मुझे इसकी सारी कहानियाँ बहुत पसंद है। मेरा नाम मलिक है और में आज पहली बार अपना अनुभव लिख रहा हूँ और अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मुझे उम्मीद है कि मेरी यह कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी। एक बार मेरे बगल वाले घर में एक फेमिली कुछ महीनों के लिए नये-नये रहने आई हुई थी। उस फेमिली में मिया बीवी और उनका 18 साल का लड़का था, जो कि 8वीं क्लास में पढ़ता था, उनका लड़का स्कूल के बोर्डिंग हाउस में रहकर पढ़ाई करता था और इस वक़्त वो गर्मियों की छुट्टियों में आया हुआ था। में लड़के के पापा इब्राहिम ख़ान जो कि करीब 45 साल के थे, उनकी दूसरी शादी हुई थी, उनकी पहली वाईफ मर चुकी थी, वो सरकारी मुलाज़िम थे। अब हम दोनों सरकारी मुलाज़िम होने की वजह से एक दूसरे के घर आकर गप्पे मारा करते थे या फिर टेबल टेनिस खेला करते थे। में उन्हें अंकल कहकर बुलाता था और उनकी बीवी को आंटी कहता था। अंकल आंटी को चोद नहीं पाते थे, उनकी वाईफ काफ़ी सेक्सी थी, उनके बड़े-बड़े चूतड़ और बूब्स को देखकर किसी का भी दिल उनको चोदने के लिए तड़प उठता था। वो अक्सर मुझे सेक्सी निगाहों से देखती थी, कभी-कभी तो उसके आँखे सेक्स से भरी नजर आती थी और बातें करते हुए मुझे देखकर कभी-कभी अपने होंठो को अपने दाँतों से दबाती थी, तो कभी-कभी अपने होंठो पर बार-बार अपनी जीभ फैरती थी।

फिर एक दिन बातों-बातों में उन्होंने कहा कि मलिक बेटा फहद (उनके लड़के का नाम है) के पापा को तो वक़्त नहीं मिलता है और अगर तुम्हारे पास टाईम हो तो शाम को उसे गणित पढ़ा दिया करो। तो तब मैंने कहा कि मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है, में शाम को दफ़्तर से आने के बाद उसको पढ़ाने आपके घर आ जाऊंगा। फिर में रोज शाम को आंटी के घर फहद को पढ़ाने जाने लगा। अब मेरी आंटी से काफ़ी बात होने लगी थी। अब में जब भी उसके लड़के को पढ़ाता तो वो मेरे पास ही बैठी रहती थी। अब मैंने उसकी तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था। तो तब मैंने महसूस किया कि वो अब मेरे सामने काफ़ी सेक्सी कपड़े पहनती थी। फिर जब कभी वो लो-कट कमीज पहनती है तो उसका गला काफ़ी कसा हुआ होता था, जिसकी वजह से उसके 40 साईज के बूब्स तने हुए रहते थे और उसकी सलवार भी चूतड़ों पर भी काफ़ी कसी हुई रहती थी। उसके बूब्स बहुत बड़े-बड़े थे, जिसे देखकर ही मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो जाता था और जब कभी वो सलवार पहनती थी, तो वो भी बहुत कसी हुई होती थी और कमीज लो-कट वाले गले से उसके बूब्स बहुत ही सेक्सी लगते थे और उसकी गांड भी एकदम कसी हुई रहती थी, उसकी गांड का साईज भी 44 था और कमर 34 थी।

फिर पूरी की पूरी जबरदस्त माल लगती थी। अब मेरा मन करता था कि जाकर दबोच लूँ और अपना लंड उसकी गांड और चूत में पेल दूँ, लेकिन डर के मारे मेरी हिम्मत नहीं बढ़ रही थी। फिर एक दिन जब में उसके लड़के को पढ़ा रहा था, तो वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी। उस दिन उसने गुलाबी रंग की सलवार कमीज पहनी हुई थी और बहुत ही कसी हुई लो-कट गले वाली कमीज पहनी हुई थी, ऐसा लगता था कि वो उसके बूब्स के साईज से काफ़ी छोटी कमीज थी। अब में थोड़ी-थोड़ी देर में आंटी पर नजर डाल रहा था, तो कभी-कभी उससे नजर भी मिल जाती थी तो वो सिर्फ़ मुस्कुरा देती थी। उस दिन वो कोई किताब पढ़ रही थी। फिर जैसे ही फोन की घंटी बजी तो उसके हाथ से किताब गिर गई, तो वो उसको उठाने की लिए झुकी, उउउफफ्फ क्या गजब का नज़ारा था? एकदम कसे हुए दो बहुत ही मोटे- मोटे बूब्स मेरे सामने थे। उसने कमीज बहुत ही लो-कट की पहनी थी तो उसके बूब्स का काफ़ी वजन दिखाई दे रहा था।

फिर जब मेरी और उसकी नजर आपस में मिली तो वो समझ गयी थी कि में बड़े गौर से उसके बूब्स को देख रहा हूँ। तब वो मुस्कुराकर फिर से किताब लेकर पढ़ने लगी, लेकिन उसने अपना दुप्पटा ऊपर नहीं किया था। अब उसके कसे हुए मोटे बूब्स उसकी कमीज से साफ-साफ दिख रहे थे। फिर वो ऐसे ही काफ़ी देर तक पढ़ती रही और मेरे लंड का बुरा हाल बना रही थी। फिर वो बाद में उठकर चली गयी। फिर अगले हफ्ते जब में उसके घर गया तो पता चला कि उसका लड़का अपने फ्रेंड के बर्थ-डे में गया हुआ था इसलिए मैंने आंटी से कहा कि ठीक है तो में चलता हूँ। तब वो बोली कि चले जाना थोड़ी देर रूको तो सही, तो में रुक गया। फिर मैंने उसको गौर से देखा, तो उसने आज ब्लेक कलर की टाईट कमीज पहनी हुई थी और उसके अंदर का सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था, क्योंकि उसने वाईट कलर की ब्रा पहनी हुई थी और वाईट कलर की पेंटी भी पहनी हुई थी। उसकी पेंटी तो उसके चूतड़ों में एकदम फंसी हुई थी, ऐसा लगता था कि वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी हो।

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अब मेरा तो लंड पूरी तरह से तन गया था, जो मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड का तना हुआ उभार साफ- साफ दिख रहा था। अब वो भी मेरे लंड को ही काफ़ी ध्यान से देख रही थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम कुछ लोगे? तो तब मैंने कहा कि कोल्डड्रिंक, तो वो कोल्डड्रिंक लाने के लिए चल दी। अब में उसके चूतड़ों को देख रहा था, जो कि इधर उधर मटक रहे थे। फिर वो कोल्डड्रिंक लेकर आई और मुझे दिया और देने के लिए झुकी तो मुझे उसके बूब्स की दरार दिखाई देने लगी। अब में उसको ही देखने लगा था और ड्रिंक लेना ही भूल गया था, तो वो भी कुछ नहीं बोली। अब उसको पता चल गया था कि में उसके बूब्स को देख रहा हूँ। फिर मुझे याद आया कि मुझे ड्रिंक लेना है तो मैंने जल्दी से ले लिया। फिर वो मुस्कुराते हुए बोली कि उूउउफफ्फ मलिक बेटा आराम से ले लो, कोई जल्दबाज़ी नहीं है। अब में उसकी बात सुनकर हैरान रह गया था। अब में समझ गया था कि वो भी तैयार है। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो मेरे पास में आकर बैठ गयी और में उसके कंधे पर अपना एक हाथ रखकर उसके बूब्स को सहलाने और दबाने लगा था और फिर वो अपना दुप्पटा उतारने लगी। तब मैंने कहा कि अभी नहीं मेरी जान, में तुझको अपने हाथों से नंगा करूँगा। तब वो बोली कि हाँ ये भी ठीक है, मुझको नंगा करते वक़्त तुम अच्छे से मेरी प्यासी चूत का मज़े ले लेना। अब आज मेरी दिल की मुराद पूरी हो रही थी, उसका बदन वाकई में काफ़ी गजब का था, एकदम मुलायम चिकना। अब उसको सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि मैंने उसकी कमीज उतार दी थी। अब वो सिर्फ़ ब्रा और सलवार ही पहने हुई थी, हाए वो क्या गजब का माल लग रही थी? फिर मैंने उसके होंठ चूमने शुरू किए और उसके बूब्स को भी दबाने लगा था। अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी। फिर उसने मेरी शर्ट और पेंट उतार दी। अब में सिर्फ़ अंडरवियर में था। फिर वो मेरे खड़े हुए लंड को देखने लगी जो मेरी अंडरवेयर में से बाहर आ गया था।

फिर वो मेरे लंड को देखकर बोली कि मलिक वाकई में तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है, तुम्हारा लंड चूत में लेकर इस प्यासी चूत की प्यास बुझा दूँगी। ख़ैर फिर उसने धीरे से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसको चूसने लगी थी। अब मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था। फिर मैंने भी धीरे से उसकी सलवार और पेंटी उतार दी और फिर उसकी ब्रा भी उतार दी। अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और बहुत ही गजब की लग रही थी। फिर मैंने भी उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। अब वो काफ़ी तड़प रही थी और मेरा लंड भी तना जा रहा था। फिर में उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत से टिका दिया और कस-कसकर उसके बूब्स को रगड़ने लगा था। अब वो सिसकारियाँ ले रही थी सीईईईईई मेरे राजा, अब जल्दी से पेल डालो, अब मुझको मत सताओ, चोद दो मेरी इस चूत को, साली बहुत तरसी है तुम्हारे लंड के लिए, अब फाड़ दो इसको। अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था तो मैंने अपना लंड झटके से उसकी कसी हुई चूत में घुसा दिया। फिर वो धीरे से कहराई हाईईईई रे फाड़ डाला, आह, अब मेरे लंड का टोपा अंदर घुस गया था।

फिर में थोड़ी देर तक बिना कोई हरकत किए ऐसे ही पड़ा रहा और उसके होंठो को चूमते हुए उसके बूब्स के निप्पल को सहलाता जा रहा था। अब वो भी काफ़ी गर्म हो चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर एक ज़ोर का धक्का मारा तो मेरा लंड पूरा का पूरा अंदर घुस गया। फिर वो और कहराई हाईईईई रे मार डाला रे, फाड़ दी हाईईईईईई मेरी चूत। अब में कस-कसकर धक्के लगाने लगा था। अब वो भी मस्त हो गयी थी और पता नहीं क्या-क्या बोल रही थी? हाईईईईईईई रे मारा डाला जालिम, बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा और कसकर पेल डालो, हाँ ऐसे ही चोदो, हाईईई, सीईईईईईई, उईईई, मज़ा आ रहा है, हाईई और कसकर, फाड़ डालो मेरी चूत को, साले अब देखती हूँ कितना दूध पिया है तूने अपनी माँ के बूब्स का, अब मेरा पीकर दिखा।

अब में भी जोश में आ गया था और ये सुनकर और भी जोश में चढ़ गया था और उससे बोला कि साली कुत्तियाँ चुप हो, चुदती रह मादरचोद, फाड़ डालूँगा तेरी चूत, समझी रंडी, साली। अब वो और भी मस्त हो गयी थी और कराह रही थी हाईईई, सीईईईईईईई और पेलो राजा, आआआहह मज़ा आ गया रे और कसकर चोद मुझको, फाड़ डालो मेरी चूत को, उईईईईई, सस्स्स, हाईईईई रे, उईईईईइ माँ, आआआ में मरी, हाईईईईईई। अब मुझको उसे चोदते हुए 30 मिनट हो गये थे, वो अब तक कई बार झड़ चुकी थी। तभी मेरा ध्यान उसकी गांड पर गया तो मैंने उसका छेद छूकर देखा तो मुझे बड़ा कसा हुआ लगा। फिर तब उसने पूछा कि अब क्या इरादा है? गांड भी मारेगा क्या मेरी? तो तब मैंने कहा कि हाँ बिना चोदे तो नहीं छोडूंगा तुझको और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाल लिया और उसे कुत्तियाँ की तरह खड़ा कर दिया। अब मुझे उसकी गांड का गुलाबी छेद साफ दिख रहा था। अब मेरा लंड उसकी चूत के पानी से पहले से ही गीला था तो मैंने उसकी गांड से अपना लंड सटा दिया और हल्के से एक धक्का लगा दिया तो मेरा लंड 2 इंच उसकी गांड में घुस गया। फिर वो चिल्ला उठी आह में मररररर गयी रे, हाईई बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और फिर से एक धक्का लगा दिया और बार-बार धक्के लगाने लगा था।

फिर 10 मिनट के बाद वो थोड़ी नॉर्मल हो गयी। अब उसको भी मज़ा आ रहा था। अब वो सिसकने लगी थी हाईईईईई रे इसमें तो चूत से भी ज़्यादा मज़ा आता है और कसकर पेल मेरे राजा, हाईईईई रे बहुत मजा आ रहा है, सीईईईई, हाईईई, चोद दो, सीईईईईई और कसकर, उईईईईईई माँ, आआआ, बहुत मजा आ रहा है और अब में उसको चोदता ही जा रहा था। फिर मैंने करीब 20 मिनट तक उसको चोदा। अब मेरा लंड झड़ने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, साली क्या मस्त गांड है तेरी? अब तो तू मेरी हो गयी है, अब रोज तेरी कसकर चुदाई किया करूँगा, साली, रंडी, तू बहुत मस्त औरत है, हाए मज़ा आ गया, हाईईईईईईई रे मेरा निकलने वाला है रे और फिर मेरा पानी उसकी गांड में ही निकल गया। फिर हम काफ़ी देर तक चिपककर लेटे रहे और थोड़ी देर के बाद में उठा और अपने कपड़े पहन लिए तो तब वो बोली कि राजा अब तो मेरी रोज चुदाई करनी पड़ेगी। फिर तब मैंने कहा कि ठीक है करूँगा मेरी रानी और फिर उसके बाद मैंने उसे खूब जमकर चोदा और हम दोनों ने खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …

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